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Deoria News: मानसून सिर पर, नाला अधूरा.... जलभराव से होगी दुश्वारी
Mon, 08 Jun 2026 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 08 Jun 2026 12:12 AM IST
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देवरिया में सीसी रोड पर बन रहा नाला
देवरिया। छिटपुट बारिश के साथ प्री मानसून का आगाज हो गया है। इस बीच शहर से लेकर नगर पंचायतों तक में बन रहे नाले अधूरे होने से जलनिकासी व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। दिसंबर 2025 में पूरा होने वाले नाले का निर्माण अब भी जारी है। नतीजतन हल्की बारिश में भी सड़क पर जलभराव हो जाता है।
देवरिया शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए दो प्रमुख बड़े नालों का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। हनुमान मंदिर से लेकर चटनी गड़ही, अमेठी होते हुए कुर्ना नाला तक करीब 40 करोड़ की लागत से बन रहा नाला अधूरा है। इस नाले के भरोसे नगरपालिका शहर करीब आधी जलनिकासी को अंजाम देने का मंसूबा पाले हुए है।
जनवरी 2022 में शुरू हुए नाले का निर्माण दो साल में पूरा होना था। कार्यदायी संस्था जलनिगम ने सरकार से दिसंबर 2025 तक समय ले लिया। इसके बावजूद नाला अधूरा है। करीब सौ मीटर नाले का निर्माण बाकी है। धीमी गति से बन रहे नाले को लेकर लोगों में आक्रोश है। उमानगर निवासी अमित सिंह ने बताया नाला निर्माण से सीसी रोड पर आवागमन मुश्किल है। उमानगर का पूरा पानी इसी नाले में जाना है, पर निर्माण की धीमी गति ने मुश्किल खड़ी कर दी है।
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वहीं राघव नगर में कचहरी शिवमंदिर से होकर एसबीआई, एलआईसी होते हुए (केन कार्ट रोड) रामलीला मैदान होकर कोआपरेटिव चौराहे तक बन रहे आरसीसी नाले का निर्माण नगर पालिका करा रही है। इस नाले की धीमी गति को देखते हुए नगरपालिका भी सन्न है। नाले का निर्माण अभी वी मार्ट के पास तक हो पाया है। करीब 500 मीटर का कार्य अभी बाकी है।
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कोट
राघव नगर में नाला का निर्माण धीमी गति से करने के कारण ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। जरूरत पड़ी उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
संजय कुमार तिवारी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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दो माह में ही उखड़ गई विकास की परत
बैतालपुर। नगर पंचायत बैतालपुर के वार्ड संख्या 10 स्थित अस्पताल मार्ग पर दो माह पहले निर्मित नाला और स्लैब निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लाखों रुपये की लागत से बनाए गए नाले की हालत पहली ही बरसात से पहले खराब हो गई है।
स्थानीय निवासी पारस गुप्ता, जयप्रकाश यादव का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही नाले की दीवार में दरारें पड़ने लगी थीं। अब स्थिति यह है कि कई स्थानों पर नाले की दीवारें टूटने लगी हैं और स्लैब क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोगों का कहना है कि नाला तो बना दिया गया, लेकिन उसमें जमा होने वाले पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते नाले में लगातार पानी भरा रहता है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अमिताभ मणि ने कहा कि नाले के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। तकनीकी टीम से स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा। यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अधूरा नाला निर्माण जलभराव की बढ़ाएगी समस्या
भाटपार रानी। नगर में हो रहे नाले का निर्माण अधूरा है। इससे बारिश में कई मोहल्ले जल भराव की चपेट में आ जाएंगे। कई जगहों पर तकनीकी कारणों से और कुछ जगहों पर धनाभाव के चलते काम रुका हुआ है।
नगर में लगभग 6 करोड़ की लागत से भी 6 माह से जल निकासी से निजात पाने के लिए नाला का निर्माण कराया जा रहा है। थाना गेट से लेकर सड़क के दोनों तरफ रतसिया मोड, चिक टोली, मस्जिद रोड होते हुए दुर्गा मंदिर तक 1 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से बन रहा नाल बीच में चिकटोली, मस्जिद रोड और डॉ. केके मिश्रा के घर के पास तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य रुका हुआ है। यहां दोनों तरफ नाला निर्माण के लिए कम से कम 200 घरों को तोड़ना पड़ेगा। क्योंकि यहां सड़क सकरी है। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम लता ने बताया कि कुछ जगहों पर धनाभाव और कुछ जगहों पर तकनीकी कारणों से नाला निर्माण रुका हुआ है। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसे पूरा होने मे कम से कम 5 माह का समय लगेगा। संवाद
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देवरिया शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए दो प्रमुख बड़े नालों का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। हनुमान मंदिर से लेकर चटनी गड़ही, अमेठी होते हुए कुर्ना नाला तक करीब 40 करोड़ की लागत से बन रहा नाला अधूरा है। इस नाले के भरोसे नगरपालिका शहर करीब आधी जलनिकासी को अंजाम देने का मंसूबा पाले हुए है।
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जनवरी 2022 में शुरू हुए नाले का निर्माण दो साल में पूरा होना था। कार्यदायी संस्था जलनिगम ने सरकार से दिसंबर 2025 तक समय ले लिया। इसके बावजूद नाला अधूरा है। करीब सौ मीटर नाले का निर्माण बाकी है। धीमी गति से बन रहे नाले को लेकर लोगों में आक्रोश है। उमानगर निवासी अमित सिंह ने बताया नाला निर्माण से सीसी रोड पर आवागमन मुश्किल है। उमानगर का पूरा पानी इसी नाले में जाना है, पर निर्माण की धीमी गति ने मुश्किल खड़ी कर दी है।
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वहीं राघव नगर में कचहरी शिवमंदिर से होकर एसबीआई, एलआईसी होते हुए (केन कार्ट रोड) रामलीला मैदान होकर कोआपरेटिव चौराहे तक बन रहे आरसीसी नाले का निर्माण नगर पालिका करा रही है। इस नाले की धीमी गति को देखते हुए नगरपालिका भी सन्न है। नाले का निर्माण अभी वी मार्ट के पास तक हो पाया है। करीब 500 मीटर का कार्य अभी बाकी है।
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कोट
राघव नगर में नाला का निर्माण धीमी गति से करने के कारण ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। जरूरत पड़ी उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
संजय कुमार तिवारी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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दो माह में ही उखड़ गई विकास की परत
बैतालपुर। नगर पंचायत बैतालपुर के वार्ड संख्या 10 स्थित अस्पताल मार्ग पर दो माह पहले निर्मित नाला और स्लैब निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लाखों रुपये की लागत से बनाए गए नाले की हालत पहली ही बरसात से पहले खराब हो गई है।
स्थानीय निवासी पारस गुप्ता, जयप्रकाश यादव का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही नाले की दीवार में दरारें पड़ने लगी थीं। अब स्थिति यह है कि कई स्थानों पर नाले की दीवारें टूटने लगी हैं और स्लैब क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोगों का कहना है कि नाला तो बना दिया गया, लेकिन उसमें जमा होने वाले पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते नाले में लगातार पानी भरा रहता है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अमिताभ मणि ने कहा कि नाले के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। तकनीकी टीम से स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा। यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अधूरा नाला निर्माण जलभराव की बढ़ाएगी समस्या
भाटपार रानी। नगर में हो रहे नाले का निर्माण अधूरा है। इससे बारिश में कई मोहल्ले जल भराव की चपेट में आ जाएंगे। कई जगहों पर तकनीकी कारणों से और कुछ जगहों पर धनाभाव के चलते काम रुका हुआ है।
नगर में लगभग 6 करोड़ की लागत से भी 6 माह से जल निकासी से निजात पाने के लिए नाला का निर्माण कराया जा रहा है। थाना गेट से लेकर सड़क के दोनों तरफ रतसिया मोड, चिक टोली, मस्जिद रोड होते हुए दुर्गा मंदिर तक 1 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से बन रहा नाल बीच में चिकटोली, मस्जिद रोड और डॉ. केके मिश्रा के घर के पास तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य रुका हुआ है। यहां दोनों तरफ नाला निर्माण के लिए कम से कम 200 घरों को तोड़ना पड़ेगा। क्योंकि यहां सड़क सकरी है। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम लता ने बताया कि कुछ जगहों पर धनाभाव और कुछ जगहों पर तकनीकी कारणों से नाला निर्माण रुका हुआ है। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसे पूरा होने मे कम से कम 5 माह का समय लगेगा। संवाद