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Deoria News: 1975 में रामेश्वर के पिता और 2019 में चालक की हुई थी हत्या
Fri, 02 Oct 2026 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 02 Oct 2026 11:48 PM IST
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लार। आरएसएस के स्वयं सेवक रामेश्वर तिवारी के पिता जयमंगल तिवारी की हत्या वर्ष 1975 में घर में घुसकर गला रेतकर हुई थी। 2019 में बिहार के रहने वाले ट्रैक्टर चालक संतोष कुमार की पीट कर हत्या कर दी गई थी। मामले में गांव के ही कुछ लोगों पर कार्रवाई की गई थी।
परिजन के मुताबिक, जयमंगल तिवारी घर पर ही खेती बाड़ी करवाते थे। जमीन अधिक होना कुछ लोगों को खटकता था। इसको लेकर उनसे भी विवाद चला। रामेश्वर तिवारी जब तीन साल के थे तब उनके पिता की हत्या हुई थी। मां कुंती देवी ने बच्चों का पालन-पोषण किया। बड़े होने के बाद रामेश्वर खुद खेती-किसानी करने लगे।
इसी बीच ट्रैक्टर और मिट्टी गिराने सहित राइस मिल का संचालन करने लगे। इसके लिए बिहार के रहने वाले संतोष को भी अपने काम पर रख लिया। संतोष काफी दिनों से परिवार के सदस्य की तरह घर रहने लगा। आरोप है कि किसी बात को गांव के ही लोगों ने उसकी लाठी-डंडे से पिटाई कर हत्या कर दी थी। शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया था। अभी परिवार के लोग दोनों घटनाओं को भूलने की कोशिश कर रहे थे।
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इसी बीच रामेश्वर तिवारी की हत्या ने पुराने जख्म को कुरेद दिया है। इन घटनाओं से भी पुलिस ने सबक नहीं ली। अब परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा विकास तिवारी है। परिजन सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे डीआईजी एस चनप्पा को बेटे विकास तिवारी ने इस बात की जानकारी दी। इस पर उन्होंने मौजूद पुलिसकर्मियों से तत्काल आरोपियों की पहचान खंगाल उनसे जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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परिजन के मुताबिक, जयमंगल तिवारी घर पर ही खेती बाड़ी करवाते थे। जमीन अधिक होना कुछ लोगों को खटकता था। इसको लेकर उनसे भी विवाद चला। रामेश्वर तिवारी जब तीन साल के थे तब उनके पिता की हत्या हुई थी। मां कुंती देवी ने बच्चों का पालन-पोषण किया। बड़े होने के बाद रामेश्वर खुद खेती-किसानी करने लगे।
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इसी बीच ट्रैक्टर और मिट्टी गिराने सहित राइस मिल का संचालन करने लगे। इसके लिए बिहार के रहने वाले संतोष को भी अपने काम पर रख लिया। संतोष काफी दिनों से परिवार के सदस्य की तरह घर रहने लगा। आरोप है कि किसी बात को गांव के ही लोगों ने उसकी लाठी-डंडे से पिटाई कर हत्या कर दी थी। शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया था। अभी परिवार के लोग दोनों घटनाओं को भूलने की कोशिश कर रहे थे।
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इसी बीच रामेश्वर तिवारी की हत्या ने पुराने जख्म को कुरेद दिया है। इन घटनाओं से भी पुलिस ने सबक नहीं ली। अब परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा विकास तिवारी है। परिजन सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे डीआईजी एस चनप्पा को बेटे विकास तिवारी ने इस बात की जानकारी दी। इस पर उन्होंने मौजूद पुलिसकर्मियों से तत्काल आरोपियों की पहचान खंगाल उनसे जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए।