{"_id":"5727a57c4f1c1bf8325cd25e","slug":"rld-for-eastern-hunger-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वांचल के लिए रालोद ने भूख हड़ताल की ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वांचल के लिए रालोद ने भूख हड़ताल की
deoria
Updated Tue, 03 May 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन
रालोद कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल की।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया में राष्ट्रीय लोक दल के किसान प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता सोमवार को पूर्वांचल राज्य के गठन की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर रहे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन और राजनीतिक रूप से सशक्त होने के बावजूद पूर्वांचल बदहाल है। इस दौरान आग की घटनाओं के पीड़ित परिवारों को पांच-पांच रुपये की सहायता देने की मांग की गई। इस दौरान राज्यपाल को संबोधित नौ सूत्री मांगपत्र जिलाधिकारी को दिया गया।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित भूख हड़ताल के दौरान प्रदेश महासचिव वासुदेव यादव ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में पूर्वांचल का अहम योगदान रहा है। हालांकि आजादी के बाद राजनीतिक नेतृत्व ने पूर्वांचल की अनदेखी करती रही है। सांसद और विधायकों ने इलाके के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया है। आज पूर्वांचल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ऐसे में पूर्वांचल राज्य के गठन नौकरी के लिए युवा भटक रहे हैं, बेरोजगारी के चलते युवाओं का पलायन बढ़ा है। जोन उपाध्यक्ष लालसा यादव ने कहा कि भूमिहीन परिवार के लिए कोई योजना नहीं चल रही है।
छोटे जोत के किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए किसान दर-दर भटक रहे हैं। रामकृष्ण मिश्र ने कहा कि आधारभूत सुविधाओं की कमी के चलते जनता परेशान है। जिलाध्यक्ष चंद्रिका मिश्र ने कहा कि देहात हो या शहर चलने लायक सड़क नहीं है। शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। इससे स्कूलों में छात्रों की संख्या दिनोंदिन घटती जा रही है। विकास के नाम पर बयानबाजी की जा रही है। कार्यक्रम को आशा सिंह, रामप्रकाश यादव, विपिन श्रीवास्तव, केसी मिश्र आदि ने संबोधित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित भूख हड़ताल के दौरान प्रदेश महासचिव वासुदेव यादव ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में पूर्वांचल का अहम योगदान रहा है। हालांकि आजादी के बाद राजनीतिक नेतृत्व ने पूर्वांचल की अनदेखी करती रही है। सांसद और विधायकों ने इलाके के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया है। आज पूर्वांचल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ऐसे में पूर्वांचल राज्य के गठन नौकरी के लिए युवा भटक रहे हैं, बेरोजगारी के चलते युवाओं का पलायन बढ़ा है। जोन उपाध्यक्ष लालसा यादव ने कहा कि भूमिहीन परिवार के लिए कोई योजना नहीं चल रही है।
विज्ञापन
छोटे जोत के किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए किसान दर-दर भटक रहे हैं। रामकृष्ण मिश्र ने कहा कि आधारभूत सुविधाओं की कमी के चलते जनता परेशान है। जिलाध्यक्ष चंद्रिका मिश्र ने कहा कि देहात हो या शहर चलने लायक सड़क नहीं है। शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। इससे स्कूलों में छात्रों की संख्या दिनोंदिन घटती जा रही है। विकास के नाम पर बयानबाजी की जा रही है। कार्यक्रम को आशा सिंह, रामप्रकाश यादव, विपिन श्रीवास्तव, केसी मिश्र आदि ने संबोधित किया।
विज्ञापन