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झोलाछाप पर अंकुश लगाना जरूरी : सीएमओ
Sun, 05 May 2024 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 05 May 2024 12:29 AM IST
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धन्वंतरि सभागार में हुई आईएमए की बैठक
निजी अस्पताल के पंजीकरण में देखा जाए कि डॉक्टर का नाम आईएमए की सूची में है : अध्यक्ष आईएमए
- फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बैठक शनिवार को सीएमओ कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में हुई। इसमें बिना डाॅक्टर चल रहे पंजीकृत अस्पतालों के पंजीकरण और झोलाछाप पर अंकुश लगाने पर चर्चा की गई।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि आईएमए की सूची में शामिल सभी अस्पताल रजिस्ट्रेशन कराएं। अस्पतालों में जो भी डाॅक्टर अस्पताल पर विजिट कर रहे हों उनका रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। जहां भी डिलीवरी हो, वहां बर्थ रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। जो भी डिलीवरी हुई हो माह के आखिरी में उसकी डिटेल उपलब्ध कराएं। सभी अस्पताल इनफार्मेशन आईडी बनवाएं। टीबी मरीजों को निक्षय पोर्टल पर दर्ज कराएं।
उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में बच्चों व गर्भवती का टीका लगता है, वह अपने यहां के किसी स्टाफ को चिह्नित करें, जिससे उनका प्रशिक्षण कराया जाए। डेंगू, मलेरिया, कालाजार, फाइलेरिया, चिकनगुनिया के केस की सूचना स्वास्थ्य विभाग को जरूर उपलब्ध कराएं।
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दूसरे की डिग्री पर पंजीकरण कराकर झोलाछाप के निजी अस्पताल चलाने के सवाल पर आईएमए के अध्यक्ष डॉ. जेएन पांडेय ने कहा कि झोलाछाप पर रोक लगाना सीएमओ के कार्यक्षेत्र में है। निजी अस्पताल के पंजीकरण से पहले देख लिया जाए कि डॉक्टर का आईएमए की सूची में नाम शामिल है कि नहीं। संबंधित डॉक्टर कहां निवास कर रहा है। इससे निजी अस्पतालों में डॉक्टर की उपलब्धता से मरीजों को अच्छा उपचार मिलेगा।
इस दौरान एसीएमओ डॉ. संजय गुप्ता, एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र चौधरी, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. आरपी यादव, डॉ. विपिन बिहारी शुक्ला, डॉ. अरविंद मिश्रा, डॉ. महबूब आलम, डॉ. असीम कुमार, डॉ. इरशाद आलम, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. पंकज सिंह आदि मौजूद रहे।
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निजी अस्पताल के पंजीकरण में देखा जाए कि डॉक्टर का नाम आईएमए की सूची में है : अध्यक्ष आईएमए
- फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बैठक शनिवार को सीएमओ कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में हुई। इसमें बिना डाॅक्टर चल रहे पंजीकृत अस्पतालों के पंजीकरण और झोलाछाप पर अंकुश लगाने पर चर्चा की गई।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि आईएमए की सूची में शामिल सभी अस्पताल रजिस्ट्रेशन कराएं। अस्पतालों में जो भी डाॅक्टर अस्पताल पर विजिट कर रहे हों उनका रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। जहां भी डिलीवरी हो, वहां बर्थ रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। जो भी डिलीवरी हुई हो माह के आखिरी में उसकी डिटेल उपलब्ध कराएं। सभी अस्पताल इनफार्मेशन आईडी बनवाएं। टीबी मरीजों को निक्षय पोर्टल पर दर्ज कराएं।
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उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में बच्चों व गर्भवती का टीका लगता है, वह अपने यहां के किसी स्टाफ को चिह्नित करें, जिससे उनका प्रशिक्षण कराया जाए। डेंगू, मलेरिया, कालाजार, फाइलेरिया, चिकनगुनिया के केस की सूचना स्वास्थ्य विभाग को जरूर उपलब्ध कराएं।
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दूसरे की डिग्री पर पंजीकरण कराकर झोलाछाप के निजी अस्पताल चलाने के सवाल पर आईएमए के अध्यक्ष डॉ. जेएन पांडेय ने कहा कि झोलाछाप पर रोक लगाना सीएमओ के कार्यक्षेत्र में है। निजी अस्पताल के पंजीकरण से पहले देख लिया जाए कि डॉक्टर का आईएमए की सूची में नाम शामिल है कि नहीं। संबंधित डॉक्टर कहां निवास कर रहा है। इससे निजी अस्पतालों में डॉक्टर की उपलब्धता से मरीजों को अच्छा उपचार मिलेगा।
इस दौरान एसीएमओ डॉ. संजय गुप्ता, एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र चौधरी, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. आरपी यादव, डॉ. विपिन बिहारी शुक्ला, डॉ. अरविंद मिश्रा, डॉ. महबूब आलम, डॉ. असीम कुमार, डॉ. इरशाद आलम, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. पंकज सिंह आदि मौजूद रहे।