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दो साल से शिक्षक तो महीनों से गायब मिले प्राचार्य
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Fri, 27 Apr 2018 10:49 PM IST
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बोलते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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बघौचघाट। शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पथरदेवा के घुड़ीपुर में रवींद्र किशोर शाही राजकीय डिग्री कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कॉलेज का पूरा स्टॉफ गायब मिला। कृषि मंत्री दंग उस समय रह गए जब एक ऐसा शख्स कॉलेज में मिल गया, जिसका प्राचार्य ने ही मानदेय पर रखा था। जिस पर गुस्सा कृषि मंत्री ने तत्काल उच्च शिक्षा निदेशक को निलंबित करने का निर्देश दिया।
रवींद्र किशोर शाही राजकीय डिग्री कॉलेज कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के चाचा के नाम पर है। क्षेत्र के लोगों ने मंत्री से शिकायत की थी कि न तो प्रचार्य आते हैं और न ही शिक्षक। ऐसे में क्षेत्र की छात्राओं की पढ़ाई बाधित होती है। शुक्रवार को जब मंत्री राजकीय डिग्री कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे तो गेट बंद था। किसी प्रकार एक सिपाही फाटक खोला और अंदर गया। अंदर कोई भी स्टॉप मौजूद नहीं था। कृषि मंत्री राजकीय डिग्री कॉलेज के अंदर गए तो वहां की हालत देख दंग रह गए। अंदर एक शख्स मिला उसने बताया कि साहब काफी दिनों से यहां कोई आता नहीं है। कक्षा भी नहीं चलती है। कृषि मंत्री ने जब रजिस्टर मंगाया तो दंग रह गए। दो-दो साल से अध्यापक अनुपस्थिति हैं। प्रवक्ता डॉ. कुसुम नाम की अध्यापक 2016 से अनुपस्थित थीं। प्राचार्य डॉ. राजकिशोर महीनों से गायब हैं। इसके अलावा प्रवक्ता डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. संजय कुमार, डॉ. कमलेश्वर और डॉ. पंकज झा भी गैरहाजिर मिले। कृषि मंत्री ने रजिस्ट्रर को सील करते हुए उच्च शिक्षा निदेशक से इनको निलंबित करने का निर्देश दिया। साथ ही कानूनी कार्रवाई भी करने के निर्देश दिए।
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रवींद्र किशोर शाही राजकीय डिग्री कॉलेज कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के चाचा के नाम पर है। क्षेत्र के लोगों ने मंत्री से शिकायत की थी कि न तो प्रचार्य आते हैं और न ही शिक्षक। ऐसे में क्षेत्र की छात्राओं की पढ़ाई बाधित होती है। शुक्रवार को जब मंत्री राजकीय डिग्री कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे तो गेट बंद था। किसी प्रकार एक सिपाही फाटक खोला और अंदर गया। अंदर कोई भी स्टॉप मौजूद नहीं था। कृषि मंत्री राजकीय डिग्री कॉलेज के अंदर गए तो वहां की हालत देख दंग रह गए। अंदर एक शख्स मिला उसने बताया कि साहब काफी दिनों से यहां कोई आता नहीं है। कक्षा भी नहीं चलती है। कृषि मंत्री ने जब रजिस्टर मंगाया तो दंग रह गए। दो-दो साल से अध्यापक अनुपस्थिति हैं। प्रवक्ता डॉ. कुसुम नाम की अध्यापक 2016 से अनुपस्थित थीं। प्राचार्य डॉ. राजकिशोर महीनों से गायब हैं। इसके अलावा प्रवक्ता डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. संजय कुमार, डॉ. कमलेश्वर और डॉ. पंकज झा भी गैरहाजिर मिले। कृषि मंत्री ने रजिस्ट्रर को सील करते हुए उच्च शिक्षा निदेशक से इनको निलंबित करने का निर्देश दिया। साथ ही कानूनी कार्रवाई भी करने के निर्देश दिए।
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