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अफगानिस्तान से 19 साथियों के साथ दिल्ली पहुंचा भलुअनी का नीतीश पहुंचा घर
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अफगानिस्तान से 19 साथियों के साथ दिल्ली पहुंचा भलुअनी का नीतीश
भलुअनी(देवरिया)। अफगानिस्तान में काबुल एयरपोर्ट न्यू बारगन रोड स्थित खान स्टील कंपनी में कैद भलुअनी के नीतीश 19 साथियों के साथ सकुशल दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे। सभी की खुशी के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। सभी ने सकुशल वतन वापसी पर भगवान और भारत सरकार को धन्यवाद दिया। जानकारी होने पर घर में खुशी का माहौल है। परिवार वालों का कहना है कि डेढ़ घंटे में कड़ी सुरक्षा के बीच आठ किलोमीटर की दूरी तय कर सभी काबुल एयरपोर्ट पहुंचे थे।
भलुअनी निवासी नीतीश कुमार 14 जुलाई को दूसरी बार रोजी की जुगत में अफगानिस्तान गए थे जहां हालात बिगड़ने पर फोन पर परिवार वालों से वतन वापसी की गुहार लगाई। 19 अगस्त को अमर उजाला में प्रकाशित का संज्ञान लेकर अधिकारियों ने शासन को अवगत कराया। दिल्ली एयरपोर्ट से नीतीश ने फोन पर बताया कि भारत सरकार की पहल पर एंबेसी के अमित कुमार और एमडी जोएब ने हम सभी को कड़े सुरक्षा घेरे में काबुल एयरपोर्ट पहुंचाया। वहां से सभी रविवार को सुबह 9:30 बजे किसी तरह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। नीतीश के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। जबकि घर पर खुशी का माहौल था। बहने रक्षाबंधन की थाली सजाकर भाई के घर आने का इंतजार कर रही है।
अफगानिस्तान के बदतर हैं हालात
भलुअनी। अफगानिस्तान पर तालिबानियों का कब्जा होने के बाद हालात दिन प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहे हैं। लोग सड़क पर उतर गए हैं। जबकि अन्य देश के लोग अपने वतन वापसी की फिराक में हैं। सड़कों पर खून-खराबा आम हो गया है। नीतीश का कहना है कि अमेरिकी सेनाओं के बीच किसी तरह काबुल एयरपोर्ट में दाखिल हो सका। एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद जान में जान आई।
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भलुअनी(देवरिया)। अफगानिस्तान में काबुल एयरपोर्ट न्यू बारगन रोड स्थित खान स्टील कंपनी में कैद भलुअनी के नीतीश 19 साथियों के साथ सकुशल दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे। सभी की खुशी के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। सभी ने सकुशल वतन वापसी पर भगवान और भारत सरकार को धन्यवाद दिया। जानकारी होने पर घर में खुशी का माहौल है। परिवार वालों का कहना है कि डेढ़ घंटे में कड़ी सुरक्षा के बीच आठ किलोमीटर की दूरी तय कर सभी काबुल एयरपोर्ट पहुंचे थे।
भलुअनी निवासी नीतीश कुमार 14 जुलाई को दूसरी बार रोजी की जुगत में अफगानिस्तान गए थे जहां हालात बिगड़ने पर फोन पर परिवार वालों से वतन वापसी की गुहार लगाई। 19 अगस्त को अमर उजाला में प्रकाशित का संज्ञान लेकर अधिकारियों ने शासन को अवगत कराया। दिल्ली एयरपोर्ट से नीतीश ने फोन पर बताया कि भारत सरकार की पहल पर एंबेसी के अमित कुमार और एमडी जोएब ने हम सभी को कड़े सुरक्षा घेरे में काबुल एयरपोर्ट पहुंचाया। वहां से सभी रविवार को सुबह 9:30 बजे किसी तरह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। नीतीश के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। जबकि घर पर खुशी का माहौल था। बहने रक्षाबंधन की थाली सजाकर भाई के घर आने का इंतजार कर रही है।
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अफगानिस्तान के बदतर हैं हालात
भलुअनी। अफगानिस्तान पर तालिबानियों का कब्जा होने के बाद हालात दिन प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहे हैं। लोग सड़क पर उतर गए हैं। जबकि अन्य देश के लोग अपने वतन वापसी की फिराक में हैं। सड़कों पर खून-खराबा आम हो गया है। नीतीश का कहना है कि अमेरिकी सेनाओं के बीच किसी तरह काबुल एयरपोर्ट में दाखिल हो सका। एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद जान में जान आई।
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