{"_id":"689253b9fef103bfc20ce096","slug":"patient-distressed-by-ultrasound-turning-off-continued-examination-deoria-news-c-208-1-sgkp1009-160128-2025-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: अल्ट्रासाउंड बंद होने से मरीज परेशान, बाहर करानी पड़ रही जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: अल्ट्रासाउंड बंद होने से मरीज परेशान, बाहर करानी पड़ रही जांच
Wed, 06 Aug 2025 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 06 Aug 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
12 दिन से जांच ठप, निराश होकर लौट रहे मरीज
निजी सेंटरों पर खर्च करना पड़ रहा अधिक धन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच 12 दिन से ठप है। दूरदराज से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना पड़ रहा है। उन्हें जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। जरूरी होने पर कुछ लोगों को प्राइवेट जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां अधिक धन खर्च करना पड़ रहा है। इससे आर्थिक बाेझ पड़ रहा है। कीमत चुकाने में समक्ष न होने पर निराश होकर लौटना पड़ रहा है। यह समस्या रेडियोलाॅजिस्ट के अवकाश पर जाने से आई है। दो दिन बाद जांच शुरू होने की उम्मीद रही है।
मेडिकल कॉलेज अल्ट्रासाउंड जांच की निशुल्क सुविधा है, मगर रेडियोलाॅजिस्ट की कमी से मरीजों और तीमारदारों को दिक्कत हो रही है। पुरुष अस्पताल में मात्र एक रेडियोलाॅजिस्ट हैं। उनके अवकाश पर जाने से मरीजों को दिक्कत होती है। अस्पताल में शहर से लेकर ग्रामीणांचल के अलावा बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के मरीज आते हैं। ओपीडी के मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग सहित विभिन्न विभाग में आने वाले मरीजों को जरूरत पड़ने पर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड जांच लिखते हैं।
ओपीडी से रोजाना 60 से 70 मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी व वार्ड के मरीजों की ही जांच हो पाती है। रेडियोलाजिस्ट के न रहने से करीब बारह दिन से मरीजों को लौटना पड़ रहा है। कई दिन से चक्कर लगाने के बाद अस्पताल में जांच कराने की उम्मीद छोड़ कर निजी जांच सेंटरों का सहारा ले रहे हैं। रेडियोलाजिस्ट के अवकाश से आने के बाद दो दिन न्यायालय कार्य से जाना होगा। इसकी वजह से और दो दिन मरीजों को जांच के लिए परेशान होना होगा।
विज्ञापन
मदनपुर के हरिवंश, गौरीबाजार के रमेश, सलेमपुर के महेंद्र ने बताया कि डॉक्टर के लिखने पर जांच के लिए पहुंचा तो जांच न होने की जानकारी दी गई। तीन दिन से जांच की आस में आ रहे हैं, लेकिन अभी कई दिन जांच नहीं होगी। डॉक्टर के आने पर भीड़ होगी। दूर से आने पर देर हो जाएगा। अब निजी सेंटर से जांच करानी पड़ेगी, ताकि डॉक्टर को रिपोर्ट दिखा सकूं। आने-जाने में परेशानी होती है। समय बर्बाद होता है और धन भी खर्च होता है।
..
रिश्तेदार को लेकर अल्ट्रासाउंड कराने आया था। पेट में दर्द से पीड़ित होने पर डॉक्टर को जांच लिखी है, मगर जांच नहीं हो रही है। अब निजी सेंटर पर जांच कराना पड़ेगा, ताकि रिपोर्ट के आधार पर समुचित इलाज हो सके।
राहुल, सकरापार
..
बच्चे के पेट में परेशानी है। डॉक्टर को दिखाने पर अल्ट्रासाउंड कराने की डॉक्टर ने सहाल दी। तीन दिन से हर रोज आने पर जांच नहीं होने की जानकारी दी जा रही है। अभी दो दिन और रुकने को कहा जा रहा है।
-शांति देवी, साकेत नगर
..
रेडियोलाॅजिस्ट एक, जिम्मेदारी कई
मेडिकल कॉलेज के पुरुष अस्पताल में एक रेडियोलाॅजिस्ट की तैनाती है। वह अल्ट्रासाउंड करते हैं। इसके अलावा पुलिस मेडिकोलीगल, सीटी स्कैन रिपोर्ट के काउंटर साइन की जिम्मेदारी है। कोर्ट कार्य से गैर जिले में भी जाना पड़ता है।
..
कोट
अस्पताल में रेडियोलाॅजिस्ट की कमी है। इस संबंध में प्राचार्य के स्तर से शासन को सूचना दी गई है। रेडियोलाॅजिस्ट के आने पर जांच शुरू हो जाएगी। जल्द दो एसआर आने वाले हैं। इसके बाद जांच में आसानी होगी।
डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
विज्ञापन
निजी सेंटरों पर खर्च करना पड़ रहा अधिक धन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच 12 दिन से ठप है। दूरदराज से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना पड़ रहा है। उन्हें जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। जरूरी होने पर कुछ लोगों को प्राइवेट जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां अधिक धन खर्च करना पड़ रहा है। इससे आर्थिक बाेझ पड़ रहा है। कीमत चुकाने में समक्ष न होने पर निराश होकर लौटना पड़ रहा है। यह समस्या रेडियोलाॅजिस्ट के अवकाश पर जाने से आई है। दो दिन बाद जांच शुरू होने की उम्मीद रही है।
मेडिकल कॉलेज अल्ट्रासाउंड जांच की निशुल्क सुविधा है, मगर रेडियोलाॅजिस्ट की कमी से मरीजों और तीमारदारों को दिक्कत हो रही है। पुरुष अस्पताल में मात्र एक रेडियोलाॅजिस्ट हैं। उनके अवकाश पर जाने से मरीजों को दिक्कत होती है। अस्पताल में शहर से लेकर ग्रामीणांचल के अलावा बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के मरीज आते हैं। ओपीडी के मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग सहित विभिन्न विभाग में आने वाले मरीजों को जरूरत पड़ने पर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड जांच लिखते हैं।
विज्ञापन
ओपीडी से रोजाना 60 से 70 मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी व वार्ड के मरीजों की ही जांच हो पाती है। रेडियोलाजिस्ट के न रहने से करीब बारह दिन से मरीजों को लौटना पड़ रहा है। कई दिन से चक्कर लगाने के बाद अस्पताल में जांच कराने की उम्मीद छोड़ कर निजी जांच सेंटरों का सहारा ले रहे हैं। रेडियोलाजिस्ट के अवकाश से आने के बाद दो दिन न्यायालय कार्य से जाना होगा। इसकी वजह से और दो दिन मरीजों को जांच के लिए परेशान होना होगा।
विज्ञापन
मदनपुर के हरिवंश, गौरीबाजार के रमेश, सलेमपुर के महेंद्र ने बताया कि डॉक्टर के लिखने पर जांच के लिए पहुंचा तो जांच न होने की जानकारी दी गई। तीन दिन से जांच की आस में आ रहे हैं, लेकिन अभी कई दिन जांच नहीं होगी। डॉक्टर के आने पर भीड़ होगी। दूर से आने पर देर हो जाएगा। अब निजी सेंटर से जांच करानी पड़ेगी, ताकि डॉक्टर को रिपोर्ट दिखा सकूं। आने-जाने में परेशानी होती है। समय बर्बाद होता है और धन भी खर्च होता है।
..
रिश्तेदार को लेकर अल्ट्रासाउंड कराने आया था। पेट में दर्द से पीड़ित होने पर डॉक्टर को जांच लिखी है, मगर जांच नहीं हो रही है। अब निजी सेंटर पर जांच कराना पड़ेगा, ताकि रिपोर्ट के आधार पर समुचित इलाज हो सके।
राहुल, सकरापार
..
बच्चे के पेट में परेशानी है। डॉक्टर को दिखाने पर अल्ट्रासाउंड कराने की डॉक्टर ने सहाल दी। तीन दिन से हर रोज आने पर जांच नहीं होने की जानकारी दी जा रही है। अभी दो दिन और रुकने को कहा जा रहा है।
-शांति देवी, साकेत नगर
..
रेडियोलाॅजिस्ट एक, जिम्मेदारी कई
मेडिकल कॉलेज के पुरुष अस्पताल में एक रेडियोलाॅजिस्ट की तैनाती है। वह अल्ट्रासाउंड करते हैं। इसके अलावा पुलिस मेडिकोलीगल, सीटी स्कैन रिपोर्ट के काउंटर साइन की जिम्मेदारी है। कोर्ट कार्य से गैर जिले में भी जाना पड़ता है।
..
कोट
अस्पताल में रेडियोलाॅजिस्ट की कमी है। इस संबंध में प्राचार्य के स्तर से शासन को सूचना दी गई है। रेडियोलाॅजिस्ट के आने पर जांच शुरू हो जाएगी। जल्द दो एसआर आने वाले हैं। इसके बाद जांच में आसानी होगी।
डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस