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Deoria News: रेलवे क्रासिंग पर सात अंडरपास...जाम से दिलाएंगे निजात
Sat, 06 Jan 2024 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 06 Jan 2024 12:31 AM IST
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देवरिया। शहर में आने वाली सात सड़कों पर बनी रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास बनने का रास्ता साफ हो गया है। इससे जहां शहर आने वाले राहगीरों को सहूलियत होगी, वहीं शहर के कई मोहल्लों के लोगों को जाम से निजात मिलेगी। एक साल से चल रहे प्रयास के बाद रेलवे बोर्ड ने इसको हरी झंडी दे दी है। तीन दिन पूर्व इसका सर्वे भी किया गया। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही कार्य शुरू हो जाएगा।
गोरखपुर-छपरा रेल खंड के भटनी, गौरीबाजार, भाटपाररानी में तीन समपार फाटक पर ओवरब्रिज बनने की मंजूरी तो मिल गई थी, लेकिन सात ऐसी रेलवे क्रासिंग थीं, जहां अंडरपास की अनुमति रेलवे प्रशासन ने नहीं दी थी। अब रेलवे बोर्ड ने अंडरपास निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी है। इसका सर्वे कार्य भी पूरा हो चुका है।
भटनी और देवरिया के बीच नूनखार में 117 सी, 118 सी, 120, 126 सी और देवरिया-बैतलापुर के बीच 129,133 व गौरीबाजार तथा चौराचौरी के बीच 39सी क्रासिंग पर अंडरपास बनेगा। अंडर पास नहीं होने के चलते चकियवा, पड़री मल्ल क्रासिंग से आने वाले लोगों को जाम का सामना करना पड़ता था। इसमें अधिकांश क्रासिंग हर में आने वाले प्रमुख मार्गाें पर हैं। क्रासिंग बंद होने पर लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
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अंडरपास के निर्माण के लिए सदर सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव से मिले थे। अब रेलवे बोर्ड ने इसके लिए हरी झंडी दे दिया। सांसद ने बताया कि इससे काफी लोगों को सहूलियत मिलेगी।
दो हिस्से में बंटे शहर का होगा जुड़ाव
शहर रेल लाइन के दोनों तरफ बसा है। ट्रेनों के आवागमन पर ढाला बंद होने के चलते लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बिहार से बरियारपुर, महुआपाटन, गोरयाघाट, बैकुंठपुर, करौंदी, लाहिलपार, बड़हरा, महुआनी, सोहनीपार के अलावा पथरदेवा से देवरिया धूस होकर आने वाले लोगों को भीखमपुर रोड से न जाकर चकियवा ढाला होते शहर में आने में आसानी होती है। जबकि शहर के पिपरपाती, गोबराई, जटमलपुर, पगरा, रामगुलाम टोला पूर्वी सहित अन्य मोहल्लों के लोगों का इधर से आना-जाना होता है। इस रास्ते अस्पताल, बस स्टेशन, कचहरी सहित अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यालय के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन ढाला बंद होने से लोगों को दिक्कत होती है।
अंडरपास निर्माण से पहले देना होगा वैकल्पिक रास्ता
चकियवा ढाले पर बनने वाले अंडरपास में सर्वे के दौरान पेंच फंस रहा है। रेलवे अधिकारियों की माने तो चकियवा ढाले पर अंडरपास निर्माण से पहले वैकल्पिक रास्ता देना पड़ेगा। चारों तरफ निर्माण होने की वजह से वैकल्पिक रास्ता नहीं बन पा रहा है। इसको लेकर माथापच्ची चल रही है। टेंडर होने से पहले वैकल्पिक रास्ता निर्माण कराने का प्रयास चल रहा है।
गोरखपुर-छपरा रेलखंड पर सात अंडर पास की स्वीकृति मिल गई है। इससे जाम की समस्या का समाधान होगा। टेंडर होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले वैकल्पिक रास्ते बनाए जाएंगे।
-परवेज सिद्दीकी, आईओडब्लू, भटनी
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गोरखपुर-छपरा रेल खंड के भटनी, गौरीबाजार, भाटपाररानी में तीन समपार फाटक पर ओवरब्रिज बनने की मंजूरी तो मिल गई थी, लेकिन सात ऐसी रेलवे क्रासिंग थीं, जहां अंडरपास की अनुमति रेलवे प्रशासन ने नहीं दी थी। अब रेलवे बोर्ड ने अंडरपास निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी है। इसका सर्वे कार्य भी पूरा हो चुका है।
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भटनी और देवरिया के बीच नूनखार में 117 सी, 118 सी, 120, 126 सी और देवरिया-बैतलापुर के बीच 129,133 व गौरीबाजार तथा चौराचौरी के बीच 39सी क्रासिंग पर अंडरपास बनेगा। अंडर पास नहीं होने के चलते चकियवा, पड़री मल्ल क्रासिंग से आने वाले लोगों को जाम का सामना करना पड़ता था। इसमें अधिकांश क्रासिंग हर में आने वाले प्रमुख मार्गाें पर हैं। क्रासिंग बंद होने पर लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
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अंडरपास के निर्माण के लिए सदर सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव से मिले थे। अब रेलवे बोर्ड ने इसके लिए हरी झंडी दे दिया। सांसद ने बताया कि इससे काफी लोगों को सहूलियत मिलेगी।
दो हिस्से में बंटे शहर का होगा जुड़ाव
शहर रेल लाइन के दोनों तरफ बसा है। ट्रेनों के आवागमन पर ढाला बंद होने के चलते लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बिहार से बरियारपुर, महुआपाटन, गोरयाघाट, बैकुंठपुर, करौंदी, लाहिलपार, बड़हरा, महुआनी, सोहनीपार के अलावा पथरदेवा से देवरिया धूस होकर आने वाले लोगों को भीखमपुर रोड से न जाकर चकियवा ढाला होते शहर में आने में आसानी होती है। जबकि शहर के पिपरपाती, गोबराई, जटमलपुर, पगरा, रामगुलाम टोला पूर्वी सहित अन्य मोहल्लों के लोगों का इधर से आना-जाना होता है। इस रास्ते अस्पताल, बस स्टेशन, कचहरी सहित अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यालय के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन ढाला बंद होने से लोगों को दिक्कत होती है।
अंडरपास निर्माण से पहले देना होगा वैकल्पिक रास्ता
चकियवा ढाले पर बनने वाले अंडरपास में सर्वे के दौरान पेंच फंस रहा है। रेलवे अधिकारियों की माने तो चकियवा ढाले पर अंडरपास निर्माण से पहले वैकल्पिक रास्ता देना पड़ेगा। चारों तरफ निर्माण होने की वजह से वैकल्पिक रास्ता नहीं बन पा रहा है। इसको लेकर माथापच्ची चल रही है। टेंडर होने से पहले वैकल्पिक रास्ता निर्माण कराने का प्रयास चल रहा है।
गोरखपुर-छपरा रेलखंड पर सात अंडर पास की स्वीकृति मिल गई है। इससे जाम की समस्या का समाधान होगा। टेंडर होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले वैकल्पिक रास्ते बनाए जाएंगे।
-परवेज सिद्दीकी, आईओडब्लू, भटनी