{"_id":"650a02d509be36d9520de786","slug":"only-kho-kho-womens-team-could-qualify-for-state-level-competition-deoria-news-c-208-1-sgkp1008-7754-2023-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता के लिए खो-खो की महिला टीम ही बन पाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता के लिए खो-खो की महिला टीम ही बन पाई
विज्ञापन
देवरिया। प्रदेश स्तरीय महिला जिम्नास्टिक, वाॅलीबाॅल एवं कबड्डी प्रतियोगिता में जिले की भागीदारी नहीं होगी। मंगलवार को आयोजित जिला ट्रायल में इन खेलों में एक भी खिलाड़ी नहीं पहुंची। ऐसे में केवल खो-खो की ही जिला टीम मंडल ट्रायल के लिए तैयार हो पाई। उधर कबड्डी एवं वाॅलीबाॅल संघ का कहना है कि इस ट्रायल की सूचना खेल विभाग की ओर से उन्हें नहीं दी गई थी।
खेल निदेशालय की ओर से 26 से 27 सितंबर तक आगरा में प्रदेश स्तरीय महिला जिम्नास्टिक एवं कबड्डी प्रतियोगिता तथा 26 से 28 सितंबर तक मिर्जापुर में महिला खो-खो एवं वाॅलीबाॅल स्टेट प्रतियोगिता आयोजित होनी है। मंगलवार को रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में इसके लिए जनपद टीम के चयन के लिए ट्रायल रखा गया था। खेल विभाग के जिम्मेदार जहां कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल व जिम्नास्टिक में जिले की टीम चुनने की तैयारी कर रहे थे, वहीं खिलाड़ियों के नहीं आने से उन्हें निराशा हाथ लगी।
केवल खो-खो में ही कुल 34 खिलाड़ी ट्रायल के लिए उपस्थित हुईं। प्रशिक्षक शालिनी शर्मा एवं दिवाकर मणि त्रिपाठी ने फिटनेस व गेम स्किल के बाद इनमें से बबली भारती, दीक्षा भारती, तन्नू चौहान, अमृता कन्नौजिया, आंचल निषाद, प्रीति निषाद, रोशनी कुमारी, अंशु वर्मा, बेबी भारती, ज्योति प्रसाद का चयन 21 व 22 सितंबर को होने वाले मंडल ट्रायल के लिए किया। यहीं से फाइनल रूप से गोरखपुर मंडल टीम का चयन किया जाएगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
नहीं चलते तीनों खेलों के प्रशिक्षण शिविर
स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिम्नास्टिक, कबड्डी एवं वाॅलीबाॅल का प्रशिक्षण शिविर वर्तमान में नहीं चलता। माना जा रहा है कि यह भी एक बड़ा कारण है खिलाड़ियों के मौजूद नहीं रहने का। जिम्मेदारों की ओर से भी ग्राउंड छोटा होने की बात कह अन्य प्रशिक्षण शिविर चलाने के लिए कोई पहल नहीं की जाती। खेल जगत से जुड़े लोग बताते हैं कि इन खेलों के शिविर चलते और प्रशिक्षक होता तो यहां की भी खिलाड़ी स्टेट प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करतीं।
-- -- -- -
खेल विभाग की ओर से उन्हें महिला वर्ष स्टेट कबड्डी प्रतियोगिता के ट्रायल की सूचना नहीं दी गई थी। मंगलवार की सुबह सूचना मिली तो वह गोरखपुर में थे, ऐसे में ट्रायल के लिए टीम को एकजुट कर भेज पाना संभव नहीं था।
-मुलायम सिंह यादव, जिला कबड्डी संघ के संयुक्त सचिव
-- -- --
खेल विभाग की ओर से इस ट्रायल के लिए जिला वाॅलीबाॅल संघ को सूचना नहीं दी गई थी। सूचना होती तो स्टेट प्रतियोगिता के लिए आयोजित ट्रायल में खिलाड़ी अवश्य पहुंची होतीं।
-व्यास चतुर्वेदी, जिला वाॅलीबाॅल संघ के सचिव
-- -- -
प्रदेश स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता के लिए मंगलवार को चार खेलों के ट्रायल रखे गए थे। इसमें केवल खो-खो की ही खिलाड़ी पहुंचीं। जिम्नास्टिक, कबड्डी तथा वाॅलीबाॅल की किसी खिलाड़ी के मौजूद नहीं रहने से अब इन खेलों में जिले की प्रतिभागिता नहीं होगी। ट्रायल की सूचना जिले के प्रमुख अखबारों में प्रकाशित कराई गई थीं।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी
विज्ञापन
खेल निदेशालय की ओर से 26 से 27 सितंबर तक आगरा में प्रदेश स्तरीय महिला जिम्नास्टिक एवं कबड्डी प्रतियोगिता तथा 26 से 28 सितंबर तक मिर्जापुर में महिला खो-खो एवं वाॅलीबाॅल स्टेट प्रतियोगिता आयोजित होनी है। मंगलवार को रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में इसके लिए जनपद टीम के चयन के लिए ट्रायल रखा गया था। खेल विभाग के जिम्मेदार जहां कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल व जिम्नास्टिक में जिले की टीम चुनने की तैयारी कर रहे थे, वहीं खिलाड़ियों के नहीं आने से उन्हें निराशा हाथ लगी।
विज्ञापन
केवल खो-खो में ही कुल 34 खिलाड़ी ट्रायल के लिए उपस्थित हुईं। प्रशिक्षक शालिनी शर्मा एवं दिवाकर मणि त्रिपाठी ने फिटनेस व गेम स्किल के बाद इनमें से बबली भारती, दीक्षा भारती, तन्नू चौहान, अमृता कन्नौजिया, आंचल निषाद, प्रीति निषाद, रोशनी कुमारी, अंशु वर्मा, बेबी भारती, ज्योति प्रसाद का चयन 21 व 22 सितंबर को होने वाले मंडल ट्रायल के लिए किया। यहीं से फाइनल रूप से गोरखपुर मंडल टीम का चयन किया जाएगा।
विज्ञापन
नहीं चलते तीनों खेलों के प्रशिक्षण शिविर
स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिम्नास्टिक, कबड्डी एवं वाॅलीबाॅल का प्रशिक्षण शिविर वर्तमान में नहीं चलता। माना जा रहा है कि यह भी एक बड़ा कारण है खिलाड़ियों के मौजूद नहीं रहने का। जिम्मेदारों की ओर से भी ग्राउंड छोटा होने की बात कह अन्य प्रशिक्षण शिविर चलाने के लिए कोई पहल नहीं की जाती। खेल जगत से जुड़े लोग बताते हैं कि इन खेलों के शिविर चलते और प्रशिक्षक होता तो यहां की भी खिलाड़ी स्टेट प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करतीं।
खेल विभाग की ओर से उन्हें महिला वर्ष स्टेट कबड्डी प्रतियोगिता के ट्रायल की सूचना नहीं दी गई थी। मंगलवार की सुबह सूचना मिली तो वह गोरखपुर में थे, ऐसे में ट्रायल के लिए टीम को एकजुट कर भेज पाना संभव नहीं था।
-मुलायम सिंह यादव, जिला कबड्डी संघ के संयुक्त सचिव
खेल विभाग की ओर से इस ट्रायल के लिए जिला वाॅलीबाॅल संघ को सूचना नहीं दी गई थी। सूचना होती तो स्टेट प्रतियोगिता के लिए आयोजित ट्रायल में खिलाड़ी अवश्य पहुंची होतीं।
-व्यास चतुर्वेदी, जिला वाॅलीबाॅल संघ के सचिव
प्रदेश स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता के लिए मंगलवार को चार खेलों के ट्रायल रखे गए थे। इसमें केवल खो-खो की ही खिलाड़ी पहुंचीं। जिम्नास्टिक, कबड्डी तथा वाॅलीबाॅल की किसी खिलाड़ी के मौजूद नहीं रहने से अब इन खेलों में जिले की प्रतिभागिता नहीं होगी। ट्रायल की सूचना जिले के प्रमुख अखबारों में प्रकाशित कराई गई थीं।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी