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Deoria News: अगल-बगल में है दोनों की जमीन पांच दशक पुरानी है अदावत
Fri, 02 Oct 2026 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 02 Oct 2026 11:49 PM IST
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लार। भीखमछपरा गांव में जमीन और रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच चली आ रही करीब पांच दशक पुरानी रंजिश बृहस्पतिवार को खूनी संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवाने को लेकर हुए विवाद में रामेश्वर तिवारी (55) की पीटकर हत्या कर दी गई।
परिजन और ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद और मारपीट हो चुकी थी। शिकायतें थाने तक पहुंचती रहीं मगर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि समय रहते पुलिस ने विवाद को गंभीरता से लिया होता तो घटना टल सकती थी।
रामेश्वर तिवारी आरएसएस के कार्यकर्ता थे। ग्रामीणों के अनुसार, रामेश्वर का खेत संजय तिवारी के घर के उत्तर तरफ है और खेत पर आने-जाने के लिए उनके दरवाजे के सामने से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं संजय की कुछ जमीन रामेश्वर के घर के पीछे है। रास्ते को लेकर दोनों पक्षों में अक्सर विवाद होता था। परिजन का आरोप है कि 10 दिन पहले आरोपियों ने हत्या की धमकी दी थी। शिकायत करने पर दरोगा ने रामेश्वर तिवारी को ही हड़काया था।
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परिजन के मुताबिक डेढ़ वर्ष पहले भी मारपीट हुई थी। 20 जुलाई को बाइक से बछड़े की रस्सी उलझने पर पिता-पुत्र को धमकी दी गई थी। इसकी शिकायत भी की गई थी। पत्नी अमृता का आरोप है कि 10 दिन पहले दी शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हुई। बृहस्पतिवार को स्पीड ब्रेकर को लेकर विवाद हुआ और रामेश्वर की हत्या कर दी गई।
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परिजन और ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद और मारपीट हो चुकी थी। शिकायतें थाने तक पहुंचती रहीं मगर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि समय रहते पुलिस ने विवाद को गंभीरता से लिया होता तो घटना टल सकती थी।
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रामेश्वर तिवारी आरएसएस के कार्यकर्ता थे। ग्रामीणों के अनुसार, रामेश्वर का खेत संजय तिवारी के घर के उत्तर तरफ है और खेत पर आने-जाने के लिए उनके दरवाजे के सामने से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं संजय की कुछ जमीन रामेश्वर के घर के पीछे है। रास्ते को लेकर दोनों पक्षों में अक्सर विवाद होता था। परिजन का आरोप है कि 10 दिन पहले आरोपियों ने हत्या की धमकी दी थी। शिकायत करने पर दरोगा ने रामेश्वर तिवारी को ही हड़काया था।
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परिजन के मुताबिक डेढ़ वर्ष पहले भी मारपीट हुई थी। 20 जुलाई को बाइक से बछड़े की रस्सी उलझने पर पिता-पुत्र को धमकी दी गई थी। इसकी शिकायत भी की गई थी। पत्नी अमृता का आरोप है कि 10 दिन पहले दी शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हुई। बृहस्पतिवार को स्पीड ब्रेकर को लेकर विवाद हुआ और रामेश्वर की हत्या कर दी गई।