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Deoria News: वन निगम अधिकारी की मौत से गांव में पसरा सन्नाटा
Sat, 26 Sep 2026 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:12 AM IST
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भटनी। उत्तर प्रदेश वन निगम में डिप्टी लॉगिंग मैनेजर (डीएलएम) के पद पर तैनात भरहेचौरा निवासी सत्यपाल प्रसाद गोंड़ की मौत की खबर से गांव में शोक की लहर है। बृहस्पतिवार रात सोनभद्र के पिपरी थाना क्षेत्र के रेणुकूट स्थित एक निजी अतिथि गृह में उनका फंदे से लटका शव मिला था। घटना के बाद ग्रामीण उनके व्यवहार और सामाजिक सरोकारों को याद कर भावुक हैं। ग्रामीणों ने मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, सत्यपाल मृदुभाषी स्वभाव के थे। गांव आने पर युवाओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की मदद भी करते थे। उनका कहना है कि सत्यपाल आत्महत्या नहीं कर सकते। ग्रामीणों ने मौत के पीछे साजिश की आशंका जताते हुए मामले की जांच की है।
सत्यपाल के पिता जयराम गोंड़ बोकारो स्टील कंपनी में काम करते थे। इसी वजह से उनकी प्रारंभिक शिक्षा बोकारो में हुई। बाद में उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उनका चयन उत्तर प्रदेश वन निगम में डीएलएम पद पर हुआ था। सत्यपाल का विवाह खामपार थाना क्षेत्र के बंधीमठ निवासी रानी से हुआ था। उनके दो बेटे आयुष और आरोग्य हैं। परिवार के साथ वाराणसी में रहने वाले सत्यपाल छुट्टियों और पारिवारिक आयोजनों में अक्सर गांव आते थे। इस दौरान वह ग्रामीणों से मिलते और युवाओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे। उनके चाचा सीताराम गोंड़, राधेश्याम गोंड़, गोरख प्रसाद, रामजी गोंड़, रणविजय गोंड़, दिनेश कुमार और नेबुलाल समेत अन्य ग्रामीणों ने घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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ग्रामीणों के अनुसार, सत्यपाल मृदुभाषी स्वभाव के थे। गांव आने पर युवाओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की मदद भी करते थे। उनका कहना है कि सत्यपाल आत्महत्या नहीं कर सकते। ग्रामीणों ने मौत के पीछे साजिश की आशंका जताते हुए मामले की जांच की है।
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सत्यपाल के पिता जयराम गोंड़ बोकारो स्टील कंपनी में काम करते थे। इसी वजह से उनकी प्रारंभिक शिक्षा बोकारो में हुई। बाद में उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उनका चयन उत्तर प्रदेश वन निगम में डीएलएम पद पर हुआ था। सत्यपाल का विवाह खामपार थाना क्षेत्र के बंधीमठ निवासी रानी से हुआ था। उनके दो बेटे आयुष और आरोग्य हैं। परिवार के साथ वाराणसी में रहने वाले सत्यपाल छुट्टियों और पारिवारिक आयोजनों में अक्सर गांव आते थे। इस दौरान वह ग्रामीणों से मिलते और युवाओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे। उनके चाचा सीताराम गोंड़, राधेश्याम गोंड़, गोरख प्रसाद, रामजी गोंड़, रणविजय गोंड़, दिनेश कुमार और नेबुलाल समेत अन्य ग्रामीणों ने घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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