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नदी पाट कर जाएगा फर्टिलाइजर में लगने वाला यंत्र
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हेत्तीमपुर में फर्टीलाईजर का समान लाने के लिए नदी को पाट कर बनाया जारहा पुल।
- फोटो : DEORIA
नदियों को पाटकर जाई जाएगी फर्टिलाइजर की मशीनें
मशीन का भार अधिक, पुल के ध्वस्त होने का डर
आधे से अधिक नदी को पाट दिया गया, लोगों की जुट रही भीड़
हरिश्चंद्र सिंह
देसही देवरिया। गुजरात से गोरखपुर फर्टिलाइजर में लगने वाली मशीन हेतिमपुर छोटी गंडक को पाट कर ले जाया जाएगा। सामान लदे ट्रक के पुल पर चढ़ने से पुल ध्वस्त होने का खतरा है। इसलिए नदी पाटने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। गोरखपुर में फर्टिलाइजर के निर्माण का कार्य चल रहा है। उसकी एक मशीन गुजरात से मंगाई जा रही है। वजन अधिक होने की वजह से उसे गुजरात से जलमार्ग से कोलकाता और वहां से गंगा नदी के रास्ते छपरा तक लाया जा रहा है। वहां से विशेष ट्रक पर लादकर एनएच-28 से कुशीनगर होते हुए गोरखपुर फर्टिलाइजर पहुंचाया जाएगा। छपरा से गोरखपुर फर्टिलाइजर तक पहुंचाने का कार्य मुंबई की अल्कार्गो कंपनी कर रही है। इसके इंजीनियरों ने छपरा से फर्टिलाइजर तक नेशनल हाइवे का सर्वे किया है। कंपनी के कर्मचारी रमेश के अनुसार, हेतिमपुर छोटी गंडक नदी पर बना पुल मशीन का वजन सहन नहीं कर सकेगा। पुल के ध्वस्त होने का खतरा है। इसलिए नदी को पाटकर बड़े ट्रकों के जरिए पार कराया जाएगा। उसके बाद नदी को प्रवाह के लिए खोल दिया जाएगा। हेतिमपुर नेशनल हाइवे पर नदी पर बने पुल के बगल में उत्तर तरफ नदी पाटने का काम शुरू हो चुका है। पश्चिमी छोर से लगभग आधी से अधिक नदी को पाट दिया गया है। कंपनी के इंजीनियरों और इस कार्य में लगे लोगों के अनुसार, यहां से गोरखपुर तक मार्ग में पड़ने वाले नदी या नालों पर बने सभी पुल पाटने पड़ेंगे। नदी पाटकर गोरखपुर यंत्र ले जाने की लोगों के बीच खूब चर्चा है। लोग देखना चाहते हैं कि आखिर वह मशीन कैसी है, जिसके लिए इस तरह के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रतिदिन वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो जा रही है।
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मशीन का भार अधिक, पुल के ध्वस्त होने का डर
आधे से अधिक नदी को पाट दिया गया, लोगों की जुट रही भीड़
हरिश्चंद्र सिंह
देसही देवरिया। गुजरात से गोरखपुर फर्टिलाइजर में लगने वाली मशीन हेतिमपुर छोटी गंडक को पाट कर ले जाया जाएगा। सामान लदे ट्रक के पुल पर चढ़ने से पुल ध्वस्त होने का खतरा है। इसलिए नदी पाटने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। गोरखपुर में फर्टिलाइजर के निर्माण का कार्य चल रहा है। उसकी एक मशीन गुजरात से मंगाई जा रही है। वजन अधिक होने की वजह से उसे गुजरात से जलमार्ग से कोलकाता और वहां से गंगा नदी के रास्ते छपरा तक लाया जा रहा है। वहां से विशेष ट्रक पर लादकर एनएच-28 से कुशीनगर होते हुए गोरखपुर फर्टिलाइजर पहुंचाया जाएगा। छपरा से गोरखपुर फर्टिलाइजर तक पहुंचाने का कार्य मुंबई की अल्कार्गो कंपनी कर रही है। इसके इंजीनियरों ने छपरा से फर्टिलाइजर तक नेशनल हाइवे का सर्वे किया है। कंपनी के कर्मचारी रमेश के अनुसार, हेतिमपुर छोटी गंडक नदी पर बना पुल मशीन का वजन सहन नहीं कर सकेगा। पुल के ध्वस्त होने का खतरा है। इसलिए नदी को पाटकर बड़े ट्रकों के जरिए पार कराया जाएगा। उसके बाद नदी को प्रवाह के लिए खोल दिया जाएगा। हेतिमपुर नेशनल हाइवे पर नदी पर बने पुल के बगल में उत्तर तरफ नदी पाटने का काम शुरू हो चुका है। पश्चिमी छोर से लगभग आधी से अधिक नदी को पाट दिया गया है। कंपनी के इंजीनियरों और इस कार्य में लगे लोगों के अनुसार, यहां से गोरखपुर तक मार्ग में पड़ने वाले नदी या नालों पर बने सभी पुल पाटने पड़ेंगे। नदी पाटकर गोरखपुर यंत्र ले जाने की लोगों के बीच खूब चर्चा है। लोग देखना चाहते हैं कि आखिर वह मशीन कैसी है, जिसके लिए इस तरह के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रतिदिन वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो जा रही है।