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सऊदी अरब में फंसे तीन युवक
अमर उजाला ब्यूरो/देवरिया
Updated Thu, 28 Jan 2016 11:48 PM IST
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नौकरी की चाह में सऊदी अरब गए तीन युवकों से बंधुआ मजदूर बनाकर काम लेने का मामला सामने आया है। इनमें दो देवरिया और एक युवक सिवान जिले के रहने वाले हैं।
युवकों के परिवारवालों ने केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र को पत्र भेजकर भारत वापसी की गुहार लगाई है। युवकों को भोजन पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
भटनी के पड़ौली गांव निवासी संदीप कुमार यादव, तरकुलवा के कनकपुरा निवासी मनोज कुमार कुशवाहा और सिवान जिले के बभनौली लंगरपुरा निवासी अमरनाथ माली परिवार की आर्थिक हालत सुधारने के लिए विदेश जाना चाहते थे।
परिजनों के अनुसार एजेेंट से संपर्क किया तो उसने प्लंबर का काम दिलाने का भरोसा दिलाकर सात माह पूर्व तीनों को सऊदी अरब भेज दिया।
एजेंट ने रहने और भोजन के इंतजाम कराने का भी वादा किया था। लेकिन वहां पर युवकों को प्लंबर की बजाय पेंटर का काम मिला। भोजन, रहने का इंतजाम भी नहीं किया गया।
शुरूआत में एक माह का वेतन मिला। उसके बाद वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। कांट्रेक्टर से वेतन मांगने पर उत्पीड़न किया जा रहा है। युवकों ने अपनी दास्तां अपने परिवारवालों को बताई।
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युवकों की हालत को लेकर चिंतित परिवारवालों ने केंद्रीय कलराज मिश्र को पत्र भेजकर वेतन दिलवाने और भारत वापसी के लिए गुहार लगाई है।
संदीप के पिता रामछबीला यादव और मनोज के पिता कैलाश कुशवाहा ने बताया कि वह अपने बेटों के जल्द से जल्द भारत वापसी चाहते हैं। इसके लिए वह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और डीएम से भी गुहार लगाएंगे।
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युवकों के परिवारवालों ने केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र को पत्र भेजकर भारत वापसी की गुहार लगाई है। युवकों को भोजन पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
भटनी के पड़ौली गांव निवासी संदीप कुमार यादव, तरकुलवा के कनकपुरा निवासी मनोज कुमार कुशवाहा और सिवान जिले के बभनौली लंगरपुरा निवासी अमरनाथ माली परिवार की आर्थिक हालत सुधारने के लिए विदेश जाना चाहते थे।
परिजनों के अनुसार एजेेंट से संपर्क किया तो उसने प्लंबर का काम दिलाने का भरोसा दिलाकर सात माह पूर्व तीनों को सऊदी अरब भेज दिया।
एजेंट ने रहने और भोजन के इंतजाम कराने का भी वादा किया था। लेकिन वहां पर युवकों को प्लंबर की बजाय पेंटर का काम मिला। भोजन, रहने का इंतजाम भी नहीं किया गया।
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शुरूआत में एक माह का वेतन मिला। उसके बाद वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। कांट्रेक्टर से वेतन मांगने पर उत्पीड़न किया जा रहा है। युवकों ने अपनी दास्तां अपने परिवारवालों को बताई।
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युवकों की हालत को लेकर चिंतित परिवारवालों ने केंद्रीय कलराज मिश्र को पत्र भेजकर वेतन दिलवाने और भारत वापसी के लिए गुहार लगाई है।
संदीप के पिता रामछबीला यादव और मनोज के पिता कैलाश कुशवाहा ने बताया कि वह अपने बेटों के जल्द से जल्द भारत वापसी चाहते हैं। इसके लिए वह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और डीएम से भी गुहार लगाएंगे।