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सड़कों की गड्ढा मुक्ति के लिए अभी करना होगा इंतजार
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गढ्ढे में तब्दील महाराजा अग्रसेन बालिका इंटर कॉलेज की सामने की सडक।
- फोटो : DEORIA
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बारिश से सड़कों पर बन गए जानलेवा गड्ढे
राघवनगर, सीसी रोड, साकेतनगर, न्यू कॉलोनी सहित कई मोहल्लों में दिक्कत
बारिश में पानी भरने के बाद बढ़ेंगे हादसे, बेपरवाह हैं जिम्मेदार
बजट के अभाव में सड़कों की गड्ढा मुक्ति के लिए करना होगा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। शहर की जिन सड़कों के अच्छे होने का जिम्मेदार दावा करते आ रहे हैं, उसकी पोल पिछले दिनों हुई बारिश ने खोल दी है। एक दिन की ही बारिश ने वीआईपी इलाके की सड़कों पर कई जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। सड़क के बीच में अचानक से गड्ढा आने से राहगीर हादसों के शिकार हो रहे हैं। गनीमत तो यह है कि अभी गड्ढे नजर आ जा रहे हैं, बारिश के बाद पानी भरने से स्थिति गंभीर हो जाएगा। नगर पालिका के जिम्मेदार अब तक इससे बेखबर हैं। बजट का रोना रो रहे अफसरों की दलील है कि फिलहाल वह कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था में जुटे हैं। इसके बाद ही कोई अन्य काम होगा। अब गड्ढों में राहगीर गिरें या कोई हादसा हो, अपनी बला से।
करीब 10 दिन पूर्व हुई बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया था। जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त होने से कई सड़कों पर घंटों तक पानी भरा रहा। नतीजा सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए। कई स्थानों पर यह गड्ढे इतने खतरनाक हो गए हैं कि नजर हटी तो हादसा होना तय है। पाइप लाइन की मरम्मत के नाम पर नगर पालिका कर्मचारियों ने कई स्थानों पर सड़क खोदकर छोड़ दिया था। बारिश का पानी भरने के बाद यह गड्ढे भयावह रुप ले चुके हैं। शहर के करीब 80 फीसदी सड़कें गड्ढा युक्त हो चुकी हैं। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद भी इन गड्ढों को भरने की पहल नहीं हुई है। ऐसे में शहरी क्षेत्र की सड़कों पर आवागमन कर रहे राहगीरों की जान जोखिम में बनी हुई है। राहगीर संभलकर न चलें तो दुर्घटना होना स्वाभाविक है।
अधूरी सड़क भी खतरनाक
जितनी तेजी से सीसी रोड का शिलान्यास चुनाव से पहले हुआ उसके निर्माण में अब उतनी ही सुस्ती बरती जा रही है। शुरूआती दिनों में कुछ जगह पत्थर गिराए गए थे वह बिखरकर नाले में जा रहे हैं। हनुमान मंदिर से लगायत कतरारी तक कदम-कदम पर गड्ढे हैं। निर्माण नहीं होने से हनुमान मंदिर के पास हर रोज सुबह-शाम जाम की समस्या बनी रहती है। इस कारण रामलीला मैदान से लगायत पूरे राघवनगर की गलियों में गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती हैं।
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सबसे ज्यादा बदहाल हैं यह सड़कें
साकेतनगर, छहमुखी चौराहा, नई बाजार, राघवनगर, देवरिया रामनाथ मुंसफ कालोनी मार्ग, संत विनोबा कॉलेज मार्ग, बीआरडी कॉलेज मार्ग, देवरिया रामनाथ मार्ग, भटवलिया नाथनगर मार्ग, भीखमपुर रोड रामगुलाम टोला मार्ग, मुंशी गोरखनाथ टोला, पुलिस लाइंस रोड, लकड़ी हट्टा रोड, चकियवां ढाला मार्ग आदि लंबे समय से गड्ढा युक्त हो चुकी हैं।
हाईलाइटर
700 के करीब छोटी बड़ी सड़के हैं शहर में
24 मुख्य मार्ग हैं
560 सड़कों पर बन गए हैं गड्ढ़े
फिलहाल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शासन की प्राथमिक सूची में है। जब तक यह कार्य पूरा नहीं होता हमारे लगभग सभी तरह के फंड पर रोक लगा दी गई है। कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद अभियान चलाकर सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त किया जाएगा। - सत्यप्रकाश सिंह, ईओ नगरपालिका देवरिया
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राघवनगर, सीसी रोड, साकेतनगर, न्यू कॉलोनी सहित कई मोहल्लों में दिक्कत
बारिश में पानी भरने के बाद बढ़ेंगे हादसे, बेपरवाह हैं जिम्मेदार
बजट के अभाव में सड़कों की गड्ढा मुक्ति के लिए करना होगा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। शहर की जिन सड़कों के अच्छे होने का जिम्मेदार दावा करते आ रहे हैं, उसकी पोल पिछले दिनों हुई बारिश ने खोल दी है। एक दिन की ही बारिश ने वीआईपी इलाके की सड़कों पर कई जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। सड़क के बीच में अचानक से गड्ढा आने से राहगीर हादसों के शिकार हो रहे हैं। गनीमत तो यह है कि अभी गड्ढे नजर आ जा रहे हैं, बारिश के बाद पानी भरने से स्थिति गंभीर हो जाएगा। नगर पालिका के जिम्मेदार अब तक इससे बेखबर हैं। बजट का रोना रो रहे अफसरों की दलील है कि फिलहाल वह कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था में जुटे हैं। इसके बाद ही कोई अन्य काम होगा। अब गड्ढों में राहगीर गिरें या कोई हादसा हो, अपनी बला से।
करीब 10 दिन पूर्व हुई बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया था। जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त होने से कई सड़कों पर घंटों तक पानी भरा रहा। नतीजा सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए। कई स्थानों पर यह गड्ढे इतने खतरनाक हो गए हैं कि नजर हटी तो हादसा होना तय है। पाइप लाइन की मरम्मत के नाम पर नगर पालिका कर्मचारियों ने कई स्थानों पर सड़क खोदकर छोड़ दिया था। बारिश का पानी भरने के बाद यह गड्ढे भयावह रुप ले चुके हैं। शहर के करीब 80 फीसदी सड़कें गड्ढा युक्त हो चुकी हैं। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद भी इन गड्ढों को भरने की पहल नहीं हुई है। ऐसे में शहरी क्षेत्र की सड़कों पर आवागमन कर रहे राहगीरों की जान जोखिम में बनी हुई है। राहगीर संभलकर न चलें तो दुर्घटना होना स्वाभाविक है।
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अधूरी सड़क भी खतरनाक
जितनी तेजी से सीसी रोड का शिलान्यास चुनाव से पहले हुआ उसके निर्माण में अब उतनी ही सुस्ती बरती जा रही है। शुरूआती दिनों में कुछ जगह पत्थर गिराए गए थे वह बिखरकर नाले में जा रहे हैं। हनुमान मंदिर से लगायत कतरारी तक कदम-कदम पर गड्ढे हैं। निर्माण नहीं होने से हनुमान मंदिर के पास हर रोज सुबह-शाम जाम की समस्या बनी रहती है। इस कारण रामलीला मैदान से लगायत पूरे राघवनगर की गलियों में गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती हैं।
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सबसे ज्यादा बदहाल हैं यह सड़कें
साकेतनगर, छहमुखी चौराहा, नई बाजार, राघवनगर, देवरिया रामनाथ मुंसफ कालोनी मार्ग, संत विनोबा कॉलेज मार्ग, बीआरडी कॉलेज मार्ग, देवरिया रामनाथ मार्ग, भटवलिया नाथनगर मार्ग, भीखमपुर रोड रामगुलाम टोला मार्ग, मुंशी गोरखनाथ टोला, पुलिस लाइंस रोड, लकड़ी हट्टा रोड, चकियवां ढाला मार्ग आदि लंबे समय से गड्ढा युक्त हो चुकी हैं।
हाईलाइटर
700 के करीब छोटी बड़ी सड़के हैं शहर में
24 मुख्य मार्ग हैं
560 सड़कों पर बन गए हैं गड्ढ़े
फिलहाल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शासन की प्राथमिक सूची में है। जब तक यह कार्य पूरा नहीं होता हमारे लगभग सभी तरह के फंड पर रोक लगा दी गई है। कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद अभियान चलाकर सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त किया जाएगा। - सत्यप्रकाश सिंह, ईओ नगरपालिका देवरिया