जिले को फिर निराशा हाथ लगी
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उत्तर प्रदेश के मंत्रीमंडल विस्तार में एक बार फिर जिले के हाथ निराशा ही लगी है। इस बार भी यहां के किसी विधायक को मंत्री मंडल में तरजीह नहीं मिली है।
इससे यहां के विधायकों और समर्थकों में मायूसी है। विधानसभा चुनाव में देवरिया की सात में से पांच सीट जीतकर समाजवादी पार्टी ने सदन में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। भाटपाररानी के विधायक रहे कामेश्वर उपाध्याय को प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।
इससे यहां के लोगों को लगा था कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिले का सम्मान किया है। उनके निधन के बाद से यह जिला मंत्रीविहीन हो गया। कई बार के विस्तार में कार्यकर्ता और विधायक आशान्वित हुए कि कोई न कोई विधायक मंत्रीमंडल में जगह जरूर पा जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इससे सभी को निराशा हाथ लगी।
हालांकि संभावितों की सूची में पथरदेवा के विधायक शाकिर अली और रामपुर कारखाना की विधायक गजाला लारी का नाम चर्चाओं में आया था। बहरहाल, फाइनल सूची में यहां के किसी विधायक को जगह नहीं मिली। शनिवार को प्रदेश के 20 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ले ली है।
वहीं कई लोग कुशीनगर के हाटा के वधायक राधेश्याम सिंह को राज्यमंत्री बनाए जाने से खुश हैं।