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Deoria News: जहां की सेटिंग, वहीं लगा दिया यूनीपोल, अब खुलेगी पोल
Mon, 04 Mar 2024 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 04 Mar 2024 12:12 AM IST
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फोटो-लोगो और पीडीएफ लगाने का अनुरोध है-
अवैध यूनीपोल से कहीं हादसे का जोखिम तो कहीं ढंक गई लाइट
यूनीपोल का खुला खेल तो रिकॉर्ड बताने में कन्नी काट रहे हैं अधिकारी-कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में अवैध यूनीपोल के कारण कहीं रास्ते में हादसे का जोखिम है तो कहीं स्ट्रीट लाइट ढंक जाने से रात में सड़कों पर अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है। यूनीपोल इस कदर लगवाए गए हैं कि वाहन चालकों का ध्यान भटक जा रहा है। इस धंधे में जुड़े लोगों ने इस कदर मनमानी की है कि जहां जिसकी सेटिंग हुई, वहां पर यूनीपोल लगा लिया गया। अधिकारियों के बीच खींचतान हुई तो यूनीपोल का खेल खुल रहा है।
शहरी सीमा में शामिल हुए गांवों में लगे यूनीपोल की जांच की गई तो 70 यूनीपोल अवैध मिले थे। इस मामले में अवैध यूनीपोल लगवाकर काली कमाई करने वालों के खिलाफ जांच नहीं हो पाई है। इसी बीच अधिकारियों ने बीच शहर में सर्वे कराने का काम शुरू किया है। बताया जा रहा है कि शहरी क्षेत्र में भी 150 से अधिक यूनीपोल अवैध मिले हैं।
हालांकि, नगर पालिका परिषद के कर विभाग के अधिकारी अवैध के साथ वैध आंकड़ों को भी छिपाने में जुटे हैं ताकि गोलमाल से परदा न उठे। नगर पालिका परिषद में हुए इस गोलमाल के मामले में शहर और शहरी सीमा पर लगाए गए अवैध यूनीपोल में अलग-अलग लोग जिम्मेदार साबित होने वाले हैं।
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यह खेल ऐसा है कि एक यूनीपोल के लिए 22,500 रुपये वार्षिक शुल्क जमा होता है, लेकिन इसके लिए 10 से 13 हजार रुपये तक किराया मिलता है। जबकि अवैध यूनीपोल में सेटिंग करने वाले की जेब भरती है।
अमर उजाला की टीम ने रविवार को अवैध होर्डिंग की पड़ताल की तो देवरिया गोरखपुर रोड पर ओवरब्रिज से पहले एक स्थान पर तीन यूनीपोल लगे मिले। इनमें दो यूनीपोल पर नंबर नहीं है। दो यूनीपोल से सड़क के किनारे चार फीट रास्ता संकरा हो गया है, जबकि एक यूनीपोल से स्ट्रीट लाइट एक साइड के लिए ढंक गई है। इसी प्रकार इस मुख्य सड़क पर यूनीपोल लोगों की परेशानियों का कारण बन गए हैं। करीब 12 फीट की अंसारी रोड पर भी यूनीपोल नजर आ रहा है।
न्यू कॉलोनी रोड पर एक यूनीपोल सड़क पर मोड़ के किनारे लगाया गया है। इससे गाड़ियों को मुड़ने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
बोर्ड में उठाएंगे मुद्दा
सभासद गौहर अली ने बताया कि शहर में बड़े पैमाने पर अवैध यूनीपोल लगाए गए हैं। इस कारण लोगों को असुविधा हो रही है। जिस यूनीपोल पर नगर पालिका की ओर से नंबर नहीं डाला गया है, वह अवैध है। नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक में इस भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाएंगे।
बड़ा खेल है विज्ञापन में
नगर पालिका परिषद में यूनीपोल और होर्डिंग का बड़ा खेल होता है। वर्ष 2006-07 में विज्ञापन से नगर पालिका परिषद की वार्षिक आय 16 हजार रुपये थी। मैंने टेंडर कराया तो विरोध हुआ, लेकिन टेंडर के बाद राजस्व आठ लाख रुपये हो गया। यूनीपोल लगने से लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
-बसंत लाल श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद
ऐसा है नियम
यूनीपेाल लगाने के लिए बाइलाज बना है। होर्डिंग से किसी को असुविधा नहीं होनी चाहिए। यूनीपोल के कारण रास्ता और स्ट्रीट लाइट नहीं ढंकना चाहिए। चिह्नित स्थान पर यूनीपोल लगाने के लिए जांच और शुल्क जमा करने के बाद अनुमति दी जानी चाहिए।
-अमानुल्लाह खान, पूर्व प्रभारी कर निर्धारण अधिकारी, नपा
वर्जन
नगर पालिका क्षेत्र में सर्वे कराने पर 70 यूनीपोल अवैध मिले थे। इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। यूनीपोल के रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है, जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-शशि कला, कर निर्धारण अधिकारी, नगर पालिका
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अवैध यूनीपोल से कहीं हादसे का जोखिम तो कहीं ढंक गई लाइट
यूनीपोल का खुला खेल तो रिकॉर्ड बताने में कन्नी काट रहे हैं अधिकारी-कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में अवैध यूनीपोल के कारण कहीं रास्ते में हादसे का जोखिम है तो कहीं स्ट्रीट लाइट ढंक जाने से रात में सड़कों पर अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है। यूनीपोल इस कदर लगवाए गए हैं कि वाहन चालकों का ध्यान भटक जा रहा है। इस धंधे में जुड़े लोगों ने इस कदर मनमानी की है कि जहां जिसकी सेटिंग हुई, वहां पर यूनीपोल लगा लिया गया। अधिकारियों के बीच खींचतान हुई तो यूनीपोल का खेल खुल रहा है।
शहरी सीमा में शामिल हुए गांवों में लगे यूनीपोल की जांच की गई तो 70 यूनीपोल अवैध मिले थे। इस मामले में अवैध यूनीपोल लगवाकर काली कमाई करने वालों के खिलाफ जांच नहीं हो पाई है। इसी बीच अधिकारियों ने बीच शहर में सर्वे कराने का काम शुरू किया है। बताया जा रहा है कि शहरी क्षेत्र में भी 150 से अधिक यूनीपोल अवैध मिले हैं।
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हालांकि, नगर पालिका परिषद के कर विभाग के अधिकारी अवैध के साथ वैध आंकड़ों को भी छिपाने में जुटे हैं ताकि गोलमाल से परदा न उठे। नगर पालिका परिषद में हुए इस गोलमाल के मामले में शहर और शहरी सीमा पर लगाए गए अवैध यूनीपोल में अलग-अलग लोग जिम्मेदार साबित होने वाले हैं।
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यह खेल ऐसा है कि एक यूनीपोल के लिए 22,500 रुपये वार्षिक शुल्क जमा होता है, लेकिन इसके लिए 10 से 13 हजार रुपये तक किराया मिलता है। जबकि अवैध यूनीपोल में सेटिंग करने वाले की जेब भरती है।
अमर उजाला की टीम ने रविवार को अवैध होर्डिंग की पड़ताल की तो देवरिया गोरखपुर रोड पर ओवरब्रिज से पहले एक स्थान पर तीन यूनीपोल लगे मिले। इनमें दो यूनीपोल पर नंबर नहीं है। दो यूनीपोल से सड़क के किनारे चार फीट रास्ता संकरा हो गया है, जबकि एक यूनीपोल से स्ट्रीट लाइट एक साइड के लिए ढंक गई है। इसी प्रकार इस मुख्य सड़क पर यूनीपोल लोगों की परेशानियों का कारण बन गए हैं। करीब 12 फीट की अंसारी रोड पर भी यूनीपोल नजर आ रहा है।
न्यू कॉलोनी रोड पर एक यूनीपोल सड़क पर मोड़ के किनारे लगाया गया है। इससे गाड़ियों को मुड़ने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
बोर्ड में उठाएंगे मुद्दा
सभासद गौहर अली ने बताया कि शहर में बड़े पैमाने पर अवैध यूनीपोल लगाए गए हैं। इस कारण लोगों को असुविधा हो रही है। जिस यूनीपोल पर नगर पालिका की ओर से नंबर नहीं डाला गया है, वह अवैध है। नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक में इस भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाएंगे।
बड़ा खेल है विज्ञापन में
नगर पालिका परिषद में यूनीपोल और होर्डिंग का बड़ा खेल होता है। वर्ष 2006-07 में विज्ञापन से नगर पालिका परिषद की वार्षिक आय 16 हजार रुपये थी। मैंने टेंडर कराया तो विरोध हुआ, लेकिन टेंडर के बाद राजस्व आठ लाख रुपये हो गया। यूनीपोल लगने से लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
-बसंत लाल श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद
ऐसा है नियम
यूनीपेाल लगाने के लिए बाइलाज बना है। होर्डिंग से किसी को असुविधा नहीं होनी चाहिए। यूनीपोल के कारण रास्ता और स्ट्रीट लाइट नहीं ढंकना चाहिए। चिह्नित स्थान पर यूनीपोल लगाने के लिए जांच और शुल्क जमा करने के बाद अनुमति दी जानी चाहिए।
-अमानुल्लाह खान, पूर्व प्रभारी कर निर्धारण अधिकारी, नपा
वर्जन
नगर पालिका क्षेत्र में सर्वे कराने पर 70 यूनीपोल अवैध मिले थे। इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। यूनीपोल के रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है, जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-शशि कला, कर निर्धारण अधिकारी, नगर पालिका