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Deoria News: बरईपट्टी माइनर टूटने से सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल डूबी
Fri, 19 Jan 2024 02:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 19 Jan 2024 02:40 AM IST
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किसानों ने माइनर की सफाई के नाम पर खानापूरी का लगाया आरोप
देवरिया। तरकुलवा ब्लॉक क्षेत्र में खजुरिया रजवाहा से निकली बरईपट्टी की माइनर कनकपुरा गन्ना तौल केंद्र और परसौनी गांव के बीच ओवरफ्लो होकर टूट गई। इससे करीब पचास किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है। किसानों का आरोप है कि माइनर की सफाई के नाम पर खानापूरी की गई है।
बरईपट्टी माइनर 31 दिसंबर को भी रामपुर धौताल गांव के सामने ओवरफ्लो होकर टूट गई थी। इससे करीब पंद्रह किसानों की 20 बीघा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। दो सप्ताह बाद बुधवार की रात परसौनी गांव के सामने फिर टूट गई। इससे आसपास के गांव तरकुलवा के ओमप्रकाश यादव, मठिया खरीद के सत्तार अंसारी, बशीर अहमद, मजीद, कनकपुरा के राजकुमार राव, अखिलेश सिंह, सत्येंद्र राव, योगेंद्र कुंवर परसौनी के कमलेश, मनोज, रामचंद्र, योगेंद्र आदि किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई।
किसानों का कहना है कि गंडक विभाग हर साल नहर व माइनर की सफाई करता है, लेकिन यह कार्य खानापूरी तक सिमट कर रह गया है। माइनर में उगी घास और जमा सिल्ट की सफाई नहीं होने से नहर में पानी आने पर या तो यह ओवरफ्लो हो जाती है, या अधिक दबाव पड़ने पर नहर की पटरी टूट जाती है। गंडक विभाग के जेई रमेश चौरसिया ने बताया कि नहर टूटने की सूचना मिली थी, इसे दुरूस्त करा दिया गया है।
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देवरिया। तरकुलवा ब्लॉक क्षेत्र में खजुरिया रजवाहा से निकली बरईपट्टी की माइनर कनकपुरा गन्ना तौल केंद्र और परसौनी गांव के बीच ओवरफ्लो होकर टूट गई। इससे करीब पचास किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है। किसानों का आरोप है कि माइनर की सफाई के नाम पर खानापूरी की गई है।
बरईपट्टी माइनर 31 दिसंबर को भी रामपुर धौताल गांव के सामने ओवरफ्लो होकर टूट गई थी। इससे करीब पंद्रह किसानों की 20 बीघा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। दो सप्ताह बाद बुधवार की रात परसौनी गांव के सामने फिर टूट गई। इससे आसपास के गांव तरकुलवा के ओमप्रकाश यादव, मठिया खरीद के सत्तार अंसारी, बशीर अहमद, मजीद, कनकपुरा के राजकुमार राव, अखिलेश सिंह, सत्येंद्र राव, योगेंद्र कुंवर परसौनी के कमलेश, मनोज, रामचंद्र, योगेंद्र आदि किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई।
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किसानों का कहना है कि गंडक विभाग हर साल नहर व माइनर की सफाई करता है, लेकिन यह कार्य खानापूरी तक सिमट कर रह गया है। माइनर में उगी घास और जमा सिल्ट की सफाई नहीं होने से नहर में पानी आने पर या तो यह ओवरफ्लो हो जाती है, या अधिक दबाव पड़ने पर नहर की पटरी टूट जाती है। गंडक विभाग के जेई रमेश चौरसिया ने बताया कि नहर टूटने की सूचना मिली थी, इसे दुरूस्त करा दिया गया है।

18जेएनडी10: मंहत अजय गिरी महाराज की फोटो।

18जेएनडी10: मंहत अजय गिरी महाराज की फोटो।

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