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आज मिलेगा आरसीएच नंबर, खोले जाएंगे बैंक खाते
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस, आरसीएच नंबर होने से प्रसव के 48 घंटे के भीतर हो पाएगा भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में हर माह की नौ तारीख को मनाया जाने वाला प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस इस बार खास होगा। इस दौरान लाभार्थियों को मौके पर ही रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ (आरसीएच) नंबर दिया जाएगा और बैंक खाता भी खोला जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने इस संबंध में पत्र भेजकर निर्देश दिया है। आरसीएच नंबर और बैंक खाता होने से स्वास्थ्य इकाई पर संस्थागत प्रसव के 48 घंटे के भीतर लाभार्थी के खाते में भुगतान प्राप्त हो जाएगा। जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी प्रसूता को शहरी क्षेत्र में एक हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में चौदह सौ रुपये देने का प्रावधान है ।
मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) पूनम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के बारे में कई कदम उठाने का निर्णय हुआ है। इसी क्रम में मिशन के निदेशक ने पत्र में कहा है कि सभी सीएमओ अभियान के तहत स्वैच्छिक सेवाओं के लिए पंजीकृत निजी चिकित्सकों को व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित करेंगे। आरसीएच नंबर पंजीकरण के लिए विशेष काउंटर खोले जाएंगे और जिन लाभार्थियों के पास आरसीएच नंबर नहीं होगा उनका तत्काल पंजीकरण करवा कर नंबर दिया जाएगा। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बैंक से समन्वय स्थापित कर विशेष काउंटर लगाएंगे, जहां लाभार्थियों के तत्काल खाते खोले जाएंगे। आशा कार्यकर्ता ऐसे लाभार्थियों को आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आने के लिए प्रेरित करेंगी।
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गर्भवती के लिए वरदान है पीएसएमए
एसीएमओ आरसीएच डॉ. एस के चौधरी ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस पर गर्भवती की संपूर्ण जांच होती है और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) को पहले ही चिह्नित कर परामर्श दिया जाता है कि उनका प्रसव उच्च चिकित्सा इकाई पर ही होगा। जब पहले से महिला के एचआरपी होने के बारे में पता चल जाता है तो उनका नियमित फॉलोअप होता है और किसी नजदीक के स्वास्थ्य इकाई पर ले जाकर आसानी से प्रसव कराया जाता है। आयोजन में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
ये जांचें होती हैं
जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस पर गर्भवती को ब्लड टेस्ट, यूरीन टेस्ट, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नि:शुल्क मुहैय्या कराई जाती है। जिन महिलाओं में तेज बुखार, दौरे पड़ने, उच्च रक्तचाप, योनि से रक्तस्राव, त्वचा के पीलापन, हाथ-पैरों में सूजन, तेज सिरदर्द, धुंधला दिखने, भ्रूण के न हिलने या कम हिलने जैसी समस्याएं होती हैं उन्हें एचआरपी के तौर पर चिह्नित कर लिया जाता है। ऐसी महिलाओं का समय-समय पर फॉलोअप होने से शरीर में खून का स्तर, अन्य जटिलताएं आदि पर नजर होती है और समुचित इलाज मिलता है, ताकि मां सुरक्षित बन सके। इसलिए महीने की नौ तारीख को सभी गर्भवती को स्वास्थ्य केंद्रों पर अवश्य आना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में हर माह की नौ तारीख को मनाया जाने वाला प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस इस बार खास होगा। इस दौरान लाभार्थियों को मौके पर ही रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ (आरसीएच) नंबर दिया जाएगा और बैंक खाता भी खोला जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने इस संबंध में पत्र भेजकर निर्देश दिया है। आरसीएच नंबर और बैंक खाता होने से स्वास्थ्य इकाई पर संस्थागत प्रसव के 48 घंटे के भीतर लाभार्थी के खाते में भुगतान प्राप्त हो जाएगा। जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी प्रसूता को शहरी क्षेत्र में एक हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में चौदह सौ रुपये देने का प्रावधान है ।
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मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) पूनम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के बारे में कई कदम उठाने का निर्णय हुआ है। इसी क्रम में मिशन के निदेशक ने पत्र में कहा है कि सभी सीएमओ अभियान के तहत स्वैच्छिक सेवाओं के लिए पंजीकृत निजी चिकित्सकों को व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित करेंगे। आरसीएच नंबर पंजीकरण के लिए विशेष काउंटर खोले जाएंगे और जिन लाभार्थियों के पास आरसीएच नंबर नहीं होगा उनका तत्काल पंजीकरण करवा कर नंबर दिया जाएगा। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बैंक से समन्वय स्थापित कर विशेष काउंटर लगाएंगे, जहां लाभार्थियों के तत्काल खाते खोले जाएंगे। आशा कार्यकर्ता ऐसे लाभार्थियों को आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आने के लिए प्रेरित करेंगी।
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गर्भवती के लिए वरदान है पीएसएमए
एसीएमओ आरसीएच डॉ. एस के चौधरी ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस पर गर्भवती की संपूर्ण जांच होती है और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) को पहले ही चिह्नित कर परामर्श दिया जाता है कि उनका प्रसव उच्च चिकित्सा इकाई पर ही होगा। जब पहले से महिला के एचआरपी होने के बारे में पता चल जाता है तो उनका नियमित फॉलोअप होता है और किसी नजदीक के स्वास्थ्य इकाई पर ले जाकर आसानी से प्रसव कराया जाता है। आयोजन में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
ये जांचें होती हैं
जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस पर गर्भवती को ब्लड टेस्ट, यूरीन टेस्ट, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नि:शुल्क मुहैय्या कराई जाती है। जिन महिलाओं में तेज बुखार, दौरे पड़ने, उच्च रक्तचाप, योनि से रक्तस्राव, त्वचा के पीलापन, हाथ-पैरों में सूजन, तेज सिरदर्द, धुंधला दिखने, भ्रूण के न हिलने या कम हिलने जैसी समस्याएं होती हैं उन्हें एचआरपी के तौर पर चिह्नित कर लिया जाता है। ऐसी महिलाओं का समय-समय पर फॉलोअप होने से शरीर में खून का स्तर, अन्य जटिलताएं आदि पर नजर होती है और समुचित इलाज मिलता है, ताकि मां सुरक्षित बन सके। इसलिए महीने की नौ तारीख को सभी गर्भवती को स्वास्थ्य केंद्रों पर अवश्य आना चाहिए।