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खतरे के निशान पार हुईं तीन नदियां, तटवर्ती गांव के लोग भयभीत
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बरहज में जलस्तर थमने के बाद भी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही सरयू फोटो संवाद
- फोटो : DEORIA
खतरे के निशान पार हुईं तीन नदियां, तटवर्ती गांव के लोग भयभीत
- घाघरा, राप्ती, गोर्रा नदी का बढ़ा जलस्तर, छोटी गंडक का बहाव भी लाल निशान के करीब
- पल-पल का अपडेट लेने में जुटे अधिकारी, बंधो की बढ़ाई गई निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में बह रही सभी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। तीन नदियां घाघरा, राप्ती, गोर्रा खतरे के निशान को पार कर गई हैं। छोटी गंडक लाल निशान के करीब बह रही है। ऐसे में तटवर्ती गांव के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए विभाग भी अलर्ट हो गया है। जिला स्तरीय अधिकारी कलेक्ट्रेट में बने कंट्रोल रूम के जरिए पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। बंधो की निगरानी बढ़ा दी गई है।
नदियों का जलस्तर का आंकलन करने के लिए बाढ़ खंड विभाग ने विभिन्न जगहों पर चार गेज स्थल बनाए हैं। घाघरा नदी का बरहज, राप्ती का भेड़ी, गोर्रा का पिडराघाट व छोटी गंडक का नदावर घाट पर गेज स्थल बना है। सोमवार की सुबह गेज स्थलों से आई रिपोर्ट में घाघरा लाल निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। वहीं राप्ती का बहाव खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर हो रहा है। गोर्रा लाल निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। छोटी गंडक का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है।
इन गांवों पर होता है बाढ़ का खतरा
जिले में कुल 22 इलाके बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील व अति संवेदनशील हैं। इनमें कुर्ह परसिया, कटईलवा, बहोरा, दलपतपुर, नरायनपुर, केवटलिया, खरवनिया, पिंडी, कौसड़, खेमादेई, पांडेय मांझा, करनपुर माझा, भीमसेन, डहरौली खुर्दा, डढ़िया, भिरवां, पटवनिया, चुरिया, डाला, रामपुर, गायघाट, भुसवल, पिडरी, सिलहटा, बेलवा, ईश्वरपुरा, करहकोल, भेड़ी, मलपुरवा, तकसपुरवा, गौरा टोला, बड़का गांव, केवटलिया, समोगर, बिंदवलिया, प्यासी, हेतिमपुर, रमौली, शाहजहांपुर, बलुवही, भीखमपुर, नगवा खास शामिल हैं।
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नौ बाढ़ चौकियां बनाई गई
संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में नौ बाढ़ चौकी बनाई गई है। यहां शिफ्ट के मुताबिक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 25 गांवों में बाढ़ सुरक्षा समितियां बनाई गई हैं। इसमें ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान व गांव के गणमान्य लोगों को शामिल किया गया है। चार परियोजना स्थलों की निगरानी कैमरे से की जा रही है। पिपराघाट व पिंडी में दो वायरलेस स्टेशन एक जून से ही सक्रिय हैं। ब्रिक रोड़ा, ईसी बैग, नॉयलान क्रेट रिजर्व स्टाक में रखे गए हैं।
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- घाघरा, राप्ती, गोर्रा नदी का बढ़ा जलस्तर, छोटी गंडक का बहाव भी लाल निशान के करीब
- पल-पल का अपडेट लेने में जुटे अधिकारी, बंधो की बढ़ाई गई निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में बह रही सभी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। तीन नदियां घाघरा, राप्ती, गोर्रा खतरे के निशान को पार कर गई हैं। छोटी गंडक लाल निशान के करीब बह रही है। ऐसे में तटवर्ती गांव के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए विभाग भी अलर्ट हो गया है। जिला स्तरीय अधिकारी कलेक्ट्रेट में बने कंट्रोल रूम के जरिए पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। बंधो की निगरानी बढ़ा दी गई है।
नदियों का जलस्तर का आंकलन करने के लिए बाढ़ खंड विभाग ने विभिन्न जगहों पर चार गेज स्थल बनाए हैं। घाघरा नदी का बरहज, राप्ती का भेड़ी, गोर्रा का पिडराघाट व छोटी गंडक का नदावर घाट पर गेज स्थल बना है। सोमवार की सुबह गेज स्थलों से आई रिपोर्ट में घाघरा लाल निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। वहीं राप्ती का बहाव खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर हो रहा है। गोर्रा लाल निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। छोटी गंडक का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है।
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इन गांवों पर होता है बाढ़ का खतरा
जिले में कुल 22 इलाके बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील व अति संवेदनशील हैं। इनमें कुर्ह परसिया, कटईलवा, बहोरा, दलपतपुर, नरायनपुर, केवटलिया, खरवनिया, पिंडी, कौसड़, खेमादेई, पांडेय मांझा, करनपुर माझा, भीमसेन, डहरौली खुर्दा, डढ़िया, भिरवां, पटवनिया, चुरिया, डाला, रामपुर, गायघाट, भुसवल, पिडरी, सिलहटा, बेलवा, ईश्वरपुरा, करहकोल, भेड़ी, मलपुरवा, तकसपुरवा, गौरा टोला, बड़का गांव, केवटलिया, समोगर, बिंदवलिया, प्यासी, हेतिमपुर, रमौली, शाहजहांपुर, बलुवही, भीखमपुर, नगवा खास शामिल हैं।
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नौ बाढ़ चौकियां बनाई गई
संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में नौ बाढ़ चौकी बनाई गई है। यहां शिफ्ट के मुताबिक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 25 गांवों में बाढ़ सुरक्षा समितियां बनाई गई हैं। इसमें ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान व गांव के गणमान्य लोगों को शामिल किया गया है। चार परियोजना स्थलों की निगरानी कैमरे से की जा रही है। पिपराघाट व पिंडी में दो वायरलेस स्टेशन एक जून से ही सक्रिय हैं। ब्रिक रोड़ा, ईसी बैग, नॉयलान क्रेट रिजर्व स्टाक में रखे गए हैं।