फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   train,death

ट्रेन की चपेट में आकर घायल हुए युवक की मौत

Fri, 19 Nov 2021 11:45 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 11:45 PM IST
विज्ञापन
train,death
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

लार/सुतावर। गोरखपुर छपरा रेलखंड पर नोनापार गांव के सामने ट्रेन की चपेट में आने से लार नगर के दक्षिण मोहल्ला निवासी विशाल गोंड (20) गंभीर रूप से घायल हो गया था। भटनी पुलिस ने युवक को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लार नगर के दक्षिण मुहल्ला निवासी संतोष गोंड के पुत्र विशाल गोंड घर पर रह कर ई रिक्शा चला परिवार का भरण पोषण करते थे। बृहस्पतिवार को मां के कहने पर लार रोड से ट्रेन पकड़ बीमार नाना को भटनी थाना क्षेत्र के दनउर गांव देखने जा रहे थे। अभी ट्रेन गोरखपुर छपरा रेलखंड पर नोनापार गांव के सामने पहुंची थी। तभी कोच के गेट पर बैठा विशाल ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर से रक्तस्राव हो रहा था। ट्रेन चालक की सूचना पर पहुंचे भटनी स्टेशन अधीक्षक परशुराम त्रिपाठी ने घटना की जानकारी भटनी पुलिस को फोन कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना देते हुए आनन फानन में एंबुलेंस से घायल युवक को जिला अस्पताल भेजा। देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। विशाल चार भाई बहन में दूसरे नंबर का था। उससे छोटा भाई सुजीत गोंड है। बड़ी बहन की शादी भी दनउर हुई है। सबसे छोटी बहन बुच्ची है। मौत की सूचना मिलते ही शकुंतला देवी गश खाकर गिर गई। मौजूद महिलाएं उन्हें संभाल रही थी। बेटे की मौत की जानकारी पर पिता संतोष मुंबई से रवाना हो गए। भटनी एसओ गोपाल पांडेय ने बताया कि युवक घायलावस्था में गोरखपुर छपरा रेल खंड पर नोनापार गांव के सामने मिला था। उसे जिला अस्पताल भेजवाया गया।
विज्ञापन

छोटी सी उम्र में संभाल ली थी जिम्मेदारी
लार। परिवार की मुफलिसी देख विशाल छोटी सी उम्र में ही अपनी जिम्मेदारी निभाने लगा। पिता उसके पहले घर पर ही रहते थे। ऐसे में परिवार चलाना कठिन होता था। यह देख वह परिवार को मुफलिसी के दौर से ऊपर उठाने के लिए लार बाजार में ई रिक्शा चलाने लगा। उसके मेहनत के बदौलत मुफलिसी के बादल छंटने भी लगे थे। वह अपने छोटे भाई सुजीत और बहन बुच्ची को भी नगर के एक विद्यालय में अच्छी शिक्षा दिला रहा था। भाई के मौत की सूचना मिलते ही बुच्ची बदहवास हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब हम केकर इंतजार करब..
लार। बेटे विशाल की मौत के बाद से मां शकुंतला देवी बदहवास पड़ी थीं। उनके पास पड़ोस की महिलाएं बैठ उनका ढांढस बंधा रहीं थीं। वह सुध आने पर चीखते हुए कह रही थी कि अब रतिया ले केकर इंतजार करब,बाबू आवत रहने हं त उनकी आसरा में दस बजे तक बइठल रहब। अब हम केकर इंतजार करब..। यह सुन मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed