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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में प्राइवेट मेडिकोलीगल बंद, उच्चाधिकारियों से लेनी होगी अनुमति
Tue, 30 Apr 2024 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 30 Apr 2024 01:30 AM IST
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सीएमएस कक्ष में इमरजेंसी मेडिकल अफसरों की हुई बैठक
एक शिफ्ट में एक स्टाफ नर्स व एक एमपीडब्ल्यू ही रह सकते हैं अवकाश पर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में अब प्राइवेट मेडिकोलीगल बंद कर दिया गया है। सोमवार को सीएमएस कक्ष में हुई बैठक में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसरों को निर्देश दिए गए। इसके अलावा इमरजेंसी की व्यवस्था और संसाधनों को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई।
सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने कहा कि प्राइवेट मेडिकोलीगल कराने के लिए लोग आते हैं। कुछ लोग इसका दुरुपयोग करते हैं। इस पर रोक लगाना जरूरी है। पूर्व में समाजसेवी संजय पाठक ने भी इस पर रोक लगाने की मांग की थी। सीएमएस ने प्राइवेट मेडिकोलीगल को बंद करने के निर्देश दिए। कहा कि जरूरी होने पर प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों के आदेश पर किया जाएगा। दुर्घटना, झुलसने, भवन गिरने से घायल आदि मामलों में मेडिकोलीगल किया जाएगा।
सीएमएस ने कहा कि इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ अधिक होती है। ऐसे में स्टाफ की कमी न रहे। एक शिफ्ट में छह स्टाफ नर्स व छह एमपीडब्ल्यू की ड्यूटी रहती है। कई लोग अवकाश पर रहते हैं। इससे परेशानी होती है। कहा कि एक दिन व एक शिफ्ट में एक से अधिक स्टाफ नर्स व एमपीडब्ल्यू साप्ताहिक व अवकाश पर नहीं रहेंगे। उन्होंने गर्मी को देखते हुए चार कूलर लगाए गए हैं। कहा कि नेबुलाइजेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है। दो मशीनें हैं। बताया कि ईसीजी की तीन मशीनेें हैं। इसमें एक का प्रिंटर खराब है। सीएमएस ने कहा कि इसके लिए कंपनी को निर्देश दिए गए हैं। ऑक्सीजन का फ्लो बढ़ाने की बात कही गई। सीएमएस ने इसे ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में दवा का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए।
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इस दौरान इमरजेंसी के नोडल अधिकारी डॉ. विजय कुमार गुप्ता, डॉ. एनके पांडेय, डॉ. रोहित सिंह, डॉ. चंद्रप्रकाश तिवारी, डॉ. राजन कुमार, फार्मासिस्ट राजेश तिवारी, हृदयानंद वर्मा आदि मौजूद रहे।
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एक शिफ्ट में एक स्टाफ नर्स व एक एमपीडब्ल्यू ही रह सकते हैं अवकाश पर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में अब प्राइवेट मेडिकोलीगल बंद कर दिया गया है। सोमवार को सीएमएस कक्ष में हुई बैठक में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसरों को निर्देश दिए गए। इसके अलावा इमरजेंसी की व्यवस्था और संसाधनों को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई।
सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने कहा कि प्राइवेट मेडिकोलीगल कराने के लिए लोग आते हैं। कुछ लोग इसका दुरुपयोग करते हैं। इस पर रोक लगाना जरूरी है। पूर्व में समाजसेवी संजय पाठक ने भी इस पर रोक लगाने की मांग की थी। सीएमएस ने प्राइवेट मेडिकोलीगल को बंद करने के निर्देश दिए। कहा कि जरूरी होने पर प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों के आदेश पर किया जाएगा। दुर्घटना, झुलसने, भवन गिरने से घायल आदि मामलों में मेडिकोलीगल किया जाएगा।
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सीएमएस ने कहा कि इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ अधिक होती है। ऐसे में स्टाफ की कमी न रहे। एक शिफ्ट में छह स्टाफ नर्स व छह एमपीडब्ल्यू की ड्यूटी रहती है। कई लोग अवकाश पर रहते हैं। इससे परेशानी होती है। कहा कि एक दिन व एक शिफ्ट में एक से अधिक स्टाफ नर्स व एमपीडब्ल्यू साप्ताहिक व अवकाश पर नहीं रहेंगे। उन्होंने गर्मी को देखते हुए चार कूलर लगाए गए हैं। कहा कि नेबुलाइजेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है। दो मशीनें हैं। बताया कि ईसीजी की तीन मशीनेें हैं। इसमें एक का प्रिंटर खराब है। सीएमएस ने कहा कि इसके लिए कंपनी को निर्देश दिए गए हैं। ऑक्सीजन का फ्लो बढ़ाने की बात कही गई। सीएमएस ने इसे ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में दवा का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए।
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इस दौरान इमरजेंसी के नोडल अधिकारी डॉ. विजय कुमार गुप्ता, डॉ. एनके पांडेय, डॉ. रोहित सिंह, डॉ. चंद्रप्रकाश तिवारी, डॉ. राजन कुमार, फार्मासिस्ट राजेश तिवारी, हृदयानंद वर्मा आदि मौजूद रहे।