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Deoria News: सुनने की क्षमता में कमी को नजरअंदाज करना घातक
Sat, 28 Feb 2026 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:26 AM IST
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग की ओपीडी के सामने कार्यक्रम को संबोधित करतीं प्
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के ईएनटी विभाग द्वारा शुक्रवार को विश्व श्रवण दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके माध्यम से श्रवण हानि (बधिरता) की रोकथाम और समय पर उपचार के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने किया। उन्होंने नवजात शिशुओं और बुजुर्गों में नियमित श्रवण जांच की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि सुनने की क्षमता में कमी को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप ने आधुनिक जीवनशैली और अत्यधिक शोर से होने वाले नुकसानों के प्रति सचेत किया। मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को बताया कि तेज आवाज में संगीत सुनना और कानों की सफाई में लापरवाही बरतना कितना हानिकारक है। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सुनने में समस्या होने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। इस अवसर पर सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. प्रियंका राय, डॉ. सुधा, डॉ. कन्हैया प्रसाद, डॉ. सिराजुद्दीन, डॉ. अनुराग शुक्ला, डॉ. अफसाना और डॉ. एसएस द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने किया। उन्होंने नवजात शिशुओं और बुजुर्गों में नियमित श्रवण जांच की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि सुनने की क्षमता में कमी को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप ने आधुनिक जीवनशैली और अत्यधिक शोर से होने वाले नुकसानों के प्रति सचेत किया। मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को बताया कि तेज आवाज में संगीत सुनना और कानों की सफाई में लापरवाही बरतना कितना हानिकारक है। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सुनने में समस्या होने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। इस अवसर पर सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. प्रियंका राय, डॉ. सुधा, डॉ. कन्हैया प्रसाद, डॉ. सिराजुद्दीन, डॉ. अनुराग शुक्ला, डॉ. अफसाना और डॉ. एसएस द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।
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