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Deoria News: झुलसाने लगी जुलाई की धूप...पारा 42 डिग्री पार
Sun, 21 Jul 2024 02:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 21 Jul 2024 02:03 AM IST
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लगातार एक सप्ताह से तेज बारिश नहीं होने से फिर प्रचंड गर्मी से बेहाल हुए लोग
शनिवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री का रहा अंतर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने से शनिवार काे एक बार फिर प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ा। सूर्यदेव के तेज धूप से सुबह से ही लोगों को झुलसाने जैसी गर्मी का एहसास हुआ। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री का अंतर होने से लोगों को भीषण गर्मी व उमस से लोगों को पूरे दिन राहत नहीं मिला। लोगों पूरे दिन शरीर से पसीना पोछते नजर आए।
जिले में शनिवार को लोग गर्मी के तेवर से परेशान दिखे। दिन में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन चढ़ते ही जहां सूरज की तल्ख धूप ने लोगों को झुलसाया, वहीं लू के थपेड़ों ने दिहाड़ी मजदूर के साथ-साथ हर वर्ग के लोगों का जीना दुश्वार कर दिया। सुबह नौ बजते ही सूरज का कहर शुरू हो गया, जो दोपहर तक अपने पूरे चरम पर था। गर्मी के बढ़ते कहर के कारण लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं दोपहर के समय बच्चे भी अपने घरों में दुबके रहे।
गर्मी का पारा इतना तेज है कि कूलर पंखों से भी राहत नहीं मिल पा रही है। आमजन का कहना है कि गर्मी बढ़ने से शरीर में पसीना चुभने लगी है, इससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बरसात नहीं होने से गर्मी व तापमान में वृद्धि हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री व न्यूनतम तापमान 37 डिग्री दर्ज की गई है।
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पंखे, कूलर भी गर्मी से बचाव में नाकाफी साबित
पंखे, कूलर भी गर्मी से बचाव में नाकाफी साबित हो रहे हैं। धूप में निकलने की बजाय दुकानों और घरों में रहना सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जुलाई माह में भी गर्मी अपने पूरे चरम पर है। पारा 42 डिग्री से ऊपर भी पहुंच चुका है। दो दिन से तापमान लगातार घट-बढ़ रहा है। लगातार पड़ रही गर्मी से आम जनमानस परेशान हैं। दोपहिया हो या अन्य खुले वाहन पर सवार लोग, यात्रा के दौरान शरीर को पूरी तरह से ढंक कर चल रहे है। गर्मी की वजह से शीतल पेय की खपत बढ़ गई है। हर जगह ठंडे पानी, गन्ने का रस आदि की तलाश लोग कर रहे है।
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गर्मी से ऐसे करें बचाव
-तरल पदार्थ का अधिक सेवन करें
- घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें।
- निर्जलीकरण से बचने के लिए ओआरएस का प्रयोग करें।
- अत्यधिक प्रोटीन वाले एवं बासी खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।
- हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनें।
- तेज धूप से बचें और सिर को ढंक कर रखें।
- दोपहर 12 से लेकर तीन बजे तक न निकलें तो बेहतर होगा।
- गर्मी का असर लगने पर डॉक्टर से मिलें।
- बीमार एवं गर्भवती महिलाएं गर्मी के दिनों में विशेष सावधानी बरतें।
- धूप में निकलते समय छाता एवं आंख के लिए चश्मे का प्रयोग करें।
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शनिवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री का रहा अंतर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने से शनिवार काे एक बार फिर प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ा। सूर्यदेव के तेज धूप से सुबह से ही लोगों को झुलसाने जैसी गर्मी का एहसास हुआ। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री का अंतर होने से लोगों को भीषण गर्मी व उमस से लोगों को पूरे दिन राहत नहीं मिला। लोगों पूरे दिन शरीर से पसीना पोछते नजर आए।
जिले में शनिवार को लोग गर्मी के तेवर से परेशान दिखे। दिन में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन चढ़ते ही जहां सूरज की तल्ख धूप ने लोगों को झुलसाया, वहीं लू के थपेड़ों ने दिहाड़ी मजदूर के साथ-साथ हर वर्ग के लोगों का जीना दुश्वार कर दिया। सुबह नौ बजते ही सूरज का कहर शुरू हो गया, जो दोपहर तक अपने पूरे चरम पर था। गर्मी के बढ़ते कहर के कारण लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं दोपहर के समय बच्चे भी अपने घरों में दुबके रहे।
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गर्मी का पारा इतना तेज है कि कूलर पंखों से भी राहत नहीं मिल पा रही है। आमजन का कहना है कि गर्मी बढ़ने से शरीर में पसीना चुभने लगी है, इससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बरसात नहीं होने से गर्मी व तापमान में वृद्धि हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री व न्यूनतम तापमान 37 डिग्री दर्ज की गई है।
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पंखे, कूलर भी गर्मी से बचाव में नाकाफी साबित
पंखे, कूलर भी गर्मी से बचाव में नाकाफी साबित हो रहे हैं। धूप में निकलने की बजाय दुकानों और घरों में रहना सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जुलाई माह में भी गर्मी अपने पूरे चरम पर है। पारा 42 डिग्री से ऊपर भी पहुंच चुका है। दो दिन से तापमान लगातार घट-बढ़ रहा है। लगातार पड़ रही गर्मी से आम जनमानस परेशान हैं। दोपहिया हो या अन्य खुले वाहन पर सवार लोग, यात्रा के दौरान शरीर को पूरी तरह से ढंक कर चल रहे है। गर्मी की वजह से शीतल पेय की खपत बढ़ गई है। हर जगह ठंडे पानी, गन्ने का रस आदि की तलाश लोग कर रहे है।
गर्मी से ऐसे करें बचाव
-तरल पदार्थ का अधिक सेवन करें
- घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें।
- निर्जलीकरण से बचने के लिए ओआरएस का प्रयोग करें।
- अत्यधिक प्रोटीन वाले एवं बासी खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।
- हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनें।
- तेज धूप से बचें और सिर को ढंक कर रखें।
- दोपहर 12 से लेकर तीन बजे तक न निकलें तो बेहतर होगा।
- गर्मी का असर लगने पर डॉक्टर से मिलें।
- बीमार एवं गर्भवती महिलाएं गर्मी के दिनों में विशेष सावधानी बरतें।
- धूप में निकलते समय छाता एवं आंख के लिए चश्मे का प्रयोग करें।