फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Three-member team formed to investigate 11 fake permits

Deoria News: 11 फर्जी परवानों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित

Sun, 23 Feb 2025 01:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 23 Feb 2025 01:18 AM IST
विज्ञापन
Three-member team formed to investigate 11 fake permits
देवरिया। रुद्रपुर तहसील में 11 फर्जी परवानों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। एक पखवारे के अंदर टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। मामले में सामने आया है कि एक ही परवाने की दाे प्रतियों में तिथि और पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर में भिन्नता है। अब जांच टीम गठित होने के बाद हड़कंप मच गया है। टीम में नायब तहसीलदार, पेशकार एआरओ कोर्ट और एक लेखपाल शामिल हैं। टीम गठित करने का आदेश 19 फरवरी को एसडीएम श्रुति शर्मा ने दिया था। अब उनका तबादला हो गया है। हरिशंकर लाल को रुद्रपुर का एसडीएम बनाया गया है।
विज्ञापन

जिले में वर्ष 1998 और 2001 की प्रलयकारी बाढ़ के बाद रुद्रपुर, बरहज और देवरिया सदर तहसील क्षेत्र के 63 गांवों का सर्वेक्षण शुरू हुआ। इसमें 41 गांवों का सर्वेक्षण पूरा हो गया है। इन गांवों का रिकार्ड संबंधित तहसील में आ गया है। शेष 22 गांवों का अभिलेख सर्वे कर रहे विभाग के पास है। इसी दौरान परवाने में फर्जीवाड़े का खेल हुआ। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी जेएल चौधरी ने एसडीएम रुद्रपुर को पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी। एसडीएम ने नायब तहसीलदार रुद्रपुर से आख्या लेकर अधिकारियों को अवगत कराया। इसमें बताया गया कि तहसील कार्यालय में 11 परवाने अमलदरामद के लिए पंजीकृत डाक से प्राप्त हुए थे। परवानों में पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर व तिथि की स्याही में परिवर्तन था। एक ही परवाने की दो प्रतियों में तिथि की भिन्नता व एक ही समय अंतराल में जारी किए गए परवानों में पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर में अंतर मिला। परवाने की दो प्रति में एक में पीठासीन अधिकारी का हस्ताक्षर न पाया जाना गलत था। इसी तरह अन्य परवाने भी संदिग्ध पाए गए। रिपोर्ट में बताया गया कि सहायक अभिलेख अधिकारी न्यायालय से कोई भी परवाना जारी करने का प्रावधान नहीं है। परवानों की रिपोर्ट सहायक अभिलेख अधिकारी, गोरखपुर को भेजी गई। बताया गया कि परवाना न्यायालय से नहीं जारी है। अब जिला प्रशासन एक्शन मोड में है।
विज्ञापन

नायब तहसीलदार महेन की अध्यक्षता में गठित है टीम
देवरिया। नायब तहसीलदार ने सर्वे की प्रारंभिक जांच में पाया कि परवानों में पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर व तिथि के स्याही में परिवर्तन, एक ही परवाने की दो प्रतियों में तिथि की भिन्नता व एक ही समय अंतराल में जारी परवानों में पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर में अंतर है। इसी तरह परवाने की दो प्रति के एक में पीठासीन अधिकारी का हस्ताक्षर न मिलने से परवाने संदिग्ध हैं। नायब तहसीलदार महेन शिवेंद्र कौंडिल्य के साथ पेशकार एआरओ कोर्ट देवेंद्र गुप्ता व लेखपाल संकटमोचन जांच टीम में शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed