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निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ धरना दिया
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:43 PM IST
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आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को मांग पत्र सौपा।
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देवरिया में निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन किया। ‘आप’ नेताओं का कहना था कि प्रत्येक वर्ष फीस में बढ़ोत्तरी की जा रही है। इसके चलते अभिभावकों पर बोझ बढ़ रहा है। इसके साथ ही सिविल सोसाइटी गठित करने की मांग की ताकि निजी स्कूलों की निगरानी की जा सके। मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम सदर को दिया।
संगठन से जुड़े कार्यकर्ता मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए और दोपहर एक बजे से धरना शुरू कर दिया। आधे घंटा तक सभा कर शिक्षा के बाजारीकरण पर गुस्सा जताया गया। अशोक गुप्त ने कहा कि निजी विद्यालयों पर कोई नियंत्रण नहीं है। वे खुलेआम लूट खसोट कर रहे हैं। प्रदेश सरकार उनके मनमानेपन पर अंकुश नहीं लगा रही है। इसके चलते उनके हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की तर्ज पर सरकारी स्कूल की व्यवस्था में सुधार की जाए। ताकि गरीब के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों में शिक्षा हासिल कर सके।
संगठन संयोजक रामकिशोर चौहान ने कहा कि स्कूल वाले चुनिंदा दुकानों से सामान खरीदने को बाध्य कर रहे हैं। इसके चलते कमीशन के रुप में मोटी धनराशि हासिल होती है। मनमानी फीस बढ़ोत्तरी करने वालों पर कार्रवाई की जाए। आदेश का उल्लंघन करने पर मान्यता रद्द करने की व्यवस्था हो। अवधेश यादव ने कहा कि निजी स्कूल में शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है। उनको वेतन के रुप में मामूली धनराशि दी जा रही है। इसके साथ ही स्कूल में सुरक्षा और उपलब्ध सुविधाओं के दावों का इंतजाम की जांच कराई जाए। इस दौरान कृष्णदेव सिंह, रुस्तम अंसारी, सुनील गुप्त, हरेंद्र राय, श्यामबिहारी राय, विक्की सिंह, प्रदीप राय, रीतेश मिश्र, ईश्वर शर्मा, उमेश राय, पौहारी राय आदि मौजूद रहे।
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संगठन से जुड़े कार्यकर्ता मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए और दोपहर एक बजे से धरना शुरू कर दिया। आधे घंटा तक सभा कर शिक्षा के बाजारीकरण पर गुस्सा जताया गया। अशोक गुप्त ने कहा कि निजी विद्यालयों पर कोई नियंत्रण नहीं है। वे खुलेआम लूट खसोट कर रहे हैं। प्रदेश सरकार उनके मनमानेपन पर अंकुश नहीं लगा रही है। इसके चलते उनके हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की तर्ज पर सरकारी स्कूल की व्यवस्था में सुधार की जाए। ताकि गरीब के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों में शिक्षा हासिल कर सके।
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संगठन संयोजक रामकिशोर चौहान ने कहा कि स्कूल वाले चुनिंदा दुकानों से सामान खरीदने को बाध्य कर रहे हैं। इसके चलते कमीशन के रुप में मोटी धनराशि हासिल होती है। मनमानी फीस बढ़ोत्तरी करने वालों पर कार्रवाई की जाए। आदेश का उल्लंघन करने पर मान्यता रद्द करने की व्यवस्था हो। अवधेश यादव ने कहा कि निजी स्कूल में शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है। उनको वेतन के रुप में मामूली धनराशि दी जा रही है। इसके साथ ही स्कूल में सुरक्षा और उपलब्ध सुविधाओं के दावों का इंतजाम की जांच कराई जाए। इस दौरान कृष्णदेव सिंह, रुस्तम अंसारी, सुनील गुप्त, हरेंद्र राय, श्यामबिहारी राय, विक्की सिंह, प्रदीप राय, रीतेश मिश्र, ईश्वर शर्मा, उमेश राय, पौहारी राय आदि मौजूद रहे।
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