{"_id":"581cc14b4f1c1bd635436cf4","slug":"performance-contract-workers-union","type":"story","status":"publish","title_hn":"संविदा वर्कर्स यूनियन का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संविदा वर्कर्स यूनियन का प्रदर्शन
देवरिया
Updated Fri, 04 Nov 2016 10:41 PM IST
विज्ञापन
संविदा वर्कर्स यूनियन ने प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका संविदा वर्कर्स यूनियन के लोगों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। केंद्र और प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया गया। चौकीदार, चपरासी और रसोइयों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की गई। इसके साथ ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये करने की बात कही गई।
यूनियन के लोग टाउनहाल परिसर में एकत्र हुए। यहां संविदा कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रेमलता पांडेय ने कहा कि सरकार श्रम कानूनों के विपरीत कार्य कर रही है। 24 घंटा काम कराने के बाद भी न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है। सातवें वेतन आयोग ने न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय देने की संस्तुति की है। यूनियन के जिलाध्यक्ष योगेश्वरनाथ तिवारी ने कहा कि संविदा कर्मचारी अब चुप रहने वाले नहीं हैं। हम अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। इसके बाद भी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
वहां भी नारेबाजी की गई। इसके बाद केंद्र और प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया गया। प्रदर्शन करने वालों में मानसिंह कुुशवाहा, प्रमोद कुमार, रीना देवी, दुलारी देवी, संगीता देवी, कालिंदी, बिंदू, बच्ची, शांति देवी, संजय, जयराम, विमला, किरन आदि प्रमुख रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूनियन के लोग टाउनहाल परिसर में एकत्र हुए। यहां संविदा कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रेमलता पांडेय ने कहा कि सरकार श्रम कानूनों के विपरीत कार्य कर रही है। 24 घंटा काम कराने के बाद भी न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है। सातवें वेतन आयोग ने न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय देने की संस्तुति की है। यूनियन के जिलाध्यक्ष योगेश्वरनाथ तिवारी ने कहा कि संविदा कर्मचारी अब चुप रहने वाले नहीं हैं। हम अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। इसके बाद भी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
विज्ञापन
वहां भी नारेबाजी की गई। इसके बाद केंद्र और प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया गया। प्रदर्शन करने वालों में मानसिंह कुुशवाहा, प्रमोद कुमार, रीना देवी, दुलारी देवी, संगीता देवी, कालिंदी, बिंदू, बच्ची, शांति देवी, संजय, जयराम, विमला, किरन आदि प्रमुख रहे।
विज्ञापन