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नगर पालिका क्षेत्र का बदल गया भूगोल, बन सकते हैं 45 वार्ड
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गर पालिका सीमा विस्तार के नया नक्शा
- फोटो : DEORIA
नगर पालिका क्षेत्र का बदल गया भूगोल, बन सकते हैं 45 वार्ड
नगर पालिका का प्रस्तावित मानचित्र, 23 गांवों के वार्डों के परिसीमन की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका क्षेत्र का अब भूगोल बदल जाएगा। प्रस्तावित मानचित्र तैयार किया गया है। नए परिसीमन में वार्डों की संख्या करीब 45 होने की संभावना है। नगर पालिका का दायरा बढ़ने से आने वाले समय में नगर निगम की श्रेणी में भी देवरिया नगर पालिका आने की संभावना जताई जा रही है।
शहर के सीमा विस्तार होने पर अब दायरा करीब पांच किलोमीटर हो गया है। 23 गांवों के शामिल होने के बाद शहर का नक्शा में बड़ा बदला हुआ है। गांवों को नगर पालिका का हिस्सा बनने के बाद नए वार्डों के गठन की प्रक्रिया अब कुछ दिनों बाद शुरू हो जाएगी। बड़े गाटा संख्या से नगर पालिका क्षेत्रफल 39,38,416 हेक्टेयर बढ़ गया है। जबकि जनसंख्या 52,416 का इजाफ हुआ है। जबकि वर्तमान 1,29,429 थी।
अभी तक नगर पालिका क्षेत्र में 25 वार्ड थे, लेकिन अब नए सिरे से परिसीमन होने के बाद वार्डों की संख्या करीब 20 बढ़ने की संभावना है। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। जबकि दूसरी तरफ भविष्य के लिए भी संकेत अच्छे हैं कि अगर दायरा बढ़ा है तो नगर निगम की श्रेणी में भी आ सकता है, क्योंकि अभी कुछ गांव ऐसे हैं, जो नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के लिए प्रस्तावित थे, लेकिन किसी कारण वश इस बार नहीं शामिल हो सके। अगर इन गांवों को भी भविष्य में शामिल किया गया तो नगर निगम की श्रेणी में आ सकता है।
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गांव से आकर शहर में बनाया आशियाना, बन गए अध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर की राजनीति में ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों के लिए मुफीद साबित हुई है। अब देखना है कि नए गांवों के शामिल होने के बाद नगर पालिका की राजनीति में ऊंट किस करवट बैठता है, क्योंकि ग्रामीण वोटरों की संख्या में अच्छी खासी वृद्धि इस बार हो गई है।
आगामी चुनाव में नगर पालिका के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को लंबी दौड़ लगानी पड़ेगी, क्योंकि पहले क्षेत्र महज डेढ़ किलोमीटर का था। पर क्षेत्रफल इस बार तीनगुना बढ़ गया है। राजनीति का मैदान भी बड़ा हो गया है। गांव से शहर के वोटर बनने वाले लोग पहली बार निकाय चुनाव के साक्षी बनेंगे। नगर के चुनाव पर गौर किया जाए तो अध्यक्ष की कुर्सी पर ग्रामीण इलाकों से आकर शहर में निवास करने वालों का दबदबा रहा है। शहर से सटे बड़हरा गांव के मूल निवासी स्व. डॉ. रमेश बिहारी नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। जिनका मकान राघव नगर में है।
मझगांवा निवासी रामबाबू नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके हैं। शहर में भी मकान है। वर्तमान अध्यक्ष अलका सिंह भलुअनी विकास खंड के जरार निवासी हैं और राघव नगर में रहती हैं। भलुअनी के कोरया गांव निवासी डॉ. शिवहरि सिंह नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। आवास भुजौली कॉलोनी में है।
तरकुलवा के कैथवलिया गांव निवासी स्व. रामायण राव नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके हैं, जिनका मकान राघव नगर में है। इस बार देखना है कि नए गांवों के शामिल होने का असर शहर की राजनीति पर कितना पड़ता है। जबकि दूसरा इस चुनाव में दल का भी बड़ा महत्व होता है। माना जा रहा है कि इस बार नगर पालिका का चुनाव रोचक होगा।
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नगर पालिका का प्रस्तावित मानचित्र, 23 गांवों के वार्डों के परिसीमन की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका क्षेत्र का अब भूगोल बदल जाएगा। प्रस्तावित मानचित्र तैयार किया गया है। नए परिसीमन में वार्डों की संख्या करीब 45 होने की संभावना है। नगर पालिका का दायरा बढ़ने से आने वाले समय में नगर निगम की श्रेणी में भी देवरिया नगर पालिका आने की संभावना जताई जा रही है।
शहर के सीमा विस्तार होने पर अब दायरा करीब पांच किलोमीटर हो गया है। 23 गांवों के शामिल होने के बाद शहर का नक्शा में बड़ा बदला हुआ है। गांवों को नगर पालिका का हिस्सा बनने के बाद नए वार्डों के गठन की प्रक्रिया अब कुछ दिनों बाद शुरू हो जाएगी। बड़े गाटा संख्या से नगर पालिका क्षेत्रफल 39,38,416 हेक्टेयर बढ़ गया है। जबकि जनसंख्या 52,416 का इजाफ हुआ है। जबकि वर्तमान 1,29,429 थी।
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अभी तक नगर पालिका क्षेत्र में 25 वार्ड थे, लेकिन अब नए सिरे से परिसीमन होने के बाद वार्डों की संख्या करीब 20 बढ़ने की संभावना है। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। जबकि दूसरी तरफ भविष्य के लिए भी संकेत अच्छे हैं कि अगर दायरा बढ़ा है तो नगर निगम की श्रेणी में भी आ सकता है, क्योंकि अभी कुछ गांव ऐसे हैं, जो नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के लिए प्रस्तावित थे, लेकिन किसी कारण वश इस बार नहीं शामिल हो सके। अगर इन गांवों को भी भविष्य में शामिल किया गया तो नगर निगम की श्रेणी में आ सकता है।
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गांव से आकर शहर में बनाया आशियाना, बन गए अध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर की राजनीति में ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों के लिए मुफीद साबित हुई है। अब देखना है कि नए गांवों के शामिल होने के बाद नगर पालिका की राजनीति में ऊंट किस करवट बैठता है, क्योंकि ग्रामीण वोटरों की संख्या में अच्छी खासी वृद्धि इस बार हो गई है।
आगामी चुनाव में नगर पालिका के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को लंबी दौड़ लगानी पड़ेगी, क्योंकि पहले क्षेत्र महज डेढ़ किलोमीटर का था। पर क्षेत्रफल इस बार तीनगुना बढ़ गया है। राजनीति का मैदान भी बड़ा हो गया है। गांव से शहर के वोटर बनने वाले लोग पहली बार निकाय चुनाव के साक्षी बनेंगे। नगर के चुनाव पर गौर किया जाए तो अध्यक्ष की कुर्सी पर ग्रामीण इलाकों से आकर शहर में निवास करने वालों का दबदबा रहा है। शहर से सटे बड़हरा गांव के मूल निवासी स्व. डॉ. रमेश बिहारी नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। जिनका मकान राघव नगर में है।
मझगांवा निवासी रामबाबू नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके हैं। शहर में भी मकान है। वर्तमान अध्यक्ष अलका सिंह भलुअनी विकास खंड के जरार निवासी हैं और राघव नगर में रहती हैं। भलुअनी के कोरया गांव निवासी डॉ. शिवहरि सिंह नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। आवास भुजौली कॉलोनी में है।
तरकुलवा के कैथवलिया गांव निवासी स्व. रामायण राव नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके हैं, जिनका मकान राघव नगर में है। इस बार देखना है कि नए गांवों के शामिल होने का असर शहर की राजनीति पर कितना पड़ता है। जबकि दूसरा इस चुनाव में दल का भी बड़ा महत्व होता है। माना जा रहा है कि इस बार नगर पालिका का चुनाव रोचक होगा।