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प्रतिभाशालियों का सम्मानित किया गया
अमर उजाला ब्यूरो/देवरिया
Updated Wed, 20 Jan 2016 10:49 PM IST
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रोपन छपरा में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार पाकर छात्र-छात्राओं को खुशी तो हुई, लेकिन मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार नहीं मिलने का उन्हें मलाल है।
प्रतिभागियों का कहना था कि यदि यह पुरस्कार मुख्यमंत्री के हाथोें मिलता तो बात ही कुछ और होती।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में अंजनेय पब्लिक स्कूल मटियरा जगदीश के आठवीं की छात्रा आस्था दुबे और रोपन छपरा जूनियर हाईस्कूल के छठवीं कक्षा की छात्रा शांभवी सिंह को प्रथम पुरस्कार मिला।
दोनों छात्राएं काफी उत्साहित थीं कि उनको मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मंडलायुक्त पी. गुरू प्रसाद ने इन छात्राओं को पुरस्कार दिया।
आस्था दुबे और शांभवी सिंह का कहना था कि पुरस्कार मिलना बड़ी बात होती है, लेकिन यह मुख्यमंत्री के हाथों मिला होता तो खुशी दोगुनी हो जाती।
द्वितीय स्थान पर संयुक्त रूप से रहे प्रगति तिवारी और कार्तीकेय मिश्र को डीआईजी आरके चतुर्वेदी तथा तृतीय स्थान पर अनिकेत विश्वकर्मा, गौरीशा दुबे और हर्ष सिंह को डीएम अनीता श्रीवास्तव ने पुरस्कार प्रदान किया।
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भोजपुरी और अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ रखने वाली अनीता विश्वकर्मा को भोजपुरी के लिए और पलक दुबे व स्मिता तिवारी को अंग्रेजी के लिए विशेष पुरस्कार दिया गया।
इसके अलावा शिक्षक जयकिशोर यादव, सतीश कुमार सिंह, श्यामानंद मिश्र को भी सम्मानित किया गया।
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प्रतिभागियों का कहना था कि यदि यह पुरस्कार मुख्यमंत्री के हाथोें मिलता तो बात ही कुछ और होती।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में अंजनेय पब्लिक स्कूल मटियरा जगदीश के आठवीं की छात्रा आस्था दुबे और रोपन छपरा जूनियर हाईस्कूल के छठवीं कक्षा की छात्रा शांभवी सिंह को प्रथम पुरस्कार मिला।
दोनों छात्राएं काफी उत्साहित थीं कि उनको मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मंडलायुक्त पी. गुरू प्रसाद ने इन छात्राओं को पुरस्कार दिया।
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आस्था दुबे और शांभवी सिंह का कहना था कि पुरस्कार मिलना बड़ी बात होती है, लेकिन यह मुख्यमंत्री के हाथों मिला होता तो खुशी दोगुनी हो जाती।
द्वितीय स्थान पर संयुक्त रूप से रहे प्रगति तिवारी और कार्तीकेय मिश्र को डीआईजी आरके चतुर्वेदी तथा तृतीय स्थान पर अनिकेत विश्वकर्मा, गौरीशा दुबे और हर्ष सिंह को डीएम अनीता श्रीवास्तव ने पुरस्कार प्रदान किया।
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भोजपुरी और अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ रखने वाली अनीता विश्वकर्मा को भोजपुरी के लिए और पलक दुबे व स्मिता तिवारी को अंग्रेजी के लिए विशेष पुरस्कार दिया गया।
इसके अलावा शिक्षक जयकिशोर यादव, सतीश कुमार सिंह, श्यामानंद मिश्र को भी सम्मानित किया गया।