फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   More than fifty acres of planted paddy crops in four villages were submerged.

Deoria News: चार गांवों की पचास एकड़ से अधिक धान की रोपी गई फसलें डूबीं

Sat, 13 Jul 2024 11:26 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2024 11:26 PM IST
विज्ञापन
More than fifty acres of planted paddy crops in four villages were submerged.
खुखुंदू क्षेत्र के पकड़ी खास गांव में पानी से डूबी धान की रोपाई की गई फसलें। संवाद
- खुखुंदू क्षेत्र के पकड़ी खास, गांगी, धोबी छापर और मकुनही के किसान चिंतित
विज्ञापन


- थोड़ा बहुत बचे धान के बेहन भी पानी में डूबकर हो रहे है खराब

फोटो समाचार...

संवाद न्यूज एजेंसी

खुखुंदू। क्षेत्र के चार गांवों के किसानों की तकरीबन 50 एकड़ से अधिक धान की रोपाई की फसल पानी में डूबी है। पानी कम नहीं होने से एक सप्ताह से फसलें दिखाई नहीं पड़ रही हैं। खेतों में तकरीबन दो से तीन फीट तक पानी भरा है। इसको लेकर किसान चिंतित हैं। उधर, थोड़ा बहुत धान का बेहन भी बचा था, वह भी पानी में डूबा है। इससे अब दोबारा रोपाई भी नहीं कराई जा सकती।

मानसूनी बारिश शुरू होने पर पकड़ी खास, धोबी छापर, मकुहनी और गांगी के किसानों ने धान का बेहन तैयार होने पर रोपाई शुरू कराई। हालांकि लगातार बारिश से रोपी गई फसलें और खेतों में तैयार धान के बेहन सब डूब गई। किसान बारिश खुलने पर पानी कम होने का इंतजार करते रहे। मगर ऐसा नहीं हुआ। मूसलधार बारिश होने से खेतों में फसलें डूबी है। बता दें कि अधिकतर किसानों ने रोपाई करा ली थी। एकाध ही छिटपुट किसान ऐसे बचे हुए थे। जो पानी अधिक होने से कम होने के इंतजार में रुक गए। हालांकि उनका भी बेहन खेतों में ही डूबा हुआ है।
विज्ञापन

क्षेत्र के किसान रामायण पांडेय,लक्ष्मी पांडेय, प्रवीण पांडेय, सुशील पांडेय, उमेश, श्रीगोपाल, रामनगिना पांडेय, अशोक पांडेय, लालबाबू, त्रिभुवन, हीरा कुशवाहा, मोहन, टिकू, पवन, वशिष्ठ, कमलेश, सुमंत, बीजनारायण, अशोक, रामानंद तिवारी समेत अन्य की रोपाई की गई धान की फसलें पानी में डूबी हैं। इन किसानों का कहना है कि अब दुबारा धान का बेहन भी नहीं डाला जा सकता है। बहुत देर हो चुकी है और खेतों में इतना जल्दी पानी भी नहीं कम होने वाला है। किसानों ने इसपर जिम्मेदारों का ध्यान आकृष्ट कराया है। ताकि उन्हें कुछ मुआवजा मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed