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Deoria News: ऊपरी वार्ड में पीने का पानी नहीं तीमारदारों को आना पड़ रहा नीचे
Wed, 16 Apr 2025 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 16 Apr 2025 11:59 PM IST
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नए ओपीडी भवन के बाहर से पानी लेकर आती तीमारदार-
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में पेयजल का समुचित इंतजाम नहीं है। गर्मी में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ओपीडी में मरीजों व कर्मचारियों को साथ पानी लाना पड़ रहा है। जबकि नए भवन और एमसीएच विंग के वार्डों में मरीजों को पेयजल के लिए दूरी तय करनी पड़ रही है। दोनों भवन में लगा एक-एक वाटर कूलर खराब पड़ा है।
पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल से मरीज और तीमारदार को प्यास बुझाने के लिए ग्राउंड फ्लोर पर आना पड़ता है। पूरे परिसर में मात्र चार वाटर कूलर से काम चलाया जा रहा है। इसमें भी कुछ गर्म पानी देते हैं। मजबूरी में मरीजों को रुपये खर्च कर पानी खरीद कर प्यास बुझानी पड़ रही है।
धीरे-धीरे तापमान भी चढ़ने लगा है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ भी बढ़ रही है। यहां शहर से लेकर जिले के ग्रामीणांचल के अलावा बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीज आते हैं।
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उनके साथ तीमारदार भी होते हैं। रोजाना करीब तीन हजार से अधिक लोग आते हैं। मरीजों और तीमारदारों के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर एक घंटे से अधिक समय लाइन में खड़ा होने पर पर्ची मिलती है।
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज में पेयजल का समुचित इंतजाम नहीं है। गर्मी में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ओपीडी में मरीजों व कर्मचारियों को साथ पानी लाना पड़ रहा है। जबकि नए भवन और एमसीएच विंग के वार्डों में मरीजों को पेयजल के लिए दूरी तय करनी पड़ रही है। दोनों भवन में लगा एक-एक वाटर कूलर खराब पड़ा है।
पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल से मरीज और तीमारदार को प्यास बुझाने के लिए ग्राउंड फ्लोर पर आना पड़ता है। पूरे परिसर में मात्र चार वाटर कूलर से काम चलाया जा रहा है। इसमें भी कुछ गर्म पानी देते हैं। मजबूरी में मरीजों को रुपये खर्च कर पानी खरीद कर प्यास बुझानी पड़ रही है।
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धीरे-धीरे तापमान भी चढ़ने लगा है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ भी बढ़ रही है। यहां शहर से लेकर जिले के ग्रामीणांचल के अलावा बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीज आते हैं।
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उनके साथ तीमारदार भी होते हैं। रोजाना करीब तीन हजार से अधिक लोग आते हैं। मरीजों और तीमारदारों के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर एक घंटे से अधिक समय लाइन में खड़ा होने पर पर्ची मिलती है।