फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   illegal hospital seal

डीएम के आदेश पर छापा, अवैध अस्पताल सील

Sun, 20 Jun 2021 11:58 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:58 PM IST
विज्ञापन
illegal hospital seal
डीएम के आदेश पर छापा, अवैध अस्पताल सील
विज्ञापन

सलेमपुर। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ओम प्रकाश बरनवाल व सीओ कपिल मुनि सिंह ने लाइफ केयर हॉस्पिटल पर शनिवार की रात छापा मारा। वहां चार मरीजों का ऑपरेशन कर सुलाया गया था और डॉक्टर का पता नहीं था। हॉस्पिटल संचालक की अनियमितता देख अफसरों ने वहां मौजूद मरीजों को जिला अस्पताल में शिफ्ट करा कर अस्पताल को सील करा दिया। इसको लेकर अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप है।
गौरतलब है कि भटनी-भरथुआ मार्ग पर कोल्हुआ गांव के समीप अवैध रूप से अस्पताल संचालित किया जा रहा था जिसकी शिकायत किसी ने डीएम से की थी। तहसील क्षेत्र में कई अवैध अस्पताल हैं। अवैध अस्पताल के संचालकों की लापरवाही के चलते नगर में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके लोगों में सतर्कता नहीं है। हालांकि मामला को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने नगर समेत तहसील क्षेत्र के तमाम अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई की। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मेहरबानी से कुछ ही दिन बाद अस्पतालों का सील खोल दिया गया।
विज्ञापन

शनिवार की रात डीएम आशुतोष निरंजन के निर्देश पर एसडीएम ओम प्रकाश बरनवाल, सीओ कपिल मुनि सिंह, तहसीलदार रामाश्रय, कोतवाली प्रभारी नवीन कुमार मिश्र, सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार की टीम भटनी-भरथुआ मार्ग पर कोल्हुआ गांव के समीप अवैध रूप से संचालित हो रहे लाइफ केयर हॉस्पिटल पर पहुंची। जहां चार मरीज भर्ती थे। इसमें लार थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव निवासी ब्रह्मा यादव की पत्नी प्रभावती देवी, मईल थाना क्षेत्र के भागलपुर गांव निवासी राम तीरथ यादव की पत्नी रीता देवी व खुखुंदू थाना क्षेत्र के धनौती गांव निवासी रामप्रवेश की पत्नी राजमती देवी का बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव निवासी भीम कुमार की पत्नी शिल्पी पांडेय का ऑपरेशन कर प्रसव हुआ था। अफसरों को तीमारदारों ने बताया कि ऑपरेशन के पूर्व अस्पताल संचालक पंद्रह हजार रुपये जमा करा लिया है। हॉस्पिटल की जांच में वहां चार लोग मौजूद रहे। एक भी स्थायी चिकित्सक नहीं थे। ओटी की व्यवस्था नहीं थी। अस्पताल का पंजीयन भी सीएमओ कार्यालय से नहीं हुआ था। लिहाजा नर्सिंगहोम को सीज करवा दिया गया। इस बाबत एसडीएम ओमप्रकाश बरनवाल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर छापा मारा गया। वहां चार मरीजों का ऑपरेशन हुआ था। कोई डॉक्टर वहां मौजूद नहीं था। न ही अस्पताल संचालक के पास कोई कागजात मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed