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तीन ब्लॉकों की जांच के लिए टीम गठित
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तीन ब्लॉकों की जांच के लिए टीम गठित
देवरिया। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने एवं पंचायतों में शपथ ग्रहण के बीच पांच महीने में जिले में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों के भुगतान के मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है। दो अधिकारियों एवं एक अवर अभियंता को जांच टीम में शामिल किया गया है। बरहज विकास खंड की जांच बरहज एसडीएम, डीपीआरओ और एई ग्राम्य विकास को सौंपी गई है। लार विकास खंड की जांच सलेमपुर एसडीएम, उपायुक्त श्रम व अवर अभियंता तथा गौरीबाजार विकास खंड की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अवर अभियंता को सौंपी गई है। डीएम ने दस दिन के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की है।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने एवं पंचायतों में शपथ ग्रहण होने की अवधि के पांच माह के कार्यकाल में जिले में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों के भुगतान के मामले का खुलासा होने के बाद विकास महकमे में खलबली मची हुई है। दिसंबर 2020 के अंतिम सप्ताह से 27 मई 2021 के बीच प्रशासकों ने जिले के 16 विकास खंडों की 1185 ग्राम पंचायतों में तकरीबन 26 करोड़ 11 लाख 60 हजार 793 से अधिक रुपये की निकासी कर ली। इसमें नियमों का ताक पर रखकर भुगतान का मामला सामने आया है। कई गांवों में मामला प्रकाश में आने के बाद खलबली मच गई है। सबसे अधिक भुगतान बरहज, गौरीबाजार और लार में हुआ हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 50 ग्राम पंचायत वाले बरहज में तीन करोड़ 79 लाख 65 हजार से अधिक, 91 ग्राम पंचायत वाले गौरीबाजार विकास खंड में पांच करोड़ नौ लाख 83 हजार और 71 ग्राम पंचायत वाले लार में तीन करोड़ 13 लाख 61 हजार से अधिक की धनराशि का भुगतान इंडिया मार्क टू हैंडपंप, आरओ प्लांट, डस्टबिन, चबूतरा, मिट्टी कार्य आदि के नाम पर किया गया है।
कोट:
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने एवं पंचायतों में शपथ ग्रहण होने के तकरीबन पांच माह के कार्यकाल के दौरान हुए भुगतान के मामले में तीन विकास खंडों की जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर उी गई है। दस दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। -आशुतोष निरंजन, डीएम।
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देवरिया। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने एवं पंचायतों में शपथ ग्रहण के बीच पांच महीने में जिले में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों के भुगतान के मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है। दो अधिकारियों एवं एक अवर अभियंता को जांच टीम में शामिल किया गया है। बरहज विकास खंड की जांच बरहज एसडीएम, डीपीआरओ और एई ग्राम्य विकास को सौंपी गई है। लार विकास खंड की जांच सलेमपुर एसडीएम, उपायुक्त श्रम व अवर अभियंता तथा गौरीबाजार विकास खंड की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अवर अभियंता को सौंपी गई है। डीएम ने दस दिन के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की है।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने एवं पंचायतों में शपथ ग्रहण होने की अवधि के पांच माह के कार्यकाल में जिले में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों के भुगतान के मामले का खुलासा होने के बाद विकास महकमे में खलबली मची हुई है। दिसंबर 2020 के अंतिम सप्ताह से 27 मई 2021 के बीच प्रशासकों ने जिले के 16 विकास खंडों की 1185 ग्राम पंचायतों में तकरीबन 26 करोड़ 11 लाख 60 हजार 793 से अधिक रुपये की निकासी कर ली। इसमें नियमों का ताक पर रखकर भुगतान का मामला सामने आया है। कई गांवों में मामला प्रकाश में आने के बाद खलबली मच गई है। सबसे अधिक भुगतान बरहज, गौरीबाजार और लार में हुआ हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 50 ग्राम पंचायत वाले बरहज में तीन करोड़ 79 लाख 65 हजार से अधिक, 91 ग्राम पंचायत वाले गौरीबाजार विकास खंड में पांच करोड़ नौ लाख 83 हजार और 71 ग्राम पंचायत वाले लार में तीन करोड़ 13 लाख 61 हजार से अधिक की धनराशि का भुगतान इंडिया मार्क टू हैंडपंप, आरओ प्लांट, डस्टबिन, चबूतरा, मिट्टी कार्य आदि के नाम पर किया गया है।
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कोट:
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने एवं पंचायतों में शपथ ग्रहण होने के तकरीबन पांच माह के कार्यकाल के दौरान हुए भुगतान के मामले में तीन विकास खंडों की जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर उी गई है। दस दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। -आशुतोष निरंजन, डीएम।
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