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Deoria News: चार गांवों की पचास एकड़ से अधिक धान की रोपी गई फसलें डूबीं
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खुखुंदू क्षेत्र के पकड़ी खास गांव में पानी से डूबी धान की रोपाई की गई फसलें। संवाद
- खुखुंदू क्षेत्र के पकड़ी खास, गांगी, धोबी छापर और मकुनही के किसान चिंतित
- थोड़ा बहुत बचे धान के बेहन भी पानी में डूबकर हो रहे है खराब
फोटो समाचार...
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। क्षेत्र के चार गांवों के किसानों की तकरीबन 50 एकड़ से अधिक धान की रोपाई की फसल पानी में डूबी है। पानी कम नहीं होने से एक सप्ताह से फसलें दिखाई नहीं पड़ रही हैं। खेतों में तकरीबन दो से तीन फीट तक पानी भरा है। इसको लेकर किसान चिंतित हैं। उधर, थोड़ा बहुत धान का बेहन भी बचा था, वह भी पानी में डूबा है। इससे अब दोबारा रोपाई भी नहीं कराई जा सकती।
मानसूनी बारिश शुरू होने पर पकड़ी खास, धोबी छापर, मकुहनी और गांगी के किसानों ने धान का बेहन तैयार होने पर रोपाई शुरू कराई। हालांकि लगातार बारिश से रोपी गई फसलें और खेतों में तैयार धान के बेहन सब डूब गई। किसान बारिश खुलने पर पानी कम होने का इंतजार करते रहे। मगर ऐसा नहीं हुआ। मूसलधार बारिश होने से खेतों में फसलें डूबी है। बता दें कि अधिकतर किसानों ने रोपाई करा ली थी। एकाध ही छिटपुट किसान ऐसे बचे हुए थे। जो पानी अधिक होने से कम होने के इंतजार में रुक गए। हालांकि उनका भी बेहन खेतों में ही डूबा हुआ है।
क्षेत्र के किसान रामायण पांडेय,लक्ष्मी पांडेय, प्रवीण पांडेय, सुशील पांडेय, उमेश, श्रीगोपाल, रामनगिना पांडेय, अशोक पांडेय, लालबाबू, त्रिभुवन, हीरा कुशवाहा, मोहन, टिकू, पवन, वशिष्ठ, कमलेश, सुमंत, बीजनारायण, अशोक, रामानंद तिवारी समेत अन्य की रोपाई की गई धान की फसलें पानी में डूबी हैं। इन किसानों का कहना है कि अब दुबारा धान का बेहन भी नहीं डाला जा सकता है। बहुत देर हो चुकी है और खेतों में इतना जल्दी पानी भी नहीं कम होने वाला है। किसानों ने इसपर जिम्मेदारों का ध्यान आकृष्ट कराया है। ताकि उन्हें कुछ मुआवजा मिल सके।
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- थोड़ा बहुत बचे धान के बेहन भी पानी में डूबकर हो रहे है खराब
फोटो समाचार...
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। क्षेत्र के चार गांवों के किसानों की तकरीबन 50 एकड़ से अधिक धान की रोपाई की फसल पानी में डूबी है। पानी कम नहीं होने से एक सप्ताह से फसलें दिखाई नहीं पड़ रही हैं। खेतों में तकरीबन दो से तीन फीट तक पानी भरा है। इसको लेकर किसान चिंतित हैं। उधर, थोड़ा बहुत धान का बेहन भी बचा था, वह भी पानी में डूबा है। इससे अब दोबारा रोपाई भी नहीं कराई जा सकती।
मानसूनी बारिश शुरू होने पर पकड़ी खास, धोबी छापर, मकुहनी और गांगी के किसानों ने धान का बेहन तैयार होने पर रोपाई शुरू कराई। हालांकि लगातार बारिश से रोपी गई फसलें और खेतों में तैयार धान के बेहन सब डूब गई। किसान बारिश खुलने पर पानी कम होने का इंतजार करते रहे। मगर ऐसा नहीं हुआ। मूसलधार बारिश होने से खेतों में फसलें डूबी है। बता दें कि अधिकतर किसानों ने रोपाई करा ली थी। एकाध ही छिटपुट किसान ऐसे बचे हुए थे। जो पानी अधिक होने से कम होने के इंतजार में रुक गए। हालांकि उनका भी बेहन खेतों में ही डूबा हुआ है।
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क्षेत्र के किसान रामायण पांडेय,लक्ष्मी पांडेय, प्रवीण पांडेय, सुशील पांडेय, उमेश, श्रीगोपाल, रामनगिना पांडेय, अशोक पांडेय, लालबाबू, त्रिभुवन, हीरा कुशवाहा, मोहन, टिकू, पवन, वशिष्ठ, कमलेश, सुमंत, बीजनारायण, अशोक, रामानंद तिवारी समेत अन्य की रोपाई की गई धान की फसलें पानी में डूबी हैं। इन किसानों का कहना है कि अब दुबारा धान का बेहन भी नहीं डाला जा सकता है। बहुत देर हो चुकी है और खेतों में इतना जल्दी पानी भी नहीं कम होने वाला है। किसानों ने इसपर जिम्मेदारों का ध्यान आकृष्ट कराया है। ताकि उन्हें कुछ मुआवजा मिल सके।
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