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खौफ खत्म करने को सिंगापुर में खुशी बांट रहे कर्णकांत

Sun, 05 Apr 2020 09:45 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2020 09:45 PM IST
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karnakant giving happiness in singapur
कोरोना संकट के दौरान सिंगापुर में हिंदी के अध्यापक कर्णकांत - फोटो : DEORIA
खौफ खत्म करने को सिंगापुर में खुशी बांट रहे कर्णकांत
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रंग ला रही सिसवा के हिंदी शिक्षक की मेहनत, भारतवंशियों को इंटरनेट पर जोक्स सुना रहे
सुरेंद्र वत्स/अयोध्या चौरसिया
रुद्रपुर/पैकौली। तहसील क्षेत्र के सिसवा पांडेय गांव के रहने वाले एक शिक्षक सिंगापुर में खुशियां बांटकर कोरोना के खौफ को खत्म कर रहे हैं। करीब 40 वर्ष से सिंगापुर में हिंदी पढ़ा रहे कर्णकांत पांडेय कोरोना संकट के दौरान सिंगापुर में भरतवंशियों को इंटरनेट के माध्यम से कहानी, जोक्स और साहित्य सुनाकर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।

सिसवा पांडेय गांव निवासी केके पांडेय सिंगापुर के अंतरराष्ट्रीय ऐंग्लो चायनीज स्कूल में हिंदी के शिक्षक हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने के बाद वह पिछले 40 साल से सिंगापुर में हिंदी की अलख जगा रहे हैं। सिंगापुर में कोरोना संकट पर अमर उजाला से सोशल मीडिया के जरिए बातचीत में उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को सिंगापुर जैसे छोटे देश से महामारी से लड़ने का तरीका सीखना चाहिए। सार्स वायरस से सिंगापुर में हुई मौतों से सबक लेकर यह देश महामारी से लड़ने के लिए पहले से तैयार रहा। चीन में कोरोना वायरस का कहर शुुरू होते ही सिंगापुर में बचाव की तैयारियां शुरू हो र्गइं। यहां अब तक लॉकडाउन की स्थिति नहीं है। देश से लगी सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है। कोरोना से 250 लोग उबर चुके हैं। सिंगापुर में कोरोना से सिर्फ पांच लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना से उबरने के लिए सबसे अधिक जोर टेस्टिंग पर दिया जा रहा है। कंपनी, स्कूल, बाजार बंद नहीं हैं। सरकार की ओर जारी एडवाइजरी का लोग पालन कर रहे हैं। सामाजिक दूरी बनाने और सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार इधर, कुछ दिनों के लिए सर्किट ब्रेकर लगाने जा रही है। इसमें लोग अपने घर के अंदर रहेंगे। इस दौरान स्कूल कॉलेज ऑनलाइन संचालित होंगे। इस अवधि में शिक्षक इंटरनेट के माध्यम से घर में बैठे लोगों को जोक्स, कहानी और रुचिकर विषयों से नागरिकों का हौसला बढ़ाएंगे। कोरोना से अनुशासित रहकर ही पार पाया जा सकता है।
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