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Deoria News: नशे में गाली देने पर दोस्तों ने कर दी थी सुशील की हत्या
Tue, 02 Jun 2026 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:11 AM IST
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भाटपार रानी। बड़का दुबे गांव में सुशील साहनी (25) की हत्या का सोमवार को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस का दावा है कि यह हत्या नशे की हालत में गाली देने के चलते हुई थी। हत्या में शामिल चारों अभियुक्तों को उनके घर से गिरफ्तार कर कोर्ट में प्रस्तुत पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए कहा है कि सुशील साहनी के भाई संदीप साहनी ने पुलिस को बताया था कि उसका भाई 28 मई को गांव के ही मित्र सुरेंद्र यादव से बातचीत कर रहा था।
उसी समय गांव के आशिक अंसारी, नईम अंसारी आए और भाई को अपने मित्र दीपक गोड़ व कमल अंसारी निवासी गण ग्राम धर्मखोरकरण थाना खामपार के यहां चलने के लिए कहा।
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आरोपी भाई को लेकर चले गए। भाई ने सुरेंद्र यादव को घर जाकर बता देने को कहा कि वह उनके साथ जा रहा है। धर्मखोरकरण गांव में सभी दोस्त बैठकर शराब पी। इसी दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और झगड़ा हो गया। चारों अभियुक्त ने मिलकर सुशील साहनी का मुंह और पैर दबाकर हत्या कर दी और शव को कोईलहा बाबा मंदिर के पास नदी में फेंक दिया।
30 मई को खामपार थाना के सवरेजी पक्का पुल के पास नदी के किनारे शव मिला। मालीबारी गांव के लोगों ने शव की पहचान कर सूचना घर पर दी।
सुशील का शव मिलने के बाद से ही परिवार वाले हत्या की आशंका जता रहे थे, मगर शुरुआती दाैर में पुलिस इस डूबने से माैत बता रही थी।
सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने आरोपी दीपक गौड़, कमल अंसारी निवासी धर्मखोर करण थाना खामपार और नईम अंसारी और आशिक अंसारी निवासी बड़का गांव दूबे थाना भाटपार रानी को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया है।
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पुलिस का दावा है कि यह हत्या नशे की हालत में गाली देने के चलते हुई थी। हत्या में शामिल चारों अभियुक्तों को उनके घर से गिरफ्तार कर कोर्ट में प्रस्तुत पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए कहा है कि सुशील साहनी के भाई संदीप साहनी ने पुलिस को बताया था कि उसका भाई 28 मई को गांव के ही मित्र सुरेंद्र यादव से बातचीत कर रहा था।
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उसी समय गांव के आशिक अंसारी, नईम अंसारी आए और भाई को अपने मित्र दीपक गोड़ व कमल अंसारी निवासी गण ग्राम धर्मखोरकरण थाना खामपार के यहां चलने के लिए कहा।
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आरोपी भाई को लेकर चले गए। भाई ने सुरेंद्र यादव को घर जाकर बता देने को कहा कि वह उनके साथ जा रहा है। धर्मखोरकरण गांव में सभी दोस्त बैठकर शराब पी। इसी दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और झगड़ा हो गया। चारों अभियुक्त ने मिलकर सुशील साहनी का मुंह और पैर दबाकर हत्या कर दी और शव को कोईलहा बाबा मंदिर के पास नदी में फेंक दिया।
30 मई को खामपार थाना के सवरेजी पक्का पुल के पास नदी के किनारे शव मिला। मालीबारी गांव के लोगों ने शव की पहचान कर सूचना घर पर दी।
सुशील का शव मिलने के बाद से ही परिवार वाले हत्या की आशंका जता रहे थे, मगर शुरुआती दाैर में पुलिस इस डूबने से माैत बता रही थी।
सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने आरोपी दीपक गौड़, कमल अंसारी निवासी धर्मखोर करण थाना खामपार और नईम अंसारी और आशिक अंसारी निवासी बड़का गांव दूबे थाना भाटपार रानी को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया है।