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Deoria News: खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही सरयू
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भागलपुर में बढ़ती सरयू नदी
- बाढ़ की आशंका से सहमे तटवर्ती गांव के लोग बोले, सजग नहीं हुआ विभाग तो उजड़ जाएंगे गांव
- अधिकारी बोले, थोड़ा और बढ़ने के बाद घट जाएगा नदियों का जलस्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नेपाल से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी नदियों के तटवर्ती गांव के लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। सरयू नदी एक बार फिर खतरे के निशान एक मीटर ऊपर बहने लगी है। गोर्रा और राप्ती का जलस्तर भी चढ़ रहा है। रविवार को बरहज गेज स्थल से आई रिपोर्ट के मुताबिक सरयू 67.50 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं गोर्रा व राप्ती के जलस्तर का फासला खतरे से करीब एक मीटर रह गया है। बाढ़ की आशंका से तटवर्ती गांव के लोग सहमे हुए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि थोड़ा और बढ़ने के बाद नदियों का जलस्तर कम हो जाएगा।
गौरा निवासी ओमप्रकाश कुशवाहा, सुबास गुप्ता, कपरवार के रामसागर आदि का कहना है कि अगस्त और सितंबर महीने में बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। 28 जुलाई को नदी खतरे के निशान से पांच सेमी ऊपर बह रही थी। तीन दिन के बाद नदी का जलस्तर सामान्य हो गया। उस दौरान उतनी चिंता नहीं हुई जितनी अब हो रही है। खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही नदी का पानी हिलोरें ले रहा है। अगर बंधे टूट गए तो गांव के गांव साफ होने में देर नहीं लगेगी।
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नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी - खतरा - जलस्तर - गेज स्थल
सरयू - 66.50 - 67.55 - बरहज
राप्ती - 70.50 - 69.10 - भेड़ी
गुर्रा - 70.50 - 69.40 - पिड़राघाट
छोटी गंडक - 63.80 - 62.30 - नदावर घाट
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बारिश का नदियों पर असर नहीं
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जिले में खास बारिश नहीं हुई है। रविवार को बारिश नहीं हुई। शनिवार को 33.06 एमएम बारिश हुई थी। नेपाल में हो रही लगातार बारिश का असर नदियों में दिख रहा है। अभी दो दिनों तक सरयू, राप्ती, गोर्रा नदी के जलस्तर में चढ़ाव की आशंका है।
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वर्जन:
नेपाल से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सरयू नदी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। राप्ती, छोटी गंडक और गुर्रा नदी के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है। अभी जलस्तर में 10 से 20 सेमी तक चढ़ाव होने की आशंका है। तीन दिनों में पानी कम होने लगेगा। भयभीत होने की बात नहीं है। बंधे सुरक्षित और मजबूत हैं। निगरानी बढ़ा दी गई है।
- एनके जाड़िया, एक्सईएन बाढ़ खंड
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लगातार बढ़ रहा है सरयू नदी का जलस्तर
फोटो समाचार
एक सेमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हो रही बढ़ोतरी, लाल निशान से 60 सेमी ऊपर
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। भागलपुर क्षेत्र में मैदानी और पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण सरयू नदी के जलस्तर में बढ़त जारी है, नदी के अप्रत्याशित परिवर्तन से तटीय बशिंदों के होश उड़ गए हैं। बृहस्पतिवार शाम से तेजी से हो रही बढ़ोतरी रविवार को भी जारी रही और नदी खतरे के निशान से 60 सेमी उपर पहुंच गई है।
सरयू नदी में महीनों से उतार चढ़ाव जारी है। नदी तीसरी बार लाल निशान को पार की है। जिससे तटवर्ती इलाकों के लोग दहशत में हैं। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर हुई बारिश की वजह से नदी में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है। नदी का पानी रिहाइशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा है। जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों को अपनी फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मियों के अनुसार तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर रविवार दोपहर दो बजे 64 मीटर 90 सेमी पर पहुंच गया है। जो लाल निशान 64 मीटर 30 सेमी से 60 सेमी ऊपर है। अगले 24 घंटे नदी में बढ़ोत्तरी जारी रहने का अनुमान है। आगे एल्गिन ब्रिज बाराबंकी में सरयू नदी में बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि अगले 24 घंटे नदी के जलस्तर में वृद्धि होने का अनुमान है, मीटर पर निगरानी रखी जा रही है।
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- अधिकारी बोले, थोड़ा और बढ़ने के बाद घट जाएगा नदियों का जलस्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नेपाल से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी नदियों के तटवर्ती गांव के लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। सरयू नदी एक बार फिर खतरे के निशान एक मीटर ऊपर बहने लगी है। गोर्रा और राप्ती का जलस्तर भी चढ़ रहा है। रविवार को बरहज गेज स्थल से आई रिपोर्ट के मुताबिक सरयू 67.50 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं गोर्रा व राप्ती के जलस्तर का फासला खतरे से करीब एक मीटर रह गया है। बाढ़ की आशंका से तटवर्ती गांव के लोग सहमे हुए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि थोड़ा और बढ़ने के बाद नदियों का जलस्तर कम हो जाएगा।
गौरा निवासी ओमप्रकाश कुशवाहा, सुबास गुप्ता, कपरवार के रामसागर आदि का कहना है कि अगस्त और सितंबर महीने में बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। 28 जुलाई को नदी खतरे के निशान से पांच सेमी ऊपर बह रही थी। तीन दिन के बाद नदी का जलस्तर सामान्य हो गया। उस दौरान उतनी चिंता नहीं हुई जितनी अब हो रही है। खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही नदी का पानी हिलोरें ले रहा है। अगर बंधे टूट गए तो गांव के गांव साफ होने में देर नहीं लगेगी।
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नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी - खतरा - जलस्तर - गेज स्थल
सरयू - 66.50 - 67.55 - बरहज
राप्ती - 70.50 - 69.10 - भेड़ी
गुर्रा - 70.50 - 69.40 - पिड़राघाट
छोटी गंडक - 63.80 - 62.30 - नदावर घाट
बारिश का नदियों पर असर नहीं
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जिले में खास बारिश नहीं हुई है। रविवार को बारिश नहीं हुई। शनिवार को 33.06 एमएम बारिश हुई थी। नेपाल में हो रही लगातार बारिश का असर नदियों में दिख रहा है। अभी दो दिनों तक सरयू, राप्ती, गोर्रा नदी के जलस्तर में चढ़ाव की आशंका है।
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वर्जन:
नेपाल से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सरयू नदी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। राप्ती, छोटी गंडक और गुर्रा नदी के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है। अभी जलस्तर में 10 से 20 सेमी तक चढ़ाव होने की आशंका है। तीन दिनों में पानी कम होने लगेगा। भयभीत होने की बात नहीं है। बंधे सुरक्षित और मजबूत हैं। निगरानी बढ़ा दी गई है।
- एनके जाड़िया, एक्सईएन बाढ़ खंड
लगातार बढ़ रहा है सरयू नदी का जलस्तर
फोटो समाचार
एक सेमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हो रही बढ़ोतरी, लाल निशान से 60 सेमी ऊपर
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। भागलपुर क्षेत्र में मैदानी और पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण सरयू नदी के जलस्तर में बढ़त जारी है, नदी के अप्रत्याशित परिवर्तन से तटीय बशिंदों के होश उड़ गए हैं। बृहस्पतिवार शाम से तेजी से हो रही बढ़ोतरी रविवार को भी जारी रही और नदी खतरे के निशान से 60 सेमी उपर पहुंच गई है।
सरयू नदी में महीनों से उतार चढ़ाव जारी है। नदी तीसरी बार लाल निशान को पार की है। जिससे तटवर्ती इलाकों के लोग दहशत में हैं। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर हुई बारिश की वजह से नदी में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है। नदी का पानी रिहाइशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा है। जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों को अपनी फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मियों के अनुसार तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर रविवार दोपहर दो बजे 64 मीटर 90 सेमी पर पहुंच गया है। जो लाल निशान 64 मीटर 30 सेमी से 60 सेमी ऊपर है। अगले 24 घंटे नदी में बढ़ोत्तरी जारी रहने का अनुमान है। आगे एल्गिन ब्रिज बाराबंकी में सरयू नदी में बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि अगले 24 घंटे नदी के जलस्तर में वृद्धि होने का अनुमान है, मीटर पर निगरानी रखी जा रही है।