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Deoria News: नहीं भा रही मदरसा की पढ़ाई, पांच साल में घटे दौ सौ विद्यार्थी
Tue, 22 Aug 2023 11:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 22 Aug 2023 11:37 PM IST
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देवरिया। मदरसा शिक्षा परिषद के प्रति विद्यार्थियों का रुझान धीरे-धीरे कम हो रहा है। पांच साल के आंकड़ों पर गौर करें तो मदरसा में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या करीब दो सौ तक घटी है। वर्ष 2019 में 4782 छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया था। जबकि 2023 में 4547 छात्रों ने ही पढ़ाई पूरी की है।
ज्यादातर छात्र मुंशी, मौलवी, आलिम (10वी, 12वीं) की पढ़ाई पूरी करने के बाद विश्वविद्यालयों में दाखिला ले रहे हैं। उनका कहना है कि मदरसा शिक्षा परिषद के कामिल, फाजिल (स्नातक व स्नातकोत्तर) की डिग्री अन्य जगहों पर मान्य नहीं हो रही। सरकारी नौकरी पाने में कठिनाई हो रही है। जिले में कुल 115 मदरसे उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त हैं। इसमें 95 आलिया (10वीं से ऊपर) के हैं। 20 मदरसे फौकानिया (10वीं कक्षा से नीचे) के हैं। 17 मदरसों को राज्य सरकार से अनुदान मिलता है। यहां अरबी, फारसी के अलावा लगभग सभी विषयों की पढ़ाई होती है। इसके बावजूद छात्र-छात्राओं की संख्या में कमी आ रही है।
वर्जन:
ज्यादातर छात्रों की शिकायत होती है कि यहां के सर्टिफिकेट पर पासपोर्ट नहीं बनता। कुछ छात्र नौकरी नहीं मिलने की बात कहते हैं। जबकि मदरसा शिक्षा परिषद में अरबी, फारसी के अलावा सभी विषयों की पढ़ाई होती है।
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- शमशाद अहमद, प्रदेश सचिव मदरसा एसोसिएशन
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ज्यादातर छात्र मुंशी, मौलवी, आलिम (10वी, 12वीं) की पढ़ाई पूरी करने के बाद विश्वविद्यालयों में दाखिला ले रहे हैं। उनका कहना है कि मदरसा शिक्षा परिषद के कामिल, फाजिल (स्नातक व स्नातकोत्तर) की डिग्री अन्य जगहों पर मान्य नहीं हो रही। सरकारी नौकरी पाने में कठिनाई हो रही है। जिले में कुल 115 मदरसे उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त हैं। इसमें 95 आलिया (10वीं से ऊपर) के हैं। 20 मदरसे फौकानिया (10वीं कक्षा से नीचे) के हैं। 17 मदरसों को राज्य सरकार से अनुदान मिलता है। यहां अरबी, फारसी के अलावा लगभग सभी विषयों की पढ़ाई होती है। इसके बावजूद छात्र-छात्राओं की संख्या में कमी आ रही है।
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वर्जन:
ज्यादातर छात्रों की शिकायत होती है कि यहां के सर्टिफिकेट पर पासपोर्ट नहीं बनता। कुछ छात्र नौकरी नहीं मिलने की बात कहते हैं। जबकि मदरसा शिक्षा परिषद में अरबी, फारसी के अलावा सभी विषयों की पढ़ाई होती है।
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- शमशाद अहमद, प्रदेश सचिव मदरसा एसोसिएशन