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Deoria News: जांच के दौरान मनरेगा में धांधली की खुली पोल
Fri, 25 Aug 2023 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 25 Aug 2023 12:41 AM IST
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देवरिया। रामपुर कारखाना विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चकबंदी उर्फ प्रानपुर में खंड विकास अधिकारी की मनरेगा की जांच में कराए गए कार्यों में धांधली सामने आई है। बीडीओ की ओर से ग्राम प्रधान एवं सचिव से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
ग्राम पंचायत चकबंदी उर्फ प्रानपुर में मनरेगा के तहत वर्ष 2023-24 में कराए गए कार्य की 29 जून को जांच की गई। इस दौरान ग्राम प्रधान, तकनीकी सहायक एवं ग्राम पंचायत सचिव मौजूद रहे। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से छेदी के खेत तक मिट्टी कार्य, सहदेव के खेत से नरेंद्र तिवारी के खेत तक चक मार्ग पर मिट्टी कार्य कराया गया था। जांच के दौरान पहले कार्य में 48,300 का भुगतान किया गया है। जबकि दूसरे कार्य में 448 मानव दिवस पर 10340 का भुगतान किया गया है। जांच के दौरान पाया गया कि मौके पर मानक से कम काम कराया गया है तथा शासकीय धन का अधिक भुगतान किया गया है। प्रस्तावित परियोजना के प्रकरण में प्राक्कलन विवरण एवं मापन के विवरण में अंतर पाया गया। मामले में खंड विकास अधिकारी अनिल सिंह (पीओ) ने वास्तविक कार्य एवं मापन में भिन्नता पाए जाने पर ग्राम पंचायत सचिव भूपेंद्र राय, ग्राम प्रधान मनीष त्रिपाठी तथा तकनीकी सहायक राजेश प्रताप सिंह को एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
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ग्राम पंचायत चकबंदी उर्फ प्रानपुर में मनरेगा के तहत वर्ष 2023-24 में कराए गए कार्य की 29 जून को जांच की गई। इस दौरान ग्राम प्रधान, तकनीकी सहायक एवं ग्राम पंचायत सचिव मौजूद रहे। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से छेदी के खेत तक मिट्टी कार्य, सहदेव के खेत से नरेंद्र तिवारी के खेत तक चक मार्ग पर मिट्टी कार्य कराया गया था। जांच के दौरान पहले कार्य में 48,300 का भुगतान किया गया है। जबकि दूसरे कार्य में 448 मानव दिवस पर 10340 का भुगतान किया गया है। जांच के दौरान पाया गया कि मौके पर मानक से कम काम कराया गया है तथा शासकीय धन का अधिक भुगतान किया गया है। प्रस्तावित परियोजना के प्रकरण में प्राक्कलन विवरण एवं मापन के विवरण में अंतर पाया गया। मामले में खंड विकास अधिकारी अनिल सिंह (पीओ) ने वास्तविक कार्य एवं मापन में भिन्नता पाए जाने पर ग्राम पंचायत सचिव भूपेंद्र राय, ग्राम प्रधान मनीष त्रिपाठी तथा तकनीकी सहायक राजेश प्रताप सिंह को एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
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