पुलिस लाइंस में सिपाही हुए बागी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्पीड़न, वेतन विसंगतियों और पुलिस रेगुलेशन एक्ट में संसोधन की मांग को लेकर सोमवार को पुलिस लाइंस में तैनात कई सिपाही बगावत पर उतर आए।
सिपाहियों ने पुलिस लाइंस में मौजूद मेस के भोजन का बहिष्कार किया। अधिकारी मामले को दबाने में जुट गए। लेकिन विरोध में खड़े सिपाहियों ने फेसबुक और व्हाट्स एप पर फोटो अपलोड कर विरोध को और हवा दे दी। सिपाहियों के विरोध के बाद विभाग में खलबली मच गई है।
खुफिया विभाग के कान खड़े हो गए। सभी थानों से नए बैच के सिपाहियों के विरोध करने की बात कहीं जा रही है।
उत्तरप्रदेश पुलिए एसोसिएशन के सुबोध यादव के आह्वान पर पूरे प्रदेश में 23 नवंबर को काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया था।
कई पुलिस वाले आंदोलन को सफल बनाने के लिए लंबे समय से प्रयास रत थे। एसोसिएशन, वेतन विसंगतियों, उत्पीड़न, अनियमित ड्यूटी, अर्जित अवकाश के भुगतान और रेगुलेशन एक्ट सहित कई मुद्दों को लेकर विभाग में विरोध प्रदर्शन किया जाना था।
सूत्रों ने बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को पुलिस लाइंस में करीब 100 सिपाहियों ने मेस के भोजन का बहिष्कार कर दिया। जानकारी होने के बाद विभाग में खलबली मच गई। अधिकरियों ने जब वजह जानने की कोशिश की तो अधिकांश ने तबियत खराब होने का हवाला दे डाला।
आवाज दबाए जाने से नाराज पुलिसकर्मियों ने कालीपट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस लाइंस में बाकायदा फोटो खिंचवाकर फेसबुक पर अपलोड कर दिया।
तमाम पुलिसकर्मियों ने समर्थन भी दिया। इस संबंध में प्रतिसार निरीक्षक ने बताया कि भोजन करने वालों का नाम हर रोज रजिस्टर में अंकित होता है। सोमवार को सिपाहियों ने भोजन किया था। विरोध के स्वर कहां से उठ रहे है, मुझे जानकारी नहीं है।