{"_id":"69e27964043860fe93025aa3","slug":"name-mismatch-in-aadhaar-khatauni-creating-hurdles-in-former-registry-deoria-news-c-208-1-sgkp1012-179646-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: आधार-खतौनी में नाम का मेल नहीं फॉर्मर रजिस्ट्री में आ रहीं अड़चनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: आधार-खतौनी में नाम का मेल नहीं फॉर्मर रजिस्ट्री में आ रहीं अड़चनें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया/सलेमपुर। फॉर्मर रजिस्ट्री को लेकर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आधार कार्ड और खतौनी में नाम का मिलान न होने से बड़ी संख्या में किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री अधर में अटकी हुई है।
प्रशासन की ओर से राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाने और सहज जन सेवा केंद्रों पर सुविधा उपलब्ध कराने के बावजूद समस्या पूरी तरह हल नहीं हो सकी है।
जिले के 761 ग्रामों में फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य चल रहा है। इसमें अब तक 2123 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। तहसीलवार आंकड़ों में देवरिया सदर में सबसे अधिक 702, सलेमपुर में 481, रुद्रपुर में 362, भाटपार रानी में 447 और बरहज में 231 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री दर्ज की गई है।
सबसे अधिक परेशानी उन किसानों को हो रही है, जिनका नाम खतौनी के मुख्य कॉलम में दर्ज नहीं है या आधार और राजस्व अभिलेखों में अंतर है।
ऐसी स्थिति में न सिर्फ फॉर्मर रजिस्ट्री रुक रही है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो रहा है। फॉर्मर रजिस्ट्री न होने की स्थिति में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलने में भी संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
वहीं सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने में भी दिक्कतें आ सकती हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ेगा।
हालांकि प्रशासन ने राजस्व संहिता की धारा 32/38 व 38/6 के तहत नाम संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी तालमेल की कमी समस्या बनी हुई है।
विज्ञापन
प्रशासन की ओर से राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाने और सहज जन सेवा केंद्रों पर सुविधा उपलब्ध कराने के बावजूद समस्या पूरी तरह हल नहीं हो सकी है।
जिले के 761 ग्रामों में फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य चल रहा है। इसमें अब तक 2123 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। तहसीलवार आंकड़ों में देवरिया सदर में सबसे अधिक 702, सलेमपुर में 481, रुद्रपुर में 362, भाटपार रानी में 447 और बरहज में 231 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री दर्ज की गई है।
विज्ञापन
सबसे अधिक परेशानी उन किसानों को हो रही है, जिनका नाम खतौनी के मुख्य कॉलम में दर्ज नहीं है या आधार और राजस्व अभिलेखों में अंतर है।
ऐसी स्थिति में न सिर्फ फॉर्मर रजिस्ट्री रुक रही है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो रहा है। फॉर्मर रजिस्ट्री न होने की स्थिति में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलने में भी संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
वहीं सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने में भी दिक्कतें आ सकती हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ेगा।
हालांकि प्रशासन ने राजस्व संहिता की धारा 32/38 व 38/6 के तहत नाम संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी तालमेल की कमी समस्या बनी हुई है।