शूटरों ने की थी प्रधानाचार्य, उनके भाई की हत्या
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प्रधानाचार्य और उनके भाई की हत्या भाड़े के बदमाशों ने की थी। प्रापर्टी के लालच में प्रधानाचार्य की पत्नी ने कॉलेज के शिक्षकों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने सोमवार को घटना का खुलासा कर दिया। वारदात को अंजाम देने वाले भाड़े का एक शूटर और प्रधानाचार्य की पत्नी राजश्री के करीबी कप्तान उपाध्याय को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना में प्रयुक्त बाइक भी पुलिस ने शूटर के पास से बरामद की है। फरार अन्य पांच हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
एसडी इंटर कॉलेज मठलार के प्रधानाचार्य रामजीत सिंह और सेना से रिटायर उनके बड़े भाई विजय बहादुर सिंह की बदमाशों ने 19 नवंबर को लार के रेवली ढाले के समीप गोलियों से भून दिया था। वे बलिया जिले के फेफना के खलीलपुर गांव के रहने वाले थे। इस मामले में पुलिस ने रिटायर फौजी की पत्नी बिंदू सिंह की तहरीर पर प्रबंधक, प्रधानाचार्य, पत्नी राजश्री समेत आठ लोगों पर हत्या और षड्यंत्र करने का केस दर्ज किया था। पुलिस की विवेचना में प्रापर्टी की लालच में दोनों भाइयों हत्या करने की बात सामने आई है। पुलिस ने प्रधानाचार्य की पत्नी राजश्री सिंह के करीबी कृष्णकांत उपाध्याय उर्फ कप्तान को हिरासत में कड़ाई से पूछताछ की तो हत्याकांड का सच सामने आ गया। पुलिस का दावा है कि राजश्री सिंह का कृष्णकांत उपाध्याय से अच्छे रिश्ते हैं। प्रधानाचार्य और उनकी पत्नी राजश्री के बीच जिस प्रापर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। उसे पाने के लिए कृष्णकांत उपाध्याय ने एसडी इंटर कॉलेज मठलार के शिक्षक गजेन्द्र चौबे के संपर्क में थे। शिक्षक गजेंद्र चौबे ने बनकटा के रामपुर बुजुर्ग गांव निवासी सुपारी किलर प्रभाकर मिश्र से कृष्णकांत की मुलाकात कराई। प्रभाकर मिश्र ने बनकटा के शूटर अजीत सिंह उर्फ जड़ी और सिवान जिले के असांव थाना क्षेत्र के पचबेनिया निवासी सच्चितानंद पांडेय से संपर्क कराया। ढाई लाख रुपये में प्रधानाचार्य की हत्या की दोनों शूटर्स ने सुपारी ली। स्कूल से घर जा रहे प्रधानाचार्य और उनके भाई को रेवली के समीप गोलियों से भूून दिया। घटना के समय सच्चितानंद बाइक चला रहा था। बाइक पर पीछे बैठे अजीत उर्फ जड़ी ने गोलियां दागी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों बिहार भाग गए। पुलिस ने कृष्णकांत और सच्चितानंद को सुतावर तिराहे से गिरफ्तार का दावा किया है। एसओ लार विकास यादव ने बताया कि प्रापर्टी विवाद में दोनों भाइयों की हत्या कराई गई थी। इसमें एक शूटर और सुपारी देने वाले को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। फरार चल रहे हत्यारोपी शिक्षक गजेन्द्र चौबे, प्रधानाचार्य की पत्नी राजश्री सिंह, साला अरुण सिंह, प्रभाकर मिश्रा, अजीत सिंह उर्फ जड़ी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।