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Deoria News: अहिल्यापुर की बदलेगी तस्वीर बहेगी विकास की बयार
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रेलवे स्टेशन अहिल्यापुर के रेल लाइन। संवाद
देवरिया। शहर से महज सात किलोमीटर दूर स्थित छोटा सा रेलवे स्टेशन अहिल्यापुर अगले कुछ सालों में ही बड़ी पहचान बनाने जा रहा है। यहां रेक प्वाइंट की स्वीकृति और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के बाईपास की मंजूरी के बाद इलाके की तस्वीर तेजी से बदलने वाली है। आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ ही यहां के प्रसिद्ध अहिलवार देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ेगी। सालों से शांत और ग्रामीण परिवेश में रहने वाला यह क्षेत्र विकास के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
देवरिया सदर रेलवे स्टेशन का रेक प्वाइंट अहिल्यापुर स्टेशन पर शिफ्ट किया जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं वाले इस रेक प्वाइंट का डीपीआर अभी तैयार हो रहा है, लेकिन पूर्वोत्तर रेलवे के अफसर इस परियोजना को लेकर खासे उत्साहित हैं। वजह यह कि अहिल्यापुर रेलवे स्टेशन केवल एक पैसेंजर ट्रेन ही आते-जाते रुकती है। इसलिए स्टेशन परिसर में हर वक्त सन्नाटा पसरा रहता है। यहां रेक प्वाइंट विकसित किए जाने से इस स्टेशन का कायाकल्प हो जाएगा। गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर नेशनल हाईवे का बाईपास भी इस स्टेशन के पास से गुजर रहा है, जिससे माल ढुलाई को नई दिशा मिलेगी। रेक प्वाइंट के शुरू होने के बाद खाद्यान्न, सीमेंट, उर्वरक, कोयला समेत अन्य जरूरी सामग्रियों की आवाजाही आसान हो जाएगी। इससे न सिर्फ देवरिया बल्कि आसपास के जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
दूसरी ओर, एनएच बाईपास की स्वीकृति ने भी क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को कई गुना बढ़ा दिया है। बाईपास बनने से भारी वाहनों का दबाव शहर के अंदर कम होगा और यातायात सुगम बनेगा। साथ ही अहिल्यापुर सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाएगा, जिससे यहां पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कनेक्टिविटी भविष्य में लॉजिस्टिक हब, गोदाम और छोटे उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देगी।
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इन दोनों परियोजनाओं के चलते इलाके में जमीनों की कीमतों में तेजी से उछाल देखा जा रहा है। जो जमीन कुछ साल पहले तक एक लाख से दो लाख रुपये प्रति कट्ठा के भाव से बिक रही थी, अब उसकी मुंहमांगी कीमत मिलने लगी है। इसलिए लोगों ने अभी अपनी जमीनों की बिक्री रोक रखी है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी निवेशक भी यहां जमीन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। रियल एस्टेट से जुड़े लोगों का कहना है कि आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।
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देवरिया सदर रेलवे स्टेशन का रेक प्वाइंट अहिल्यापुर स्टेशन पर शिफ्ट किया जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं वाले इस रेक प्वाइंट का डीपीआर अभी तैयार हो रहा है, लेकिन पूर्वोत्तर रेलवे के अफसर इस परियोजना को लेकर खासे उत्साहित हैं। वजह यह कि अहिल्यापुर रेलवे स्टेशन केवल एक पैसेंजर ट्रेन ही आते-जाते रुकती है। इसलिए स्टेशन परिसर में हर वक्त सन्नाटा पसरा रहता है। यहां रेक प्वाइंट विकसित किए जाने से इस स्टेशन का कायाकल्प हो जाएगा। गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर नेशनल हाईवे का बाईपास भी इस स्टेशन के पास से गुजर रहा है, जिससे माल ढुलाई को नई दिशा मिलेगी। रेक प्वाइंट के शुरू होने के बाद खाद्यान्न, सीमेंट, उर्वरक, कोयला समेत अन्य जरूरी सामग्रियों की आवाजाही आसान हो जाएगी। इससे न सिर्फ देवरिया बल्कि आसपास के जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
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दूसरी ओर, एनएच बाईपास की स्वीकृति ने भी क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को कई गुना बढ़ा दिया है। बाईपास बनने से भारी वाहनों का दबाव शहर के अंदर कम होगा और यातायात सुगम बनेगा। साथ ही अहिल्यापुर सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाएगा, जिससे यहां पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कनेक्टिविटी भविष्य में लॉजिस्टिक हब, गोदाम और छोटे उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देगी।
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इन दोनों परियोजनाओं के चलते इलाके में जमीनों की कीमतों में तेजी से उछाल देखा जा रहा है। जो जमीन कुछ साल पहले तक एक लाख से दो लाख रुपये प्रति कट्ठा के भाव से बिक रही थी, अब उसकी मुंहमांगी कीमत मिलने लगी है। इसलिए लोगों ने अभी अपनी जमीनों की बिक्री रोक रखी है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी निवेशक भी यहां जमीन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। रियल एस्टेट से जुड़े लोगों का कहना है कि आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।