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Deoria: फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे परिषदीय के तीन शिक्षक बर्खास्त, ऐसे हुआ भंडाफोड़
Mon, 30 May 2022 05:02 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 30 May 2022 05:02 PM IST
सार
बीईओ को विधिक कार्यवाही का निर्देश, फर्जीवाड़े में अब तक 59 की सेवा हो चुकी है समाप्त, जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात हैं सैकड़ों फर्जी शिक्षक, सत्यापन में लेटलतीफी का ले रहे लाभ।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
देवरिया जिले में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर परिषदीय स्कूलों में तैनात तीन शिक्षकों को सोमवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। सत्यापन में इनके प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। संबंधित खंड शिक्षाधिकारी को इनके खिलाफ विधिक कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है।
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बीएसए संतोष कुमार राय ने सोमवार को बताया कि देवरिया सदर क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय अगया में तैनात सहायक अध्यापक रामानुज मिश्र के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच एसटीएफ की ओर से कराई जा रही थी। विभागीय जांच में उनका बीएड का प्रमाण पत्र जो संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से बना है, सत्यापन में विश्वविद्यालय ने सूचित किया है कि वर्ष 1987 में उनके अनुक्रमांक 394 पर किसी अन्य छात्र का नाम अंकित है। ऐसे में संबंधित शिक्षक के बीएड शिक्षाशास्त्री के अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से तैयार कर नौकरी पाने की पुष्टि हुई है।
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इसी तरह देसही देवरिया के प्राथमिक विद्यालय नंद टोला के शिक्षक रितेश कुमार सिंह के प्रमाण पत्र मानव संपदा पोर्टल पर महाराजगंज जनपद के नौतनवा शिक्षा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुडिला के सहायक अध्यापक रितेश कुमार सिंह से मैच हुए हैं। उन्होंने बताया कि सत्यापन में पता चला है कि देवरिया में तैनात रितेश के शैक्षिक दस्तावेज के अनुसार मधुबन इंटर कॉलेज नौतनवां से हाईस्कूल वर्ष 1996 अनुक्रमांक 0997722 से उत्तीर्ण किया है। वहां के प्रधानाचार्य ने अवगत कराया है कि छात्र पत्रावली एवं स्थानांतरण प्रमाण पत्र में पता मुडिला, पोस्ट चड़लहा, महाराजगंज अंकित है।
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गोपनीय रुप से जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि रितेश कुमार सिंह पुत्र जयप्रकाश सिंह ग्राम मुडिला पोस्ट चड़लहा विकास खंड नौतनवा में सहायक अध्यापक हैं। वहां के ग्राम प्रधान ने भी इसकी पुष्टि की। इससे ज्ञात होता है कि देवरिया में तैनात शिक्षक के शैक्षिक प्रमाण पत्र में उसका नाम, पिता का नाम, रोल नंबर, जन्मतिथि, प्राप्तांक, पूर्णांक समान हैं। इससे यह प्रमाणित होता है कि नौतनवा में तैनात शिक्षक के प्रमाण पत्र का दुरुपयोग कर एवं कूटरचित शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर चयनित होकर देवरिया में छद्न नाम से यह शिक्षक षडयंत्र कर नौकरी कर रहा है।
एसटीएफ की ओर से भी इसकी जांच की जा रही थी। इसी तरह भाटपाररानी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जावाडीह के प्रधानाध्यापक रणजीत कुमार यादव के शैक्षिक प्रमाण पत्र भी बलिया जनपद के शिक्षा क्षेत्र गड़वार के उच्च प्राथमिक विद्यालय कनैला के सहायक अध्यापक रणजीत कुमार यादव पुत्र भृगुनाथ यादव से मैच हुए हैं। दोनो शिक्षकों के निवास प्रमाण पत्र के सत्यापन प्रक्रिया में बलिया के शिक्षक के प्रमाण पत्र सही मिले हैं। साथ ही शैक्षिक प्रमाण पत्रों में भी कूटरचना की गई है।
उन्होंने बताया कि उक्त तीनों शिक्षकों को उनका पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। हर बार स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में इन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाता है। साथ ही संबंधित शिक्षा क्षेत्र के बीईओ को इनके खिलाफ विधिक कार्यवाही का निर्देश दिया गया है।