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मंदिर में शादी हुई या नहीं, इस दावे की जांच दोबारा करें : कोर्ट
Thu, 24 Sep 2026 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:55 AM IST
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देवरिया। पत्नी की दूसरी शादी के आरोप वाली शिकायत को खारिज करने के निचली अदालत का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक की अदालत ने निरस्त कर दिया। अदालत ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या 19 को गायत्री मंदिर में शादी की दोबारा जांच कराने और शिकायतकर्ता को सुनकर नया आदेश पारित करने के निर्देश दिए।
सलेमपुर के नवीन कुमार ने शिकायत में कहा था कि उनकी शादी मई 2015 में हुई थी। आरोप लगाया कि पत्नी ने 30 नवंबर 2019 को देवरिया के गायत्री मंदिर में सुशील गौतम से दूसरी शादी कर ली। शिकायत खारिज होने पर नवीन ने वर्ष 2024 में निगरानी दाखिल की थी।
सुनवाई के दौरान नवीन की पत्नी और सुशील ने दूसरी शादी के आरोप से इनकार किया। अदालत ने पाया कि मंदिर के पुजारी से पूछताछ नहीं की गई और न ही किसी सक्षम व्यक्ति या अधिकारी से यह जांच कराई गई कि संबंधित तारीख पर मंदिर में शादी हुई थी या नहीं। अपर सत्र न्यायाधीश अभय कृष्ण तिवारी ने 21 सितंबर को निगरानी स्वीकार कर 19 दिसंबर 2023 का आदेश निरस्त कर दिया। अगली कार्रवाई के लिए पत्रावली सात अक्तूबर 2026 को संबंधित न्यायालय में पेश की जाएगी।
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सलेमपुर के नवीन कुमार ने शिकायत में कहा था कि उनकी शादी मई 2015 में हुई थी। आरोप लगाया कि पत्नी ने 30 नवंबर 2019 को देवरिया के गायत्री मंदिर में सुशील गौतम से दूसरी शादी कर ली। शिकायत खारिज होने पर नवीन ने वर्ष 2024 में निगरानी दाखिल की थी।
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सुनवाई के दौरान नवीन की पत्नी और सुशील ने दूसरी शादी के आरोप से इनकार किया। अदालत ने पाया कि मंदिर के पुजारी से पूछताछ नहीं की गई और न ही किसी सक्षम व्यक्ति या अधिकारी से यह जांच कराई गई कि संबंधित तारीख पर मंदिर में शादी हुई थी या नहीं। अपर सत्र न्यायाधीश अभय कृष्ण तिवारी ने 21 सितंबर को निगरानी स्वीकार कर 19 दिसंबर 2023 का आदेश निरस्त कर दिया। अगली कार्रवाई के लिए पत्रावली सात अक्तूबर 2026 को संबंधित न्यायालय में पेश की जाएगी।
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