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सोंदा के नवनिर्मित मकान में बन रही थी अवैध शराब
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सोन्दा गांव के समीप एक मकान से अबकारी विभाग की टीम ने पकडा अवैध शराब।
- फोटो : DEORIA
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सोंदा में बन रही थी अवैध शराब
मुखबिर की सूचना पर आबकारी टीम ने किया भंडाफोड़
मौके से हरियाणा निर्मित शराब, खाली शीशी, ढक्कन आदि बरामद
आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर केस दर्ज कर छानबीन में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। आबकारी विभाग की टीम ने बुधवार को शहर से सोंदा इलाके के एक नवनिर्मित मकान में छापामार कर अवैध शराब के धंधे का भंडाफोड़ किया। यहां हरियाणा निर्मित शराब लाकर उसे नामी ब्रांड की बोतलों में भरकर जाली बार कोड लगाकर स्थानीय क्षेत्रों में बिक्री की जाती थी। मौके से भारी मात्रा में हरियाणा निर्मित शराब, खाली शीशी, ढक्कन और बार कोड बरामद हुआ है। आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस केस दर्ज करने में जुटी थी।
मुखबिर की सूचना पर जिला आबकारी अधिकारी अश्विनी कुमार के निर्देशन में विभागीय टीम ने सोंदा में सनबीम स्कूल के सामने गली में स्थित नवनिर्मित मकान पर जा धमकी। मकान का मुख्य गेट खुला था, जबकि अंदर के कमरों पर ताला बंद था। ताला तोड़कर टीम ने छानबीन शुरू की तो काफी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुआ। हरियाणा के झज्जर में बनी इंपैक्ट ब्रांड के शराब की बोतल पेटी और बोरों में भरकर रखा गया था। पास में ही रॉयल स्टैग और मैकडावल्स की खाली शीशी, ढक्कन और बार कोड भी पाए गए। टीम ने मकान के ऊपरी हिस्से व भूतल में भी जाकर छानबीन की। करीब चार घंटे की पड़ताल के बाद पता चला कि मकान सलेमपुर के तारा परसिया गांव निवासी एक शख्स का है। इसका निर्माण करीब दो माह पहले ही पूरा हुआ है। देखभाल के लिए एक परिचित ने इसे किराए पर ले रखा था। वही इसमें अवैध शराब तैयार करता था। आबकारी निरीक्षक रवि जायसवाल व अवधेश कुमार के मुताबिक मकान से इंपैक्ट की 958 बोतल बंद शराब, मैकडावल्स व रायल स्टैग की करीब 600 खाली शीशी, 1300 ढक्कन और दस हजार से अधिक बार कोड मिला है। अवैध शराब का काम खुखुंदू के सुविखर निवासी शख्स के संरक्षण में होता था। पहले भी उसे अवैध शराब बनाते पकड़ा जा चुका है। आबकारी निरीक्षक ने उसके खिलाफ नामजद तहरीर दी है। टीम में दीवान रितेश सिंह, यशवंत सिंह, लालचंद, महेंद्र प्रसाद, विकास मिश्र, सुनील राय, अमित सिंह, अखिलेश सिंह, वकील सिंह, दिनेश यादव आदि शामिल रहे।
दो माह पहले ही बना है मकान
सोंदा के जिस मकान में आबकारी टीम ने अवैध शराब के धंधे का भंडाफोड़ किया, उसका निर्माण करीब दो माह पहले ही हुआ है। गृह प्रवेश के दौरान लगाए माला-फूल सहित अन्य मांगलिक कार्यों के निशान अब भी यथावत हैं। गृहस्वामी सरकारी सेवा से जुड़े रहे हैं। बताते हैं कि निर्माण के बाद गृहप्रवेश के बाद गृहस्वामी ने इसे देख-रेख के लिए एक परिचित को दे दिया था। उसे भरोसा था कि परिचित मकान की अच्छे से देखभाल करेगा। इसका लाभ उठाते हुए खाली मकान में अवैध शराब का धंधा शुरू कर दिया गया था। मकान के अंदर से मिले शादी के कार्ड पर अंकित नाम-पता और नंबरों पर आबकारी अधिकारी ने संपर्क किया तो पूरे मामले की पोल खुली। नवनिर्मित मकान में अवैध शराब बनाने की बात सुन गृहस्वामी भी सन्न रह गए।
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तस्करी में छोटी गाड़ियों का होता था इस्तेमाल
शहर से बाहर सोंदा स्थित मकान मुख्य मार्ग से हटकर करीब 100 मीटर अंदर गली में है। वहां तक सिर्फ कार, पिकअप जैसे छोटे वाहन ही पहुंच सकते हैं। गली में सबसे अंतिम छोर पर होने का लाभ भी अवैध शराब के धंधेबाजों ने बखूबी उठाया। आसपास के मकानों की स्थिति से भी साफ था कि वहां चहल-पहल बेहद कम रहती है। ऐसे में धंधेबाजों के लिए जगह हर तरह से मुफीद थी। छोटे वाहनों में शराब लेकर वह सीधे मकान तक पहुंच जाते थे। बड़े गेट से वाहन को अंदर ले जाकर माल उतारते थे। फिर तैयार माल को गेट के अंदर ही गाड़ी में रखकर बाहर भेजते थे। सुनसान होने के चलते किसी की भी इस गोरखधंधे पर भनक नहीं लगती थी।
ऐसे तैयार करते थे अवैध शराब
हरियाणा निर्मित शराब को पहले मकान में एकत्रित किया जाता था। फिर यहां इसे छोटी शीशी में भरा जाता था। शराब की मात्रा बढ़ाने के लिए पानी व अन्य सामग्री मिलाने की आशंका जताई जा रही है। तैयार माल पर नया ढक्कन और बार कोड लगाकर पैक कर दिया जाता था, जिससे यह शराब सामान्य की ही तरह की दिखती थी। इसे आसपास की दुकानों या बिहार में भेजा जाता था। जांच में बार कोड भी नकली मिला है।
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मुखबिर की सूचना पर आबकारी टीम ने किया भंडाफोड़
मौके से हरियाणा निर्मित शराब, खाली शीशी, ढक्कन आदि बरामद
आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर केस दर्ज कर छानबीन में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। आबकारी विभाग की टीम ने बुधवार को शहर से सोंदा इलाके के एक नवनिर्मित मकान में छापामार कर अवैध शराब के धंधे का भंडाफोड़ किया। यहां हरियाणा निर्मित शराब लाकर उसे नामी ब्रांड की बोतलों में भरकर जाली बार कोड लगाकर स्थानीय क्षेत्रों में बिक्री की जाती थी। मौके से भारी मात्रा में हरियाणा निर्मित शराब, खाली शीशी, ढक्कन और बार कोड बरामद हुआ है। आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस केस दर्ज करने में जुटी थी।
मुखबिर की सूचना पर जिला आबकारी अधिकारी अश्विनी कुमार के निर्देशन में विभागीय टीम ने सोंदा में सनबीम स्कूल के सामने गली में स्थित नवनिर्मित मकान पर जा धमकी। मकान का मुख्य गेट खुला था, जबकि अंदर के कमरों पर ताला बंद था। ताला तोड़कर टीम ने छानबीन शुरू की तो काफी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुआ। हरियाणा के झज्जर में बनी इंपैक्ट ब्रांड के शराब की बोतल पेटी और बोरों में भरकर रखा गया था। पास में ही रॉयल स्टैग और मैकडावल्स की खाली शीशी, ढक्कन और बार कोड भी पाए गए। टीम ने मकान के ऊपरी हिस्से व भूतल में भी जाकर छानबीन की। करीब चार घंटे की पड़ताल के बाद पता चला कि मकान सलेमपुर के तारा परसिया गांव निवासी एक शख्स का है। इसका निर्माण करीब दो माह पहले ही पूरा हुआ है। देखभाल के लिए एक परिचित ने इसे किराए पर ले रखा था। वही इसमें अवैध शराब तैयार करता था। आबकारी निरीक्षक रवि जायसवाल व अवधेश कुमार के मुताबिक मकान से इंपैक्ट की 958 बोतल बंद शराब, मैकडावल्स व रायल स्टैग की करीब 600 खाली शीशी, 1300 ढक्कन और दस हजार से अधिक बार कोड मिला है। अवैध शराब का काम खुखुंदू के सुविखर निवासी शख्स के संरक्षण में होता था। पहले भी उसे अवैध शराब बनाते पकड़ा जा चुका है। आबकारी निरीक्षक ने उसके खिलाफ नामजद तहरीर दी है। टीम में दीवान रितेश सिंह, यशवंत सिंह, लालचंद, महेंद्र प्रसाद, विकास मिश्र, सुनील राय, अमित सिंह, अखिलेश सिंह, वकील सिंह, दिनेश यादव आदि शामिल रहे।
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दो माह पहले ही बना है मकान
सोंदा के जिस मकान में आबकारी टीम ने अवैध शराब के धंधे का भंडाफोड़ किया, उसका निर्माण करीब दो माह पहले ही हुआ है। गृह प्रवेश के दौरान लगाए माला-फूल सहित अन्य मांगलिक कार्यों के निशान अब भी यथावत हैं। गृहस्वामी सरकारी सेवा से जुड़े रहे हैं। बताते हैं कि निर्माण के बाद गृहप्रवेश के बाद गृहस्वामी ने इसे देख-रेख के लिए एक परिचित को दे दिया था। उसे भरोसा था कि परिचित मकान की अच्छे से देखभाल करेगा। इसका लाभ उठाते हुए खाली मकान में अवैध शराब का धंधा शुरू कर दिया गया था। मकान के अंदर से मिले शादी के कार्ड पर अंकित नाम-पता और नंबरों पर आबकारी अधिकारी ने संपर्क किया तो पूरे मामले की पोल खुली। नवनिर्मित मकान में अवैध शराब बनाने की बात सुन गृहस्वामी भी सन्न रह गए।
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शहर से बाहर सोंदा स्थित मकान मुख्य मार्ग से हटकर करीब 100 मीटर अंदर गली में है। वहां तक सिर्फ कार, पिकअप जैसे छोटे वाहन ही पहुंच सकते हैं। गली में सबसे अंतिम छोर पर होने का लाभ भी अवैध शराब के धंधेबाजों ने बखूबी उठाया। आसपास के मकानों की स्थिति से भी साफ था कि वहां चहल-पहल बेहद कम रहती है। ऐसे में धंधेबाजों के लिए जगह हर तरह से मुफीद थी। छोटे वाहनों में शराब लेकर वह सीधे मकान तक पहुंच जाते थे। बड़े गेट से वाहन को अंदर ले जाकर माल उतारते थे। फिर तैयार माल को गेट के अंदर ही गाड़ी में रखकर बाहर भेजते थे। सुनसान होने के चलते किसी की भी इस गोरखधंधे पर भनक नहीं लगती थी।
ऐसे तैयार करते थे अवैध शराब
हरियाणा निर्मित शराब को पहले मकान में एकत्रित किया जाता था। फिर यहां इसे छोटी शीशी में भरा जाता था। शराब की मात्रा बढ़ाने के लिए पानी व अन्य सामग्री मिलाने की आशंका जताई जा रही है। तैयार माल पर नया ढक्कन और बार कोड लगाकर पैक कर दिया जाता था, जिससे यह शराब सामान्य की ही तरह की दिखती थी। इसे आसपास की दुकानों या बिहार में भेजा जाता था। जांच में बार कोड भी नकली मिला है।