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जाम लगाए छात्रों पर पुलिस ने भांजी लाठियां
deoria
Updated Thu, 29 Nov 2018 10:57 PM IST
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जाम लगाए छात्र।
- फोटो : amar ujala
देवरिया। बीआरडी पीजी कॉलेज के नाम पर दर्ज भूमि का आवंटन रद्द किए जाने से क्षुब्ध छात्र गुरुवार को सड़क पर उतर आए। पहले गोरखपुर-देवरिया और फिर देवरिया-हाटा मार्ग पर करीब दो घंटे तक जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जाम हटवाने पहुंचे अफसरों से छात्रों की तीखी नोकझोंक हुई। तमाम कोशिश के बाद भी बात नहीं बनी तो पुलिस ने लाठियां भांज कर छात्रों को खदेड़ा। भगदड़ में कुछ छात्र घायल हुए हैं। बाद में कलेक्ट्रेट में डीएम ने छात्रों से वार्ता कर दस दिनों में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
बीआरडी पीजी कॉलेज के नाम पर वर्ष 1954 में देवरिया खास क्षेत्र की खतौनी में 11.258 हेक्टेयर भूमि दर्ज की गई थी। इसी भूमि के आधार पर कॉलेज में कृषि पाठ्यक्रम के संचालन को मंजूरी मिली थी। कृषि की पढ़ाई के लिए हर वर्ष यहां दूर-दराज से छात्र पहुंचते हैं। पिछले दिनों तहसील प्रशासन ने कॉलेज के नाम पर अंकित भूमि को निरस्त करते हुए उ,े बंजर, खरह व जंगल के रूप में दजज्ञ कर दिया। इससे कॉलेज में कृषि पाठ्यक्रम की पढ़ाई की मान्यता खतरे में पड़ गई है। कॉलेज के छात्र इससे आक्रोशित हैं। पिछले माह उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। तब उन्हें आश्वासन मिला था कि निरस्तीकरण की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। बावजूद इसके कोई कार्रवाई न होने से गुरुवार को कॉलेज के छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर गए।
छात्रसंघ अध्यक्ष जयसिंह यादव, महामंत्री रविशंकर नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने कॉलेज गेट के सामने गोरखपुर-देवरिया मार्ग जाम कर दिया। सूचना पाकर पहुंचे एसडीएम रामकेश यादव ने समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। इसके कुछ ही देर बाद छात्र देवरिया-हाटा मार्ग पर पहुंचे और पुरवा चौराहे के समीप जाम लगा दिया। एडीएम प्रशासन राकेश पटेल, एसडीएम रामकेश यादव, सीओ सदर वरुण कुमार मिश्र भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने छात्रों से वार्ता कर जाम खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अंत में पुलिस ने लाठी भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। खुद को बचाने की कोशिश में कई छात्र गिरकर जख्मी हुए। उनका निजी अस्पतालों में इलाज कराया गया। एसडीएम ने छात्र संघ अध्यक्ष, महामंत्री सहित कुछ छात्रों को हिरासत में ले लिया। सभी को कलेक्ट्रेट ले जाया गया। यहां डीएम की मौजूदगी में वार्ता हुई। डीएम अमित किशोर ने छात्रों को आश्वस्त किया कि कॉलेज की मान्यता खत्म नहीं होने दी जाएगी। जल्द ही इस मामले का समाधान कराया जाएगा। इसके बाद छात्र लौटे।
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दस दिनों में कार्रवाई नहीं तो फिर आंदोलन
- डीएम से वार्ता के बाद छात्र संघ अध्यक्ष जयसिंह यादव ने कहा कि नाम निरस्त करने के विरोध में पहले भी प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने समय मांगा था। इस बार फिर दस दिनों की मोहलत ली है। अगर इस अवधि में कॉलेज के नाम पर अंकित भूमि को निरस्त करने के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो नए सिरे से व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। इसकी पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी।
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जाम से हलकान हुए राहगीर, मची अफरातफरी
- मुख्य मार्ग पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे छात्रों ने पहले गोरखपुर-देवरिया मुख्य मार्ग को जाम किया। करीब एक घंटे बाद यहां से जाम खत्म कर पुरवा चौराहे के पास पहुंचकर हाटा मार्ग पर जाम लगा दिया। यहां भी करीब पौन घंटे तक आवागमन बाधित रहा। जाम के कारण दोनों मार्गों पर तथा गोरखपुर जाने वाले ओवरब्रिज पर वाहनों की कतार लग गई। राहगीरों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए अन्य वैकल्पिक मार्गों से घूमकर जाना पड़ा।
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कोट
जाम लगाए छात्रों को काफी समझाने का प्रयास किया गया, मगर वह जाम खत्म करने को तैयार नहीं थे। प्रदर्शनकारी राहगीरों से दुर्व्यवहार करते हुए वाहनों की चाभी छीन रहे थे। स्थिति बिगड़ते देख हल्का बल प्रयोग कर रास्ता खाली कराया गया। लाठीचार्ज नहीं हुआ था।
-वरुण कुमार मिश्र, सीओ सिटी।
कॉलेज अपनी जमीन बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। कमिश्नर के यहां निगरानी भी दाखिल है। सीएम को भी ज्ञापन दिया गया है। प्रबंध समिति के आजीवन सदस्य ने कृषि मंत्री से गुहार लगाई है। छात्रों को समझाया जा रहा है, लेकिन कॉलेज की मान्यता संकट से वे आक्रोशित हैं।
-डा. कमलापति, प्राचार्य।
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बीआरडी पीजी कॉलेज के नाम पर वर्ष 1954 में देवरिया खास क्षेत्र की खतौनी में 11.258 हेक्टेयर भूमि दर्ज की गई थी। इसी भूमि के आधार पर कॉलेज में कृषि पाठ्यक्रम के संचालन को मंजूरी मिली थी। कृषि की पढ़ाई के लिए हर वर्ष यहां दूर-दराज से छात्र पहुंचते हैं। पिछले दिनों तहसील प्रशासन ने कॉलेज के नाम पर अंकित भूमि को निरस्त करते हुए उ,े बंजर, खरह व जंगल के रूप में दजज्ञ कर दिया। इससे कॉलेज में कृषि पाठ्यक्रम की पढ़ाई की मान्यता खतरे में पड़ गई है। कॉलेज के छात्र इससे आक्रोशित हैं। पिछले माह उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। तब उन्हें आश्वासन मिला था कि निरस्तीकरण की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। बावजूद इसके कोई कार्रवाई न होने से गुरुवार को कॉलेज के छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर गए।
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छात्रसंघ अध्यक्ष जयसिंह यादव, महामंत्री रविशंकर नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने कॉलेज गेट के सामने गोरखपुर-देवरिया मार्ग जाम कर दिया। सूचना पाकर पहुंचे एसडीएम रामकेश यादव ने समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। इसके कुछ ही देर बाद छात्र देवरिया-हाटा मार्ग पर पहुंचे और पुरवा चौराहे के समीप जाम लगा दिया। एडीएम प्रशासन राकेश पटेल, एसडीएम रामकेश यादव, सीओ सदर वरुण कुमार मिश्र भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने छात्रों से वार्ता कर जाम खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अंत में पुलिस ने लाठी भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। खुद को बचाने की कोशिश में कई छात्र गिरकर जख्मी हुए। उनका निजी अस्पतालों में इलाज कराया गया। एसडीएम ने छात्र संघ अध्यक्ष, महामंत्री सहित कुछ छात्रों को हिरासत में ले लिया। सभी को कलेक्ट्रेट ले जाया गया। यहां डीएम की मौजूदगी में वार्ता हुई। डीएम अमित किशोर ने छात्रों को आश्वस्त किया कि कॉलेज की मान्यता खत्म नहीं होने दी जाएगी। जल्द ही इस मामले का समाधान कराया जाएगा। इसके बाद छात्र लौटे।
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दस दिनों में कार्रवाई नहीं तो फिर आंदोलन
- डीएम से वार्ता के बाद छात्र संघ अध्यक्ष जयसिंह यादव ने कहा कि नाम निरस्त करने के विरोध में पहले भी प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने समय मांगा था। इस बार फिर दस दिनों की मोहलत ली है। अगर इस अवधि में कॉलेज के नाम पर अंकित भूमि को निरस्त करने के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो नए सिरे से व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। इसकी पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी।
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जाम से हलकान हुए राहगीर, मची अफरातफरी
- मुख्य मार्ग पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे छात्रों ने पहले गोरखपुर-देवरिया मुख्य मार्ग को जाम किया। करीब एक घंटे बाद यहां से जाम खत्म कर पुरवा चौराहे के पास पहुंचकर हाटा मार्ग पर जाम लगा दिया। यहां भी करीब पौन घंटे तक आवागमन बाधित रहा। जाम के कारण दोनों मार्गों पर तथा गोरखपुर जाने वाले ओवरब्रिज पर वाहनों की कतार लग गई। राहगीरों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए अन्य वैकल्पिक मार्गों से घूमकर जाना पड़ा।
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कोट
जाम लगाए छात्रों को काफी समझाने का प्रयास किया गया, मगर वह जाम खत्म करने को तैयार नहीं थे। प्रदर्शनकारी राहगीरों से दुर्व्यवहार करते हुए वाहनों की चाभी छीन रहे थे। स्थिति बिगड़ते देख हल्का बल प्रयोग कर रास्ता खाली कराया गया। लाठीचार्ज नहीं हुआ था।
-वरुण कुमार मिश्र, सीओ सिटी।
कॉलेज अपनी जमीन बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। कमिश्नर के यहां निगरानी भी दाखिल है। सीएम को भी ज्ञापन दिया गया है। प्रबंध समिति के आजीवन सदस्य ने कृषि मंत्री से गुहार लगाई है। छात्रों को समझाया जा रहा है, लेकिन कॉलेज की मान्यता संकट से वे आक्रोशित हैं।
-डा. कमलापति, प्राचार्य।