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प्रशिक्षण के मूल प्रमाणपत्र के अभाव में कई परीक्षा केंद्रों से बैरंग लौटे टीईटी परीक्षार्थी

Sun, 23 Jan 2022 10:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jan 2022 10:48 PM IST
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tet candidates ont given exams due to  certificate problem
डी एस एस परीक्षा केंद्र पर प्रशिक्षण के मूल प्रमाण पत्र के अभाव में परीक्षा से वंचित किए गए अभ्यर? - फोटो : DEORIA
प्रशिक्षण के मूल प्रमाणपत्र के अभाव में कई परीक्षा केंद्रों से बैरंग लौटे टीईटी परीक्षार्थी
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दोनों पालियों में 47 केंद्रों पर हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा, केंद्रों पर सजग दिखे जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा रविवार को दो पालियों जिले के 47 केंद्रों पर संपन्न हुई। दोनों पालियों को मिलाकर 3028 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। कुछ परीक्षा केंद्रों पर प्रशिक्षण का मूल प्रमाणपत्र नहीं होने और इसकी छायाप्रति को संबंधित प्राचार्य से सत्यापित नहीं कराने पर पहुंचे परीक्षार्थियों को लौटा दिया गया। इससे कुछ देर तक असहज स्थिति बनी रही।
यूपीटीईटी की प्रथम पाली में 28 केंद्रों पर 17,138 पंजीकृत परीक्षार्थियों में 15,420 उपस्थित एवं 1718 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में 19 केंद्रों पर हुई परीक्षा में पंजीकृत 10,697 में 9887 उपस्थित एवं 1310 परीक्षार्थी शामिल नहीं हुए। सीसीकैमरा, वॉयस रिकार्डिंग की निगरानी में चली परीक्षा के दौरान नोडल बनाए गए मुख्य राजस्व अधिकारी, जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक एवं समस्त केंद्र व्यवस्थापक सजग दिखे। सचल दल ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। केंद्रों पर प्रवेश द्वार के बाहर तैनात पुलिस भी सख्त दिखी। हर केंद्र पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई थी और परीक्षाथियों की थर्मल स्क्रीनिंग और ऑक्सीजन स्तर मापने के बाद ही प्रवेश दिया गया। प्रथम पाली में देवरिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर कुछ अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र की मूल प्रति न होने की बात कह परीक्षा कक्ष से बाहर कर दिया गया। नाराज परीक्षार्थियों ने हंगामा करने की भी कोशिश की, हालांकि सख्त रुख के चलते ऐसा नहीं कर पाए। परीक्षा से वंचित किए गए कुुशीनगर के धर्मेंद्र यादव, सोहनपुर की रिंकू प्रजापति, राकेश यादव विजयीपुर, बैजनाथ मिश्रा भोरे, राकेश प्रसाद तुर्कपट्टी सहित अन्य परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा कक्ष में बैठाकर उन्हें मूल प्रमाणपत्र के अभाव में बाहर कर दिया गया। जबकि उन्होंने छाया प्रति और इस पर राजपत्रित अधिकारी का सत्यापन भी दिखाया था। उधर, जीआईसी के प्रधानाचार्य पीके शर्मा ने बताया कि परीक्षार्थियों को पहले ही स्पष्ट निर्देश थे कि प्रशिक्षण के किसी भी सेमेस्टर के अंकपत्र की मूल प्रति अथवा संबंधित प्रशिक्षण संस्थान के रजिस्ट्रार/सक्षम अधिकारी द्वारा इंटरनेट से प्राप्त अंकपत्र की प्रमाणित प्रति देख कर ही प्रवेश दिया जाएगा। ऐसा नहीं करने वालों को ही लौटाया गया है।
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गणित और पर्यावरण से संबंधित सवालों ने उलझाया
जीआईसी से परीक्षा देकर निकली ज्योति यादव ने बताया कि पिछले साल से सवाल आसान रहे। संस्कृत थोड़ा कठिन लगा। तबस्सुम निशा ने कहा कि संस्कृत व गणित कठिन रहा, बाकी सवाल औसत थे। ज्योति सिंह ने बताया कि गणित के सवाल उलझाए हुए थे। भिंगारी बाजार के शिवेंद्र बरनवाल ने बताया कि अंग्रेजी के सवाल लंबे थे। रजिया खातून ने कहा कि पर्यावरण से संबंधित सवालों ने समय लिया। श्वेता, रुक्मिणी, प्रियंका शर्मा, अवध गुप्ता ने कहा कि गणित, पर्यावरण एवं संस्कृत के सवालों को ही हल करने में अधिक समय लगा।
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