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Deoria News: धान की खरीद ने अब तक नहीं पकड़ी रफ्तार, किसान परेशान
Tue, 25 Nov 2025 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 25 Nov 2025 12:29 AM IST
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गौरी बाजार देवगांव स्थित धान क्रय केंद्र
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तरकुलवा। धान खरीद अभी जोर नहीं पकड़ पा रहा है। क्षेत्र के पांच क्रय केंद्रों पर अभी तक केवल 33 किसानों की 1033.20 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। कोन्हवलिया में बनाए गए पीसीएफ के धान क्रय केंद्र पर अभी तक खरीदारी शुरू ही नहीं हो पाई है।
इस बार धान खरीद के लिए कुल पांच क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें मंडी समिति के दो, खाद्य विभाग के दो और पीसीएफ का एक क्रय केंद्र शामिल है। इस बार सहकारी समितियों के माध्यम से धान खरीद की प्रक्रिया एक नवंबर से शुरू हुई है। धीरे-धीरे 24 दिन गुजर गए, लेकिन केवल 1033.20 क्विंटल धान की खरीद हो सकी है। यह सारी खरीद दो मंडी समिति और दो खाद्य विभाग क्रय केंद्र के माध्यम से की गई है। कोंहवलिया में बने पीसीएफ क्रय केंद्र पर अभी कोई किसान अपना धान लेकर नहीं पहुंचा है।
क्रय केंद्र प्रभारी जितेंद्र मद्धेशिया ने बताया कि बारिश की वजह से खेतों में पानी भर जाने के कारण धान की फसल जमीन पर गिर गई। इसके चलते कटाई व मढ़ाई के काम में देरी हुई है। जिन किसानों के धान की कटाई हो चुकी है, उनके धान में नमी है। इसके चलते खरीद अभी शुरू नहीं हो पाई है। खाद्य विभाग के एसएमआई धनंजय मिश्रा ने बताया कि खरीद शुरू हो चुकी है। अगले महीने से खरीद प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
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क्रय केंद्रों पर ताले, सत्यापन ठप
बरियारपुर। आसपास के क्रय केंद्रों पर भारी अव्यवस्था से किसान बेहाल हैं। कई केंद्र दिनभर बंद मिल रहे। कहीं बोरा उपलब्ध नहीं है और तो कहीं सत्यापन कर्मी समय पर नहीं पहुंच रहे। पोर्टल पर हिस्सेदारी के अनुसार धान की मात्रा भी बेहद कम दिखने से छोटे किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
किसानों ने बताया कि घरों में रखा धान बारिश में भीगने की वजह से खराब होने की कगार पर है। डिहा बसंत के रामपलट सिंह ने कहा केंद्र पर बोरा नहीं है, जिस वजह से धान की खरीद नहीं हो पा रही है। महुआबारी के भूपेंद्र प्रताप ने बताया कि आंशिक सत्यापन अटका पड़ा है और अधिकारी रोज सिर्फ तारीख बढ़ा रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि कागज सही होने के बावजूद सिस्टम गलत मात्रा दिखा रहा है। ऑनलाइन पंजीकरण करने वाले अधिकांश बटाईदार किसानों के आवेदन बिना स्पष्ट कारण निरस्त कर दिए गए। अधिकारी केवल इतना जवाब दे रहे हैं पोर्टल हैंग है, चित्र अपलोड में दिक्कत है।
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कोट
कुछ जगहों पर धान में नमी से दिक्कत है तो कहीं-कहीं पोर्टल पर भी परेशानी है। हालांकि अक्तूबर की बारिश के चलते इस बार किसान अभी तक धान की कटाई-मड़ाई में व्यस्त हैं। अब धीरे-धीरे केंद्रों पर धान आना शुरू हो गया है। बटाईदार किसान भी पंजीकरण कर फसल बेच सकते हैं।
शुलभ आनंद, डिप्टी आरएमओ
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इस बार धान खरीद के लिए कुल पांच क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें मंडी समिति के दो, खाद्य विभाग के दो और पीसीएफ का एक क्रय केंद्र शामिल है। इस बार सहकारी समितियों के माध्यम से धान खरीद की प्रक्रिया एक नवंबर से शुरू हुई है। धीरे-धीरे 24 दिन गुजर गए, लेकिन केवल 1033.20 क्विंटल धान की खरीद हो सकी है। यह सारी खरीद दो मंडी समिति और दो खाद्य विभाग क्रय केंद्र के माध्यम से की गई है। कोंहवलिया में बने पीसीएफ क्रय केंद्र पर अभी कोई किसान अपना धान लेकर नहीं पहुंचा है।
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क्रय केंद्र प्रभारी जितेंद्र मद्धेशिया ने बताया कि बारिश की वजह से खेतों में पानी भर जाने के कारण धान की फसल जमीन पर गिर गई। इसके चलते कटाई व मढ़ाई के काम में देरी हुई है। जिन किसानों के धान की कटाई हो चुकी है, उनके धान में नमी है। इसके चलते खरीद अभी शुरू नहीं हो पाई है। खाद्य विभाग के एसएमआई धनंजय मिश्रा ने बताया कि खरीद शुरू हो चुकी है। अगले महीने से खरीद प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
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क्रय केंद्रों पर ताले, सत्यापन ठप
बरियारपुर। आसपास के क्रय केंद्रों पर भारी अव्यवस्था से किसान बेहाल हैं। कई केंद्र दिनभर बंद मिल रहे। कहीं बोरा उपलब्ध नहीं है और तो कहीं सत्यापन कर्मी समय पर नहीं पहुंच रहे। पोर्टल पर हिस्सेदारी के अनुसार धान की मात्रा भी बेहद कम दिखने से छोटे किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
किसानों ने बताया कि घरों में रखा धान बारिश में भीगने की वजह से खराब होने की कगार पर है। डिहा बसंत के रामपलट सिंह ने कहा केंद्र पर बोरा नहीं है, जिस वजह से धान की खरीद नहीं हो पा रही है। महुआबारी के भूपेंद्र प्रताप ने बताया कि आंशिक सत्यापन अटका पड़ा है और अधिकारी रोज सिर्फ तारीख बढ़ा रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि कागज सही होने के बावजूद सिस्टम गलत मात्रा दिखा रहा है। ऑनलाइन पंजीकरण करने वाले अधिकांश बटाईदार किसानों के आवेदन बिना स्पष्ट कारण निरस्त कर दिए गए। अधिकारी केवल इतना जवाब दे रहे हैं पोर्टल हैंग है, चित्र अपलोड में दिक्कत है।
कोट
कुछ जगहों पर धान में नमी से दिक्कत है तो कहीं-कहीं पोर्टल पर भी परेशानी है। हालांकि अक्तूबर की बारिश के चलते इस बार किसान अभी तक धान की कटाई-मड़ाई में व्यस्त हैं। अब धीरे-धीरे केंद्रों पर धान आना शुरू हो गया है। बटाईदार किसान भी पंजीकरण कर फसल बेच सकते हैं।
शुलभ आनंद, डिप्टी आरएमओ