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कागज में सिमट कर रह गया शहर का ट्रैफिक प्लान

Sat, 11 Dec 2021 11:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 11:30 PM IST
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traffic plan only in papers
कागज में सिमट कर रह गया शहर का ट्रैफिक प्लान
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यातायात माह में और छह माह पहले लोगों से सुझाव भी मांगे गए थे
शहर के कई मार्गों पर लगता है जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों ने कई बार प्लान बनाया, लेकिन व्यवस्था फेल ही साबित हुई। यातायात माह एवं इसके छह माह पहले भी लोगों से सुझाव मांगे गए थे। ट्रैफिक प्लान कागज में ही सिमटकर रह गया। शहर के कई मार्गों पर जाम लग रहा है। इससे पर्यटक एवं बिहार, बलिया, मऊ जाने वाले लोग परेशान हो रहे हैं।
यातायात माह नवंबर में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे भी किए गए। छह माह पहले व्यापारियों, आम जनता और बुद्धिजीवियों से शहर का यातायात सुधारने के लिए सुझाव लेकर शहर का ट्रैफिक प्लान धरातल पर उतारने की बात भी कही गई थी। जिले के कई कस्बों से भी सुझाव पुलिस के पास आए। करीब 87 लोगों ने बताया कि अगर यह काम हो जाए तो शहर में जाम नहीं लगेगा। इसमें कुछ मार्गों को वन वे, कॉमर्शियल भवन के पास पार्किंग, टेंपो और निजी बसों को बस स्टेशन तक न आने का सुझाव दिया था। इससे लोगों को जाम की समस्या से निजात पाने की उम्मीद जागी थी, लेकिन पूरा ट्रैफिक प्लान कागज में सिमट कर रह गया है। ट्रैफिक के लिए एक टीएसआई, 39 सिपाही और 40 होमगार्ड और पीआरडी जवान तैनात तो हैं पर कुछ खास असर नहीं है। इस संबंध में सीओ सदर श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि ट्रैफिक प्लान बनाया गया है। लोगों ने यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए सुझाव भी दिए हैं। कुछ सुझावों पर अमल करते हुए वनवे मार्ग किया गया है। जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
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ई-रिक्शा, ऑटो, निजी बसों पर रोक-टोक नहीं
देवरिया। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्लान तैयार करने वाले जिम्मेदारों की लचर कार्यशैली के कारण सिविल लाइंस रोड पर जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। ई-रिक्शा, ऑटो, निजी बसों पर रोक-टोक न होने के कारण जहां चाहें वहां सवारी उतारते और चढ़ाते हैं। बस स्टेशन की स्थिति यह है कि निजी बसों के अलावा ई रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी से जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। जाम की समस्या से निजात दिलाने के कई बार वाहन पार्किंग का प्लान तैयार किया गया। यहां तक कुछ जगहों का स्थलीय निरीक्षण भी आला अफसरों ने किया लेकिन अभी तक व्यवस्था नहीं हो पाई है। जबकि सभी चौराहों पर सिग्नल लगाने का प्रस्ताव करीब एक साल पहले बना था। इस दिशा में काम हवाहवाई साबित हो रहा है।
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बोले लोग-
शहर में केवल एक मुख्य मार्ग सिविल लाइंस है। इसी पर बलिया, गोरखपुर, वाराणसी, बरहज, सलेमपुर के रास्ते बिहार को जाने वाले वाहनों का दबाव रहता है। जब तक शहर के बाहर बाईपास मार्ग का निर्माण नहीं होगा, तब तक जाम की समस्या बनी रहेगी।
-राजन मणि, निजी बस संचालक
बाईपास मार्ग बनने से जाम की समस्या काफी कम हो जाएगी क्योंकि वाहनों का दबाव सिविल लाइंस रोड पर कम हो जाएगा। गली, मोहल्लों में अतिक्रमण के कारण जाम लग रहा है। कहीं वाहन पार्किंग की जगह नहीं है। निजी बसों के लिए स्टैंड बनाया जाना चाहिए।

-योगेंद्र यादव, निजी बस संचालक
ई-रिक्शा बस स्टेशन के पास जाकर सवारी भरते हैं और जाम लग जाता है। यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस और नगर पालिका दोनों को संयुक्त रूप से प्रयास करना होगा। इनके ऐसा करने से बस स्टेशन के आसपास जाम की समस्या आम हो गई है।
-रामकलेश तिवारी, टेंपो यूनियन
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