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दोहरे हत्याकांड में छह आरोपित बरी
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दोहरे हत्याकांड में छह आरोपित बरी
देवरिया। भाटपाररानी स्टेशन तिराहे पर 23 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड मामले में एकल साक्ष्य विश्वसनीय नहीं मानते हुए जिला जज न्यायालय ने छह आरोपितों को बरी कर दिया। 14 मार्च 1997 को दिन में डेढ़ बजे नोनापार निवासी दिवाकर तिवारी व बरहज थानाक्षेत्र के नदुआ गांव निवासी ब्रह्मानंद उपाध्याय की पीटकर कर हत्या कर दी गई थी। शुक्रवार को जिला जज रविनाथ ने सभी आरोपितों चंदन शाही, अमित शाही, राजू सिंह, राजेश सिंह, धनंजय सिंह व मनोज कुमार सिंह को बरी कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश मिश्र के अनुसार भटनी थानाक्षेत्र के ग्राम नोनापार निवासी मारकंडेय तिवारी पुत्र रूपनरायण तिवारी मदन मोहन मालवीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रसायन विज्ञान में लैब परिचारक के पद पर कार्यरत थे। 13 मार्च 1997 की दोपहर प्रयोगशाला में चंदन शाही आए और उनसे अभद्रता करने लगे। जिस पर उनको बाहर निकाल दिया गया। जाते हुए चंदन शाही ने मारकंडेय तिवारी को जान से मारने की धमकी दी। 14 मार्च 1997 को मारकंडेय तिवारी अपने बेटे दिवाकर तिवारी, भूपेंद्र व अपने साले ब्रह्मानंद उपाध्याय के साथ दोपहर डेढ़ बजे रेलवे स्टेशन तिराहे पर पहुंचे। तभी चंदन शाही, अमित शाही, राजू सिंह, धनंजय सिंह, राजेश सिंह व मनोज कुमार सिंह ने हॉकी-डंडा लेकर हमला बोल दिया। दिवाकर तिवारी और ब्रह्मानंद की पीटकर हत्या कर दी। इस मामले में भाटपाररानी थाने में मुकदमा दर्ज था। न्यायालय ने एकल साक्ष्य विश्वसनीय नहीं मानते हुए छह आरोपितों को बरी कर दिया।
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देवरिया। भाटपाररानी स्टेशन तिराहे पर 23 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड मामले में एकल साक्ष्य विश्वसनीय नहीं मानते हुए जिला जज न्यायालय ने छह आरोपितों को बरी कर दिया। 14 मार्च 1997 को दिन में डेढ़ बजे नोनापार निवासी दिवाकर तिवारी व बरहज थानाक्षेत्र के नदुआ गांव निवासी ब्रह्मानंद उपाध्याय की पीटकर कर हत्या कर दी गई थी। शुक्रवार को जिला जज रविनाथ ने सभी आरोपितों चंदन शाही, अमित शाही, राजू सिंह, राजेश सिंह, धनंजय सिंह व मनोज कुमार सिंह को बरी कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश मिश्र के अनुसार भटनी थानाक्षेत्र के ग्राम नोनापार निवासी मारकंडेय तिवारी पुत्र रूपनरायण तिवारी मदन मोहन मालवीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रसायन विज्ञान में लैब परिचारक के पद पर कार्यरत थे। 13 मार्च 1997 की दोपहर प्रयोगशाला में चंदन शाही आए और उनसे अभद्रता करने लगे। जिस पर उनको बाहर निकाल दिया गया। जाते हुए चंदन शाही ने मारकंडेय तिवारी को जान से मारने की धमकी दी। 14 मार्च 1997 को मारकंडेय तिवारी अपने बेटे दिवाकर तिवारी, भूपेंद्र व अपने साले ब्रह्मानंद उपाध्याय के साथ दोपहर डेढ़ बजे रेलवे स्टेशन तिराहे पर पहुंचे। तभी चंदन शाही, अमित शाही, राजू सिंह, धनंजय सिंह, राजेश सिंह व मनोज कुमार सिंह ने हॉकी-डंडा लेकर हमला बोल दिया। दिवाकर तिवारी और ब्रह्मानंद की पीटकर हत्या कर दी। इस मामले में भाटपाररानी थाने में मुकदमा दर्ज था। न्यायालय ने एकल साक्ष्य विश्वसनीय नहीं मानते हुए छह आरोपितों को बरी कर दिया।
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