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खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर बह रही नदी
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खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर बह रही नदी
बरहज। सरयू के वेग में कमी आने के बाद नदी के जलस्तर में दोबारा पिछले 24 घंटे में पांच सेमी की बढ़त दर्ज की गई है। जलस्तर उतार-चढ़ाव से तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है। नदी खतरे के निशान से एक मीटर 25 सेमी ऊपर बह रही है।
सरयू में सैलाब से परसियां-विशुनपुर देवार के 26 टोलों सहित भदिला प्रथम गांव के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। शनिवार को थाना घाट पर बने मीटर गेज पर सरयू खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 25 सेमी ऊपर 67.75 पर बह रही थी। नदी के जलस्तर में पांच सेमी की बढ़त दर्ज की गई है। सरयू में आए सैलाब से राप्ती भी उफान पर है। नदी के उफनाने से कटइलवा से कपरवार संगम तट और परसियां-विशुनपुर देवार की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। जबकि रामजानकी मार्ग स्थित गनेश मणि के सागौन के बागीचे और रुद्रपुर मार्ग पर तेलियां बारी में बाढ़ का पानी फैल गया है। पैना मार्ग पर मेहियवां के निकट कुछ जगहों पर कटान हो रही है। सरयू के करवट लेने और आई आफत से रगरगंज, पुराना बरहज, पूर्वी पटेल नगर, संत रविदास मंदिर, आजाद नगर दक्षिणी, कटइलवा, नौका टोला, बेलडांड़, मठियां, कुवाईच टोला तक नदी का पानी पहुंच गया है। आई बाढ़ से जहां फसलें डूब गई हैं। वहीं मवेशियों के लिए चारा का संकट बना हुआ है। राप्ती से चारों तरफ से घिरा होने के कारण भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। कपरवार में उग्रसेन सेतु के निकट गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव में लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है।
आवागमन के लिए लगाई गई हैं 24 नावें
बरहज। सरयू में आए सैलाब से राप्ती भी उफान पर है। नदी में आई बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों को आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से छोटी, मझोली और बड़ी 12 नावें लगाई गई हैं। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि जलस्तर में बढ़त दर्ज की गई है। लोगों की सहूलियत के लिए भदिला प्रथम में 11, विशुनपुर देवार में 10, परसियां देवार में एक और देवरहवा बाबा में दो नावें लगाई गई हैं।
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बरहज। सरयू के वेग में कमी आने के बाद नदी के जलस्तर में दोबारा पिछले 24 घंटे में पांच सेमी की बढ़त दर्ज की गई है। जलस्तर उतार-चढ़ाव से तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है। नदी खतरे के निशान से एक मीटर 25 सेमी ऊपर बह रही है।
सरयू में सैलाब से परसियां-विशुनपुर देवार के 26 टोलों सहित भदिला प्रथम गांव के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। शनिवार को थाना घाट पर बने मीटर गेज पर सरयू खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 25 सेमी ऊपर 67.75 पर बह रही थी। नदी के जलस्तर में पांच सेमी की बढ़त दर्ज की गई है। सरयू में आए सैलाब से राप्ती भी उफान पर है। नदी के उफनाने से कटइलवा से कपरवार संगम तट और परसियां-विशुनपुर देवार की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। जबकि रामजानकी मार्ग स्थित गनेश मणि के सागौन के बागीचे और रुद्रपुर मार्ग पर तेलियां बारी में बाढ़ का पानी फैल गया है। पैना मार्ग पर मेहियवां के निकट कुछ जगहों पर कटान हो रही है। सरयू के करवट लेने और आई आफत से रगरगंज, पुराना बरहज, पूर्वी पटेल नगर, संत रविदास मंदिर, आजाद नगर दक्षिणी, कटइलवा, नौका टोला, बेलडांड़, मठियां, कुवाईच टोला तक नदी का पानी पहुंच गया है। आई बाढ़ से जहां फसलें डूब गई हैं। वहीं मवेशियों के लिए चारा का संकट बना हुआ है। राप्ती से चारों तरफ से घिरा होने के कारण भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। कपरवार में उग्रसेन सेतु के निकट गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव में लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है।
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आवागमन के लिए लगाई गई हैं 24 नावें
बरहज। सरयू में आए सैलाब से राप्ती भी उफान पर है। नदी में आई बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों को आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से छोटी, मझोली और बड़ी 12 नावें लगाई गई हैं। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि जलस्तर में बढ़त दर्ज की गई है। लोगों की सहूलियत के लिए भदिला प्रथम में 11, विशुनपुर देवार में 10, परसियां देवार में एक और देवरहवा बाबा में दो नावें लगाई गई हैं।
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